Electric Garbage Van: कूड़ा उठाने के लिए खरीदे गए दो सौ ई-कार्ट फांक रहे धूल

नेता प्रतिपक्ष मनोज त्यागी का कहना है कि निजी कंपनी को ठेका देने में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है।
Publish Date:Sat, 24 Oct 2020 10:37 AM (IST) Author: Sanjay Pokhriyal

स्वदेश कुमार, नई दिल्‍ली। करीब छह माह पहले पूर्वी निगम ने सांसद निधि के सहयोग से घर-घर से कूड़ा उठाने के लिए दो सौ ई-कार्ट (इलेक्ट्रिक ठेला) खरीदे थे। ई-कार्ट आज तक मुख्यालय में धूल फांक रहे हैं। इन्हें किसी वार्ड में नहीं लगाया गया। न तो इनके लिए चार्जिंग स्टेशन बनाए गए और न ही पार्किंग की व्यवस्था की गई। नतीजतन मुख्यालय में ही पड़े रहे। इनका कोई प्रयोग हुआ ही नहीं। अब पूर्वी निगम ने कूड़ा उठाने का ठेका निजी कंपनी को दे दिया है। अब ऐसे में उम्मीद कम ही है कि ये ई-कार्ट प्रयोग में आएंगे। इसे लेकर विपक्ष अब मुखर हो रहा है। विपक्ष में बैठी आम आदमी पार्टी शुरू से निजी कंपनी को ठेका देने के विरोध में थी। अब उसे हमलावर होने का मौका मिल गया है। 

नेता प्रतिपक्ष मनोज त्यागी का कहना है कि निजी कंपनी को ठेका देने में बड़ा भ्रष्टाचार हुआ है। जब निगम ने अपने स्तर पर कूड़ा उठाने की तैयारी कर रहा था तो फिर अचानक ऐसा क्या हुआ कि उसे निजी कंपनी को ठेका देना पड़ा। ई-कार्ट ही नहीं, निगम ने कूड़ा उठाने के लिए ट्रक और लोडर भी खरीदे थे। निजी कंपनी के आने से पहले कूड़ा उठाने के काम में लगे हुए निगम के सभी संसाधन अब बेकार हो गए हैं। यह सब निजी कंपनी को फायदा पहुंचाने के लिए किया गया है। उनका कहना है कि भाजपा के नेता पूर्वी निगम को निजीकरण की राह पर लेकर चल पड़े हैं। इसके बाद कर्मचारियों की छंटनी की भी आशंका है। उन्होंने कहा कि अधिकारी और भाजपा के नेता बताएं कि निगम के ट्रक, लोडर और ई-कार्ट का इस्तेमाल अब कहां किया जाएगा। बता दें कि निगम ने इसी महीने से कूड़ा उठाने का काम निजी कंपनी को सौंप दिया है। निजी कंपनी ने फिलहाल आठ वार्डों में काम शुरू कर दिया है। धीरे-धीरे इसे सभी वार्डों में लागू किया जाएगा।

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