छत पर खोल सकेंगे रेस्तरां, निगम ने दी हरी झंडी

यमुनापार में खुले आसमान के नीचे छत पर रेस्तरां खोला जा सकेगा। पूर्वी दिल्ली नगर निगम इसके लिए बनाई गई नीति को मंजूरी प्रदान कर दी है। नीति के तहत शुल्क लेकर तीन साल तक छत पर रेस्तरां चलाने का लाइसेंस दिया जाएगा। लाइसेंस के लिए कुछ शर्ते रखी गई हैं। निगम अधिकारियों का मानना है कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही निगम की आय भी बढ़ेगी।

JagranSat, 18 Sep 2021 10:20 PM (IST)
छत पर खोल सकेंगे रेस्तरां, निगम ने दी हरी झंडी

जागरण संवाददाता, पूर्वी दिल्ली : यमुनापार में खुले आसमान के नीचे छत पर रेस्तरां खोला जा सकेगा। पूर्वी दिल्ली नगर निगम इसके लिए बनाई गई नीति को मंजूरी प्रदान कर दी है। नीति के तहत शुल्क लेकर तीन साल तक छत पर रेस्तरां चलाने का लाइसेंस दिया जाएगा। लाइसेंस के लिए कुछ शर्ते रखी गई हैं। निगम अधिकारियों का मानना है कि इससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। साथ ही निगम की आय भी बढ़ेगी। इतना देना होगा लाइसेंस शुल्क

छत पर रेस्तरां खोलने के लिए लाइसेंस के लिए दो वर्गों में शुल्क निर्धारित किया गया है। सामान्य बाजारों और स्थानों पर इस तरह के रेस्तरां खोलने के लिए 200 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से लाइसेंस शुल्क देना होगा। चार सितारा या उससे उच्च श्रेणी के होटल में छत पर रेस्तरां खोलना है, तो 400 रुपये प्रति वर्ग फुट की दर से लाइसेंस शुल्क चुकाना होगा। हर तीन साल बाद लाइसेंस का नवीनीकरण कराना होगा। इन शर्तो के साथ मिलेगा लाइसेंस

नगर निगम ने छत पर रेस्तरां की नीति में कड़ी शर्तें रखी हैं। नीति के तहत मेट्रोपोलिटन सिटी सेंटर, डिस्ट्रिक्ट सेंटर, सामुदायिक केंद्र, स्थानीय बाजार समेत मास्टर प्लान में निर्धारित स्थानों पर ही खुले में रेस्तरां खोलने का लाइसेंस दिया जाएगा। इसके लिए भवन स्वामी से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना होगा। छत पर खाना बनाने या स्टाल लगाने की इजाजत नहीं होगी, केवल टेबल लगाकर खाना परोसा जा सकेगा। छत को तिरपाल या फाइबर शीट लगाने की इजाजत नहीं होगी। सिर्फ टेबल पर उचित ऊंचाई पर छतरी लगाई जा सकेगी। उतरने और चढ़ने की उचित सीढ़ी होनी चाहिए। इसके लिए अग्निशमन विभाग की एनओसी भी लेनी होगी। ऐसी जगह छत पर रेस्तरां खोलने का लाइसेंस नहीं दिया जाएगा, जहां पर रास्ता बाधित होने की आशंका हो।

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छत पर खुला रेस्तरां खोलने के लिए नीति को मंजूरी दे दी गई है। इससे व्यवसाय और रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। निगम को भी आय होगी। लाइसेंस शुल्क लोगों की आर्थिक स्थिति को ध्यान में रख कर तय किया गया है। नीति में दी गई शर्तें पूरी होने पर ही लाइसेंस दिया जाएगा।

- श्याम सुंदर अग्रवाल, महापौर

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