दिल्ली पुलिस के खुफिया नेटवर्क को नहीं लगी भनक, टिल्लू जेल से ही फोन पर बदमाशों को देता रहा दिशा निर्देश

पांच दिन तक टिल्लू और उसके साथी रोहिणी कोर्ट की रेकी करने के साथ ही वारदात को अंजाम देने की योजना पर काम करते रहे। इन्हें टिल्लू जेल से ही फोन पर दिशा-निर्देश देता रहा लेकिन दिल्ली पुलिस के खुफिया नेटवर्क को इसकी भनक तक नहीं लगी।

Vinay Kumar TiwariMon, 27 Sep 2021 01:37 PM (IST)
सवाल उठ रहा है कि हाई सिक्योरिटी सेल में बंद टिल्लू को मोबाइल कहां से मिला।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। गोगी हत्याकांड से यह साफ हो गया है कि दिल्ली पुलिस की हाईटेक तकनीक को गैंगस्टर हर स्तर पर भेदने में कामयाब हो रहे हैं। यही नहीं पांच दिन तक टिल्लू और उसके साथी रोहिणी कोर्ट की रेकी करने के साथ ही वारदात को अंजाम देने की योजना पर काम करते रहे। इन्हें टिल्लू जेल से ही फोन पर दिशा-निर्देश देता रहा, लेकिन दिल्ली पुलिस के खुफिया नेटवर्क को इसकी भनक तक नहीं लगी। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि हाई सिक्योरिटी सेल में बंद टिल्लू को मोबाइल कहां से मिला। इससे जेलकर्मी भी संदेह के घेरे में आ रहे हैं।

यह अलग बात है कि हमलावरों को तत्काल मौत के घाट उतारने को लेकर दिल्ली पुलिस अपनी पीठ ठोक रही है। गेट नंबर चार के बाहर भी खड़ा था शूटर टिल्लू जेल से घंटों लाइव आपरेशन चलाता रहा। उमंग व विनय से पूछताछ में पता चला कि राहुल व जयदीप जब कोर्ट के गेट नंबर चार पर पहुंचे तब पहले से वहां नेपाली मूल का टिल्लू का एक शूटर खड़ा था। तीनों साथ में कोर्ट परिसर में घुस गए। तीनों को छोड़कर उमंग और विनय कार लेकर कोर्ट की पार्किंग में चले गए। कुछ देर बाद नेपाली कोर्ट से लौटकर कार के पास आ गया। उसके कपड़े वकील की तरह नहीं दिख रहे थे, इसलिए उसे वापस भेज दिया गया था।

उधर रोहिणी कोर्ट में शुक्रवार को जज के सामने हुई गैंगवार मामले में दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना कोर्ट का मुआयना करने पहुंचे। रविवार दोपहर को उन्होंने कोर्ट रूम नंबर 207 का निरीक्षण किया व जानने की कोशिश की कि आखिर कैसे आरोपित कोर्ट में घुसे व वारदात को अंजाम दिया। इस दौरान रोहिणी जिला पुलिस उपायुक्त प्रणव तायल, अतिरिक्त जिला पुलिस उपायुक्त बिस्मा काजी समेत दिल्ली पुलिस के आला अधिकारी मौजूद रहे। उन्होंने सभी अधिकारियों से मामले की पूरी जानकारी ली व सुरक्षा व्यवस्था का जायजा भी लिया।

पुलिस आयुक्त पहुंचे कोर्ट

दरअसल दिल्ली पुलिस आयुक्त राकेश अस्थाना दोपहर करीब तीन बजे अचानक कोर्ट पहुंचे। एक घंटे से ज्यादा समय तक उन्होंने स्पेशल सेल, क्राइम ब्रांच टीम व जिला पुलिस से इस मामले की हर जानकारी ली। इसके बाद वह कोर्ट रूम नंबर 207 भी पहुंचे। सूत्रों के अनुसार यहां मौजूद अधिकारियों ने उन्हें बताया कि आखिर कैसे वह कोर्ट में पहुंचे व कहां पर बैठे। इसके बाद कैसे आरोपितों ने वारदात को अंजाम दिया। इस पर पुलिस की ओर से कैसे कार्रवाई की गई। इसके बाद दिल्ली पुलिस के आला अधिकारियों व न्यायिक अधिकारियों के साथ बैठक कर उन्होंने कोर्ट की सुरक्षा व्यवस्था का भी जायजा लिया।

कोर्ट में कड़ी कर दी गई है सुरक्षा व्यवस्था

कोर्ट रूम नंबर 207 में आरोपित राहुल व जयदीप की ओर से कुख्यात गैंगस्टर जितेंद्र मान उर्फ गोगी की हत्या करने के बाद रोहिणी कोर्ट परिसर में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई है। अब किसी को भी बिना आइडी कार्ड के कोर्ट में प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा। पुलिस कर्मियों का भी आइडी कार्ड चेक किया जा रहा है। इसके अलावा कोर्ट परिसर में जाने वाली गाडि़यों की भी अच्छे से तलाशी ली जा रही है। गाड़ी में रखे बैगों तक को खोल कर जांचा जा रहा है। रविवार को जिस तरह से कोर्ट में प्रवेश करने वालों की जांच की जा रही थी, इससे पहले ऐसी चे¨कग कोर्ट गेट पर नहीं देखने को मिली।

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