दिल्ली के अस्पतालों में आज भी ऑक्सीजन की किल्लत, 2 दिन में हालात सामान्य होने का दावा

ऑक्सीजन दिल्ली आने में लगभग समय लगेगा।

oxygen in hospitals in Delhi केंद्र ने दिल्ली का ऑक्सीजन कोटा बढ़ाकर 480 मीट्रिक टन जरूर कर दिया है लेकिन 100 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आने में लगभग 72 घंटे से अधिक का समय लगेगा। यह ऑक्सीजन ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से आनी है।

Jp YadavThu, 22 Apr 2021 11:25 AM (IST)

नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। केंद्र सरकार ने दिल्ली को बड़ी राहत देते हुए ऑक्सीजन का कोटा बढ़ा दिया है, लेकिन इसे हासिल करने में अभी समय लगेगा। वहीं, लगातार तीसरे दिन कुछ अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी की बात सामने आ रही है। इससे पहले बुधवार शाम को दिल्ली के अस्पतालों में ऑक्सीजन की कमी को लेकर दिल्ली हाई कोर्ट में सुनवाई हुई थी। दिल्ली हाईकोर्ट ने ऑक्सीजन की कमी को लेकर केंद्र सरकार को फटकार लगाई थी। वहीं, बुधवार को ऑक्सीजन की कमी को लेकर लगातार दूसरे दिन भी दिल्ली के कई अस्पतालों में संकट बना रहा। कई अस्पतालों में केवल कुछ घंटे के लिए ही आक्सीजन बची है। कोरोना मामलों में चिंताजनक वृद्धि के साथ यदि इन अस्पतालों में समय से ऑक्सीजन नहीं पहुंची तो यहां भर्ती मरीजों का जीवन संकट में आ सकता है।

दिल्ली के सरोज अस्पताल में ऑक्सीजन खत्म होने की कगार पर है, यहां पर 120 कोरोना के मरीज भर्ती हैं। जल्दी ही ऑक्सीजन नहीं मिली तो यहां पर हाहाकार मच सकता है।

दरअसल, केंद्र ने दिल्ली का ऑक्सीजन कोटा बढ़ाकर 480 मीट्रिक टन जरूर कर दिया है, लेकिन 100 मीट्रिक टन ऑक्सीजन आने में लगभग 72 घंटे से अधिक का समय लगेगा। यह ऑक्सीजन ओडिशा और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से आनी है। हरियाणा से आने वाली 140 मीट्रिक टन ऑक्सीजन भी अभी वहां से रवाना नहीं हुई है।

जरूरत से कम हुई आपूर्ति

सोमवार और मंगलवार को जरूरत के मुकाबले कम ऑक्सीजन की आपूर्ति की गई। सोमवार को 700 मीट्रिक टन प्रतिदिन की जरूरत के मुकाबले 240 मीट्रिक टन और मंगलवार को 365 मीट्रिक टन ऑक्सीजन की आपूर्ति दिल्ली में की गई थी। चूंकि दिल्ली के पास आक्सीजन का अपना स्त्रोत नहीं है, इसलिए राजधानी दिल्ली की आपूर्ति हरियाणा और उत्तर प्रदेश से होती है।

10-12 घंटे का ऑक्सीजन बचा है

दिल्ली के इंद्रप्रस्थ अपोलो अस्पताल ने कहा है कि वर्तमान में, उसके पास अपने सभी मरीजों के लिए केवल 10-12 घंटे के लिए आक्सीजन की आपूर्ति उपलब्ध है, उसके पास कोई अन्य विकल्प नहीं है।

मैक्स में सिर्फ तीन घंटे की ऑक्सीजन बची

मणिपाल अस्पताल में 230 से अधिक कोरोना मरीज भर्ती हैं, लेकिन महज 12 घंटे का ऑक्सीजन बैकअप है। दूसरी ओर मैक्स अस्पताल, पटपड़गंज में सिर्फ तीन घंटे की ऑक्सीजन बची है। यहां पर करीब 262 कोरोना मरीज भर्ती हैं। मैक्स शालीमार बाग में 285 कोविड मरीजों के लिए ऑक्सीजन बैकअप केवल दो घंटे तक चल पाएगा।

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