देशभक्ति पार्क से स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृतियां बनेंगी यादगार, स्कूल के पार्क में लगेंगी 12 मूर्तियां

राजधानी के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को सच्चा देशभक्त बनाने के लिए ‘देशभक्ति पाठ्यक्रम’ के बाद अब ‘देशभक्ति पार्क’ का तोहफा मिला है। देशभक्ति पाठ्यक्रम में छात्रों को विभिन्न स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियां पढ़ाई जाएंगी। इससे उनमें देशभक्ति की भावना पैदा होगी।

Pradeep ChauhanSat, 25 Sep 2021 09:39 PM (IST)
रोहिणी सेक्टर-8 स्थित सर्वोदय कोएड विद्यालय का प्रतीकात्मक चित्र ।

नई दिल्ली [रीतिका मिश्रा]। राजधानी के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले छात्रों को सच्चा देशभक्त बनाने के लिए ‘देशभक्ति पाठ्यक्रम’ के बाद अब ‘देशभक्ति पार्क’ का तोहफा मिला है। देशभक्ति पाठ्यक्रम में छात्रों को विभिन्न स्वतंत्रता सेनानियों की कहानियां पढ़ाई जाएंगी। देश की आजादी में जीवन बलिदान करने वाले इन स्वतंत्रता सेनानियों की स्मृति को यादगार बनाने के लिए रोहिणी सेक्टर-8 स्थित सर्वोदय कोएड विद्यालय के प्रधानाचार्य अवधेश झा और उप प्रधानाचार्या भारती कालरा ने विद्यालय परिसर में ही ‘देशभक्ति पार्क’ का निर्माण करवाया है।

इस पार्क की परिकल्पना आजादी की लड़ाई में जीवन बलिदान करने वाले स्वतंत्रता सेनानियों को श्रद्धांजलि अर्पित करने के रूप में की गई है। ताकि भारत के लोग स्वतंत्र एवं शांतिपूर्वक जीवन जी सकें। प्रधानाचार्य अवधेश झा ने कहा कि आम जनता स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति नत-मस्तक तो है, लेकिन इन सेनानियों के बलिदानों से उनका कहीं सीधा रिश्ता नहीं जुड़ता है।

स्वतंत्रता सेनानियों ने आजाद भारत के लिए संघर्ष की गाथा कैसे गढ़ी, उनके समक्ष क्या-क्या चुनौतियां आई जिस पर हम सभी को गर्व होता है इन्हीं कल्पनाओं को साकार रूप देने के लिए इस पार्क का निर्माण कराया गया। यहां पर आकर छात्रों में देशभक्ति और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति सम्मान की भावना जागेगी। उन्होंने बताया कि उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया 26 सितंबर को देशभक्ति पार्क का उद्धाटन करेंगे।

स्कूल परिसर में दोनों तरफ लगाई गई हैं कुल 12 मूर्तियां

रोहिणी सेक्टर-8 स्थित इस स्कूल की ईमारत नई बनाई गई है। स्कूल में प्रवेश करते वक्त दाहिने और बाएं तरफ कुल 12 मूर्तियां लगाई गई हैं। सभी मूर्तियां छह फुट की हैं। इसमें सात मूर्तियां स्वतंत्रता सेनानियों की, तीन मूर्तियां पूर्व राष्ट्रपतियों की लगाई गई है। इसके साथ ही राजकीय चिन्ह अशोक स्तंभ और भारत के संविधान की मूल प्रति भी लगाई गई है। स्कूल में प्रवेश करते वक्त सबसे पहले बायी तरफ महात्मा गांधी की मूर्ति छात्रों को सत्य, अहिंसा और न्याय के रास्ते चलने का मार्ग सिखाएगी।

आगे बढ़ते ही चंद्रशेखर आजाद, नेताजी सुभाष चंद्र बोस, शहीद भगत सिंह, रानी लक्ष्मीबाई, डा बी आर अम्बेडकर, सरदार वल्लभ भाई पटेल की मूर्ति छात्रों को ये सीख देगी कि चाहे कुछ भी हो जाए लेकिन राष्ट्र सर्वोपरि है। इसके साथ ही पूर्व राष्ट्रपति डा राजेंद्र प्रसाद, सर्वपल्ली राधाकृष्णन और डा एपीजे अब्दुल कलाम की मूर्ति शिक्षकों के प्रति सम्मान करने का भाव पैदा करेगी। सभी मूर्तियों में संक्षिप्त में उनके बारे में भी लिखा गया है।

