किसान नेता गुरुनाम सिंह चढ़ूनी बोले सरकार हमारी बस ये दो मांगे मान लें तो हम लौट जाएंगे अपने घर, जानिए क्या हैं ये मांगे?

Kisan Andolan-भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरूनाम सिंह चढ़ूनी ने अपने इंटरनेट मीडिया एकाउंट पर एक वीडियो संदेश जारी किया। इस वीडियो संदेश में उन्होंने साफतौर पर कहा कि कृषि कानून के बाद अब राज्य सरकारों को किसानों पर दर्द मुकदमे खत्म करने होंगे।

Vinay Kumar TiwariPublish:Thu, 02 Dec 2021 05:01 PM (IST) Updated:Fri, 03 Dec 2021 10:04 AM (IST)
किसान नेता गुरुनाम सिंह चढ़ूनी बोले सरकार हमारी बस ये दो मांगे मान लें तो हम लौट जाएंगे अपने घर, जानिए क्या हैं ये मांगे?
किसान नेता गुरुनाम सिंह चढ़ूनी बोले सरकार हमारी बस ये दो मांगे मान लें तो हम लौट जाएंगे अपने घर, जानिए क्या हैं ये मांगे?

नई दिल्ली, आनलाइन डेस्क। केंद्र सरकार ने तीनों कृषि कानून वापस ले लिए हैं तो अब किसानों की दूसरी मांग प्रमुखता से उठाई जा रही है। किसान नेता अब एमएसपी और किसानों पर दर्ज मुकदमों को रदद किए जाने की मांग कर रहे हैं। भारतीय किसान यूनियन के नेता गुरूनाम सिंह चढ़ूनी ने अपने इंटरनेट मीडिया एकाउंट पर एक वीडियो संदेश जारी किया। इस वीडियो संदेश में उन्होंने साफतौर पर कहा कि कृषि कानून के बाद अब राज्य सरकारों को किसानों पर दर्द मुकदमे खत्म करने होंगे। साथ ही एमएसपी पर चीजें क्लीयर करनी होगी उसी के बाद सीमा पर बैठे मोर्चा खत्म होगा। इससे पहले एक टीवी चैनल को दिए इंटरव्यू में चढ़ूनी ने यहां तक कह दिया था कि हरियाणा के सीएम मनोहर लाल खट्टर किसान आंदोलन को खत्म ही नहीं करना चाहते हैं। वो किसानों के हितों की बात ही नहीं करते हैं।

अपने ट्विटर हैंडल पर उन्होंने लिखा है कि हम अपने आंदोलनकारी किसान साथियों को मुकदमे भुगतने के लिए नहीं छोड़ सकते जब तक पूरे देश में आंदोलन के मुकदमे रद्द नहीं होते, MSP पर बात नहीं होती, शहीद किसानों के परिवारों को मुआवज़ा नहीं मिल जाता तब तक हम कोई भी मोर्चा नहीं उठाएंगे। मालूम हो कि सिंधु बार्डर पर 4 दिसंबर को इन्हीं सब मामलों को लेकर संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग होनी है। इसी मीटिंग में धरना प्रदर्शन को लेकर अन्य चीजें तय की जाएंगी।

इससे पहले 27 नवंबर को किसान मोर्चा की मीटिंग हुई थी। किसान संयुक्त मोर्चा की बैठक में 2-3 बातों पर चर्चा हुई है जैसे MSP की गारंटी, किसानों पर मुकदमे जो दर्ज़ हुए हैं उनको वापस लेने पर, जिन किसानों की मृत्यु हुई उनको मुआवज़ा देने पर और बिजली बिल के वापस लेने पर बातें हुईं हैं।