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प्रतिदिन 10 लाख सैंपल जांच करने की तैयारी: डॉ. हर्षवर्धन

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली :

वैश्विक महामारी कोरोना के बढ़ते मामलों के बीच केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डॉ. हर्षवर्धन ने कहा है कि देश भर में मरीजों के ठीक होने की दर लगातार बढ़ रही है। मृत्यु दर में कमी आ रही है और जांच क्षमता बढ़ती जा रही है। इन आंकड़ों में हो रहे सुधार से देश कोरोना से लड़ाई में धीरे-धीरे विजय की तरफ बढ़ रहा है। उन्होंने यह बातें एम्स में आठ मंजिला अत्याधुनिक ओपीडी ब्लॉक का शुभारंभ करने के बाद कही। उन्होंने कहा कि आने वाले दिनों में कोरोना की रोकथाम व नए मरीजों की पहचान के लिए प्रतिदिन 10 लाख सैंपल जांच करने की तैयारी सरकार कर रही है।

उन्होंने कहा कि कोरोना के खिलाफ जंग लड़ते छह माह हो चुके हैं। अभी नहीं मालूम की यह जंग कब तक लड़ना है। मरीज तो ठीक होने के बाद इस बीमारी से उबर जाते हैं, लेकिन डॉक्टरों व स्वास्थ्य कर्मियों को अभी जोखिम भरे माहौल में काम करना है। चिकित्सा क्षेत्र ने जिस तरह से इसका सामाना किया है उससे इस बात में कोई शक नहीं कि इतनी बड़ी आबादी होने के बावजूद हर पैरामीटर पर दुनिया में बेहतर करने का दावा हम कर सकते हैं। हर दिन आंकड़े सुधर रहे हैं। अभी मृत्य दर 2.57 फीसद हो गई। मरीजों के ठीक होने की दर बढ़कर राष्ट्रीय स्तर पर 63.25 फीसद हो गई। आइसीयू में दो फीसद से भी कम व ऑक्सीजन पर तीन फीसद से भी कम मरीज हैं। वहीं महज 0.32 फीसद वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं।

उन्होंने कहा कि कोरोना की जांच के लिए एक समय देश में सिर्फ एक लैब थी। मौजूदा समय में अब 1234 लैब हो गई हैं। इस वजह से 15 जुलाई को तीन लाख सैंपल की जांच की गई। सरकार इसे बढ़ाकर प्रतिदिन 10 लाख सैंपल करने की इच्छा रखती है। अगले 12 हफ्ते में इसे क्रियान्वित करने के लिए तेजी से प्रयास भी किया जा रहा है। उन्होंने जांच क्षमता बढ़ाने में नई दिल्ली सहित सभी एम्स की भूमिका की तारीफ की।

एम्स ओपीडी में शुरू हुई एशिया की सबसे बडी स्मार्ट लैब

एम्स के नए ओपीडी में 15 करोड़ की लागत से एशिया की सबसे बड़ी स्मार्ट कोर लैब बनाई गई है। इस लैब में प्रतिदिन दो लाख सैंपल की जांच हो सकेगी। खास बात यह है कि एम्स में इलाज के लिए पहुंचे मरीज को उसी दिन जांच रिपोर्ट मिल जाएगी। इसलिए जांच कराने के बाद मरीज डॉक्टर को तुरंत अपना रिपोर्ट भी दिखा सकेंगे। इसलिए मरीज को बार-बार अस्पताल जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी। अभी इस लैब में 100 तरीके की जांच की सुविधा है। जल्द ही इसमें 270 तरीके की जांच की सुविधा हो जाएगी। इसमें ब्लड सैंपल 48 घंटे तक रखे जा सकेंगे। इसका फायदा यह होगा कि जरूरत महसूस होने पर डॉक्टर उसी सैंपल की दोबारा जांच भी करा सकते हैं। यह ऑटोमेटिक मशीन है, जिसमें कई तरह की अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। मौजूदा समय में बायोकेमिस्ट्री, हेमेटोलॉजी, इम्यूनोलॉजी इत्यादि से संबंधित जांच के लिए मरीजों को अलग-अलग लैबों में जाना पड़ता है। अब करीब हर तरह की जांच इस स्मार्ट लैब में उपलब्ध होगी। डॉक्टर बताते हैं कि इस लैब में कोरोना की जांच के लिए भी एक नई मशीन लगाई जाएगी जिसमें से प्रतिदिन एक हजार सैंपल की जांच हो सकेगी।

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