वहीं, स्कूल परिसर में हरे-भरे पेड़ों के बीच मौजूद इस पार्क में स्वतंत्रता सेनानियों की मूर्ति जिस पत्थर में लगी हुई है उसमें रंग-बिरंगी जगमगाती लाइटें भी लगाई गई है। रात में ये पार्क की खूबसूरती में चार चांद लगाने का कार्य करेंगी। कुल मिलाकर स्कूल परिसर में ऐसा प्रयास किया गया है कि यहां आने वाले वाले हर व्यक्ति के अंदर उनके निजी अनुभव, संसार और कल्पना के आधार पर सहज ही स्वतंत्रता सेनानियों के प्रति श्रद्धा-भाव जागृत हो।

12 माह आयोजित होंगी कार्यशालाएं

विद्यालय की उप प्रधानाचार्या ने बताया कि विद्यालय के देशभक्ति पार्क में लगाई गई 12 मूर्तियों पर कार्यशालाएं आयोजित की जाएंगी। हर माह छात्र एक मूर्ति के बारे में विस्तार से जानेंगे। इसके साथ ही छात्रों को दो-दो के समूह हर मूर्ति पर एक प्रोजेक्ट कार्य भी दिया जाएगा। ये प्रोजेक्ट कार्य देशभक्ति पाठ्यक्रम का हिस्सा रहेगा। छात्रों को इस पाठ्यक्रम की ज्यादातर पढ़ाई देशभक्ति पार्क में ही कराई जाएगी।

स्कूल में इस पाठ्यक्रम के तीन नोडल शिक्षक भी नियुक्त किए जाएंगे जो छात्रों को हर एक मूर्ति के बारे में समझाएंगे। उन्होंने बताया कि अगर किसी अन्य स्कूल को देशभक्ति पाठ्यक्रम की कार्यशाला के लिए स्कूल के देशभक्ति पार्क में आना है तो वो यहां आ सकते हैं और हमारे स्वतंत्रता सेनानियों को और करीब से जान सकते हैं।

कोट्स -

स्कूल के छात्र नहीं बल्कि लोगों के लिए उपहार

सिर उठाकर गर्व से जीने का अधिकार उन्हीं को होता है, जिनके सिर देश की आन-बान के प्रहरियों और स्वतंत्रता सेनानियों के सम्मान में श्रद्धा से झुकना जानते हैं। यह पार्क न सिर्फ स्कूल के छात्रों बल्कि राजधानी की जनता को एक ऐसा उपहार है, जो हमेशा उन्हें स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदानों की याद दिलवाएगा और राष्ट्र भक्ति और राष्ट्र के लिए हर तरह के त्याग के प्रति हमारे नागरिकों को प्रतिबद्ध बनायेगा। पार्क में लगी भारतीय संविधान की मूर्ति इस बात का प्रतीक है कि हमें हमेशा हमारे नियम और कानून का सम्मान करना है और इनका पालन करना है। - अवधेश झा, प्रधानाचार्य, सर्वोदय कोएड विद्यालय, सेक्टर-8, रोहिणी

आजादी के अमृत महोत्सव पर तोहफे में मिला देशभक्ति पार्क 

छात्रों में राष्ट्रवाद की भावनाओं को जगाने और उन्हें एक सच्चा देशभक्त बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने देशभक्ति पाठ्यक्रम की शुरूआत की। छात्रों में इसी भावना को बनाए रखने और उनका नवीनीकरण करते रहने के उद्देश्य से हमने छात्रों को आजादी के अमृत महोत्सव पर तोहफे में देशभक्ति पार्क दिया है। ये पार्क छात्रों को हमेशा ये सीख देगा कि इस देश ने हमें बहुत कुछ दिया है और अब वक्त है इस देश के लिए कुछ करने का। देशभक्ति पार्क से छात्रों के अंदर देशभक्ति एवं राष्ट्रवाद के प्रति जागरूकता आएगी।- भारती कालरा, उपप्रधानाचार्या, सर्वोदय कोएड विद्यालय, सेक्टर-8, रोहिणी

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