दिल्ली से UP-बिहार और झारखंड समेत अन्य राज्यों के रेल यात्रियों को राहत, 130 kmph की रफ्तार से चलेगी ट्रेन

लवे से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक पिछले कुछ सालों से दिल्ली-आगरा रूट पर चल रहा नेशनल ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम का पायलेट प्रोजेक्ट पूरी तरह सफल रहा है। अब जल्द ही 1200 किलोमीटर ट्रैक पर सिस्टम लगा दिया जाएगा।

By JP YadavEdited By: Publish:Thu, 21 Jan 2021 02:32 PM (IST) Updated:Thu, 21 Jan 2021 02:53 PM (IST)
दिल्ली से UP-बिहार और झारखंड समेत अन्य राज्यों के रेल यात्रियों को राहत, 130 kmph की रफ्तार से चलेगी ट्रेन
अब जल्द ही 1200 किलोमीटर ट्रैक पर सिस्टम लगा दिया जाएगा।

नई दिल्ली, ऑनलाइन डेस्क। सबकुछ ठीक रहा तो दिल्ली से उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल समेत अन्य राज्यों का सफर करने वाले लाखों ट्रेन यात्रियों का सफर और आसान होने जा रहा है। दरअसल, रेल प्रशासन की योजना ट्रेनों की रफ्तार 130 किलोमीटर करने की है। इससे यूपी-बिहार समेत कई राज्यों के लोगों को सफर कम समय का हो जाएगा। रेलवे से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, कोरोना काल के दौरान विभाग में कई बड़े बदलाव किए गए हैं। मसलन, रियल टाइम ट्रेन इन्फॉरर्मेशन सिस्टम के साथ अत्याधुनिक सिग्नलिंग सिस्टम, ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम में कई तरह के बदलाव किए गए हैं। इसके चलते डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर से पुरानी लाइनों पर ट्रैफिक लोड भी कम हुआ है। इसके बाद रेलवे प्रशासन इन पटरियों पर ट्रेनों की रफ्तार 130 किलोमीटर प्रति घंटे करने की योजना बना रहा है।

नेशनल ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम से दौड़ेगी ट्रेनें

रेलवे से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, पिछले कुछ सालों से दिल्ली-आगरा रूट पर चल रहा नेशनल ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम का पायलेट प्रोजेक्ट पूरी तरह सफल रहा है। अब जल्द ही 1200 किलोमीटर ट्रैक पर  सिस्टम लगा दिया जाएगा। इसी तरह डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर के खुल जाने से भी दिल्ली-कानपुर के बीच चलने वाली मालगाड़ी पैसेंजर ट्रैक से हट जाएंगी। 

दिल्ली-मुंबई व दिल्ली -कोलकाता रूट पर बढ़ेगी रफ्तार

गौरतलब है कि कुछ साल पहले ही दिल्ली-आगरा रूट पर तकरीबन 250 किलोमीटर नेशनल ऑटोमेटिक ट्रेन प्रोटेक्शन सिस्टम के सफल परीक्षण के बाद रेलवे ने जल्द ही 1200 किलोमीटर ट्रैक को इस सिस्टम से लैस करने की योजना तैयार की है। रेलवे के मुताबिक, आगामी 10 सालों के दौरान यानी 2030 तक सभी ट्रैक को इस सिस्टम से लैस करने की योजना है। इस योजना के तहत सबसे पहले ट्रेन की रफ्तार दिल्ली-मुंबई व दिल्ली -कोलकाता रूट पर बढ़ेगी। 

दीपक कुमार (मुख्य जनसंपर्क अधिकारी, उत्तर रेलवे) के मुताबिक, उत्तर रेलवे ने अपने पांच सेक्शन में ट्रेन की रफ्तार 110 किमी प्रतिघंटा करने में कामयाबी हासिल की है। जल्द ही दिल्ली-मुंबई व दिल्ली-कोलकाता रूट पर 130 किमी प्रतिघंटा की रफ्तार से ट्रेन चलेगी।

रेलवे स्मार्ट कोच के लिए स्मार्ट ओवर हेड वायर  तैयार कर रहा है, जिससे ट्रेनों की गति को मॉनीटर किया जाए। ट्रेनों की लेटलतीफी का भी मूल्यांकन किया जा सकेगा। इतना ही नहीं, अगर ट्रेन लेट होती है तो वापसी दिशा में क्लोन ट्रेन चलाकर ट्रेन की लेटलतीफी दूर की जा सकेगी। 

Coronavirus: निश्चिंत रहें पूरी तरह सुरक्षित है आपका अखबार, पढ़ें- विशेषज्ञों की राय व देखें- वीडियो

chat bot
आपका साथी