राजधानी में डेंगू के बढ़ते मामले कर रहे आगाह, हो जाएं सावधान, नहीं तो भुगतने होंगे गंभीर परिणाम

इस साल दिल्ली में मानसून के अधिक समय तक रहने और रिकार्ड बारिश होने से जलभराव हुआ है। साथ ही कई इलाकों में अभी तक जलभराव है। ऐसी जगहों पर मच्छर पैदा होने से डेंगू को फैलने का मौका मिला है। दिल्ली में अभी भी और बारिश होने की संभावना है

Vinay Kumar TiwariMon, 20 Sep 2021 12:31 PM (IST)
अगस्त माह में ही डेंगू के 70 से ज्यादा मामले आए हैं। जो सावधान रहने के लिए आगाह करते हैं।

नई दिल्ली, [राहुल चौहान]। राजधानी में कोरोना का संक्रमण अभी पूरी तरह खत्म भी नहीं हुआ है। वहीं, पिछले तीन सालों की तुलना में इस साल डेंगू के भी करीब 150 मामले सामने आ चुके हैं। इनमें बीते अगस्त माह में ही डेंगू के 70 से ज्यादा मामले आए हैं। जो सावधान रहने के लिए आगाह करते हैं। राजधानी में पिछले सालों की तुलना में डेंगू के मामले बढ़ने, कोरोना के साथ डेंगू का संक्रमण होने और डेंगू की रोकथाम के लिए किए जा रहे उपायों को लेकर दिल्ली मेडिकल एसोसिएशन के पूर्व अध्यक्ष डा. अजय लेखी से बातचीत की है। पेश हैं बातचीत के प्रमुख अंश-

सवाल-पिछले दो तीन साल के मुकाबले इस साल दिल्ली में डेंगू के ज्यादा मामले सामने आए हैं। इसका क्या कारण है? जवाब-पिछले सालों की तुलना में इस साल दिल्ली में मानसून के अधिक समय तक रहने और रिकार्ड बारिश होने से भारी जलभराव हुआ है। साथ ही कई इलाकों में अभी तक जलभराव है।ऐसी जगहों पर मच्छर पैदा होने से डेंगू को फैलने का मौका मिला है। मौसम विभाग के मुताबिक दिल्ली में अभी भी और बारिश होने की संभावना है, ऐसे में जलभराव न हो इसके लिए भी उपाय करने की जरूत है।

सवाल-डेंगू के साथ ही कोरोना, फ्लू और डेंगू के मामले भी आ रहे हैं। ऐसे में लोगों में बीमारी को लेकर भ्रम की स्थिति पैदा हो रही है। लोग सोचते हैं कि कौन सी जांच कराएं कौन सी नहीं?

जवाब-फ्लू का बुखार अधिकतर तीन दिन तक रहता है, लेकिन कोरोना और डेंगू में बुखार कम से कम पांच से सात दिन तक रहता है। अगर बुखार तीन दिन के बाद भी ना जाए तो डेंगू और कोरोना दोनों की जांच कराना जरूरी है। इसमें लापरवाही नहीं करनी चाहिए। डेंगू के अभी तक दो तरह के स्टेन मिले हैं। स्टेन-1 और स्टेन-2। स्टेन-1 में बुखार होता है। लेकिन, स्टेन-2 में बुखार के साथ ही शरीर पर लाल चकत्ते, चोट लगने पर अधिक रक्तस्त्राव और तेजी से प्लेटलेट्स गिरने लगती हैं। इसमें अधिक ध्यान देने की जरूरत होती है।

सवाल- क्या फ्लू के साथ कोरोना या कोरोना के साथ डेंगू का भी संक्रमण होने की संभावना है?

जवाब- हां, ऐसा संभव है, लेकिन फ्लू के साथ कोरोना होना ¨चता की बात नहीं है। लेकिन, कोरोना के साथ डेंगू का दोहरा संक्रमण घातक होगा। हालांकि, इस तरह का संक्रमण बहुत कम ही होता है। अगर हो जाए तो ऐसे में इलाज करना भी मुश्किल होता है। जो दवाई कोरोना के मरीज को दी जाती है वह डेंगू के मरीज को नहीं दी जा सकती है।इसलिए लोगों को बहुत सावधान रहने की जरूरत है। जिससे इस तरह के घातक संक्रमण (कोरोना के साथ डेंगू) से बचा जा सके।

सवाल-डेंगू की रोकथाम के लिए विभागीय स्तर पर क्या किया जा रहा है?

जवाब-डेंगू की रोकथाम के लिए नगर निगम स्तर पर लगातार फा¨गग कराई जा रही है। साथ ही जलभराव वाले स्थानों पर मेथेनाल का छिड़काव भी कराया जा रहा है। लेकिन, इस बार जलभराव अधिक हुआ है। इसलिए यह अभियान अधिक समय तक चलाने की जरूरत है।

सवाल-डेंगू से बचाव के लिए लोगों को अपने स्तर पर क्या करना चाहिए?

जवाब-डेंगू से बचाव के लिए लोगों को अपने घरों में कूलर के पानी को प्रतिदिन बदलना चाहिए, पानी में पेट्रोल या मिट्टी का तेल डालना चाहिए। संभव हो तो कूलर का इस्तेमाल न करें। छतों पर रखे गमलों आदि का पानी प्रतिदिन बदलना चाहिए। साथ ही पूरे शरीर को ढकने वाले कपड़े पहनने चाहिए। जिससे मच्छरों के काटने से बचाव हो सके। लोग पहले से ही कोरोना का सामना कर रहे हैं। ऐसे में और अधिक सतर्क रहने की जरूरत है।

सवाल-राजधानी में डेंगू के मामले बढ़ने से क्या कोरोना की संभावित तीसरी लहर की तैयारियों में जुटे अस्पतालों पर कोई असर पड़ रहा है?

जवाब-अभी तक दिल्ली में तीसरी लहर का कोई मामला नहीं आया है। यह अच्छी बात है। लेकिन, कोरोना की तीसरी लहर की अधिकतर अस्पतालों में जो तैयारियां हुई हैं, उनके प्रभावित होने की संभावना नहीं है। क्योंकि डेंगू का संक्रमण बढऩे पर अस्पतालों में बेड की जरूरत पड़ सकती है, जो अधिकतर अस्पतालों में पहले ही बढ़ाए जा चुके हैं। साथ ही जो आक्सीजन प्लांट लगे हैं उनकी डेंगू के संक्रमण में जरूरत नहीं पड़ेगी। डेंगू का संक्रमण फैलने से मरीज को आक्सजीन की कमी नहीं होती है।--

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