राजधानी में जलभराव के दुगुने हो गए स्थान, इस वजह से ठहर जाती है दिल्ली में वाहनों की रफ्तार, जानिए अन्य कारण

राजधानी में पहले जलभराव के 58 प्वाइंट थे लेकिन अब 113 ऐसे ठिकाने बन गए हैं जहां पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। इन 113 ठिकानों पर जलभराव के कारण वाहन चालकों को यातायात जाम से जूझना पड़ा है।

Vinay Kumar TiwariWed, 15 Sep 2021 12:22 PM (IST)
भारी बारिश के कारण नए स्थानों पर जलभराव होने का पता चला।

नई दिल्ली, [राकेश कुमार सिंह]। राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की तरह राजधानी दिल्ली में भी भारी बारिश होने पर जगह-जगह जलभराव होता है, जिससे यातायात में लोगों को व्यवधान पहुंचता है। राजधानी में जलभराव के कुछ पुराने प्वाइंट तो हैं ही, इस साल जलभराव के 100 से अधिक नए स्थानों की भी पहचान की गई है। दरअसल इस साल लगातार कई दिनों तक भारी बारिश के कारण नए स्थानों पर जलभराव होने का पता चला।

राजधानी में पहले जलभराव के 58 प्वाइंट थे, लेकिन अब 113 ऐसे ठिकाने बन गए हैं, जहां पानी सड़कों पर जमा हो जाता है। इन 113 ठिकानों पर जलभराव के कारण वाहन चालकों को यातायात जाम से जूझना पड़ा है। कई स्थानों पर सड़कों पर जलभराव के कारण गड्ढे भी बन जाते हैं, जिसके कारण अधिक समय के लिए यातायात प्रभावित होता है। दरअसल, इन स्थानों पर पहले अधिक जलभराव नहीं होता था, लेकिन इस बार मानसून के कई दिनों में रिकार्ड बारिश हुई, जिसके कारण यहां अधिक मात्र में पानी जमा हुआ।

करने होंगे साझा प्रयास

राजधानी में जहां भी जलभराव होता है, उसके बारे में तुरंत यातायात पुलिस संबंधित सरकारी एजेंसियों को सूचना देती है। इसी तरह नए स्थानों पर जलभराव होने की स्थिति में संबंधित एजेंसियों को जानकारी दी गई। आमतौर पर ये कहा जाता है कि विभिन्न सरकारी एजेंसियों के बीच तालमेल का अभाव है। हालांकि, मैं इसे सही नहीं मानता। यातायात पुलिस जलभराव को लेकर लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी), केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (सीपीडब्ल्यूडी), दिल्ली जल बोर्ड, सिंचाई विभाग एवं दिल्ली के तीनों नगर निगमों व नई दिल्ली नगरपालिका परिषद जैसे स्थानीय निकायों को लगातार अपडेट करती रहती है। ये

सरकारी एजेंसियां भी यातायात पुलिस की सूचनाओं को गंभीरता से लेकर उसपर कार्रवाई करती हैं।

यह सही है कि जलभराव के कुछ स्थान दिल्ली वासियों के लिए बीते कुछ सालों से परेशानी का सबब बने हुए हैं, लेकिन इनके बारे में भी संबंधित एजेंसियों को लगातार बताया जा रहा है और ये एजेंसियां जलभराव की स्थिति को दूर करने की कोशिशों में जुटी हुई हैं। मिंटो ब्रिज अंडरपास इसी का उदाहरण है, जहां हर बारिश में भारी जलभराव होता था और बस तक डूब जाती थीं, लेकिन

इस इस बार यहां इतना अधिक जलभराव नहीं हुआ।

बेहतर समन्वय का हुआ असर

जलभराव यातायात पुलिस के लिए अक्सर बड़ी चुनौती साबित होता है। सड़क पर पानी भरा होने के कारण वाहनों को निकलने का रास्ता नहीं मिलता और ट्रैफिक काफी धीमा हो जाता है। ट्रैफिक जितना देर तक धीमा होता है उतना ही लंबा जाम लग जाता है। बारिश के मौसम में अधिकतर लोग अपने वाहनों से ही कार्यालय जाना पसंद करते हैं, इसीलिए बारिश के दिनों में सड़कों पर जलभराव होता है तो यातायात के दबाव के कारण भारी जाम हो जाता है। यही नहीं, कई बार जलभराव के कारण सड़कों पर वाहन बंद हो जाते हैं, जिनके कारण भी यातायात पुलिस के लिए भारी परेशानी पैदा होती है। जलभराव के कारण किसी तरह का हादसा न होने पाए, यातायात पुलिस इसका भी पूरा खयाल रखती है।

अंडरपास में जलभराव होने की स्थिति में यातायात डायवर्ट कर दिया जाता है। इसे लेकर अधिक सतर्कता बरती जा रही है, यही वजह है कि इस बार मानसून के दिनों में ऐसी कोई अप्रिय घटना सामने नहीं आई। जलभराव की स्थिति में यातायात पुलिस अधिक सक्रिय होकर और अन्य एजेंसियों के साथ बेहतर समन्वय बनाकर काम करती है, ताकि दिल्लीवासियों को यातायात जाम और हादसों से बचाया जा सके।

मुक्तेश चंदर विशेष आयुक्त (यातायात), दिल्ली पुलिस।

एक नहीं, कई हैं कारण

- जलजमाव के पीछे मुख्य कारणों में पीडब्ल्यूडी व नगर निगमों के नालों की ठीक से सफाई न होना

- ड्रेनेज सिस्टम का सही तरीके से काम न करना

- नालों का ओवरफ्लो होना

- सड़कों व अंडरपास का निर्माण कार्य इत्यादि हैं

- दिल्ली में जुलाई 2020 में मिंटो ब्रिज अंडरपास में डूबने से एक व्यक्ति की हो गई थी मौत

- जुलाई 2021 में पुल प्रहलादपुर अंडरपास के पास नाले में डूबने से एक युवक की मौत हो गई थी

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