मतांतरण के खिलाफ सबसे बड़ा अभियान चलाएगी विहिप, 21 दिसंबर से शुरू, घर-घर पहुंचने की कोशिश

यह अभियान 21 दिसंबर से शुरू होकर इस वर्ष के अंत तक चलेगा। मतांतरण के खिलाफ बलिदान होने वाले स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान दिवस 23 दिसंबर पर बड़े कार्यक्रम होंगे। इन 10 दिनों में विभिन्न माध्यमों तथा घर-घर दस्तक देकर लोगों जागरूक किया जाएगा।

Vinay Kumar TiwariThu, 02 Dec 2021 07:00 PM (IST)
ईसाई मिशनरी व इस्लामिक मतांतरण की साजिशों के खिलाफ किया जाएगा जागरूक।

नई दिल्ली [नेमिष हेमंत]। पंजाब समेत देश के विभिन्न राज्यों में बड़े पैमाने पर मतांरण के आ रहे मामलों के बीच विश्व हिंदू परिषद (विहिप) इसके खिलाफ बड़े स्तर पर 10 दिवसीय राष्ट्रीय अभियान चलाने की तैयारी की है। यह अभियान 21 दिसंबर से शुरू होकर इस वर्ष के अंत तक चलेगा। मतांतरण के खिलाफ बलिदान होने वाले स्वामी श्रद्धानंद के बलिदान दिवस 23 दिसंबर पर बड़े कार्यक्रम होंगे। इन 10 दिनों में विभिन्न माध्यमों तथा घर-घर दस्तक देकर लोगों को इस मतांतरण के षणयंत्रों के माध्यमों और उसके परिणामों के बारे में जागरूक किया जाएगा।

विशेष बात कि इसमें देश में जन्में सभी मत, पंथ व संप्रदाय के संत व प्रमुख लाेगों को भी साथ लिया जाएगा। क्योंकि, इस मतांतरण के खेल में हिंदू, सिख, बौद्ध व जैन समुदाय के लोग प्रमुख निशाने पर हैं। इससे देश का कोई क्षेत्र भी अछूता नहीं है। मध्य प्रदेश, उत्तर प्रदेश, बिहार, पंजाब, छत्तीसगढ़, झारखंड, केरल, त्रिपुरा समेत अन्य राज्यों में छिटपूट या सामूहिक मतांतरण के मामले सामने आते रहते हैं। राष्ट्रीय राजधानी में भी इसका प्रयास बढ़ गया है।

विहिप के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार के मुताबिक चिंताजनक बात यह कि मतांतरण का यह षणयंत्र ग्रामीण व पिछड़े इलाकों से निकलकर शहरी व समृद्ध इलाकों तक पहुंच गया है। संपन्न और शिक्षित लोग भी बहकावे में आकर दूसरा धर्म अपना रहे हैं। यह गंभीर खतरे का संकेत है।

विहिप के राष्ट्रीय प्रवक्ता विनोद बंसल के मुताबिक लव जिहाद, लैंड जिहाद, जनसंख्या जिहाद, व आर्थिक जिहाद के साथ ही अन्य माध्यमों से मतांतरण का षणयंत्र पूरे देश में चल रहा है। इस्लामिक जेहादी व इसाई मिशनरियों द्वारा छल, कपट और पैसों के बल पर गरीब, शाेषित वंचित, वनवासी व दलित समुदाय के साथ संपन्न लोगों का मतांतरण कराया जा रहा है। चंगाई सभाओं के माध्यम से पूजा, जादू-टोना, टोटका, फर्जी इलाज और दिखावे के माध्यम से भोले भाले हिंदू समाज को भ्रमित करने का व्यापक जाल बुना गया है। जो आखिरकार देश को कमजोर बनाने की साजिश है।

ऐसे में इस अभियान के माध्यम से इस षणयंत्र का पोल खोलते हुए हिंदू समाज के ऐसे धर्म प्रेमी लोगों को जागरूक करने का काम होगा। उन्होंने बताया कि इस अभियान में गृह संपर्क के साथ ही सभाएं और गोष्ठियां आयोजित की जाएगी। पंफलेट व प्रचार सामग्री बांटे जाएंगे। मंदिरों व गुरुद्वारों के साथ संतों व धर्म प्रचारकों की मदद ली जाएगी। युवा, महिला, युवती व राष्ट्रभक्त संस्थाओं का भी साथ लिया जाएगा। उन 56 देशों का भी हवाला दिया जाएगा जिनके नागरिक समय रहते नहीं चेते और वर्तमान में ये राष्ट्र इस्लामिक बन गए।

बता दें कि इसके पहले इसी वर्ष मकर संक्रांति के अवसर पर विहिप ने 44 दिनों का सबसे बड़ा अभियान निधि समर्पण चलाया था। इसके माध्यम से अयोध्या में भव्य राममंदिर निर्माण से 12 करोड़ से अधिक परिवारों को जोड़ा गया था। मतांतरण के खिलाफ भी लाखों देश व धर्म भक्त जुड़ेंगे।

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