दिल्ली के अस्पतालों में आक्सीजन प्लांटों की संख्या बढ़ाकर सरकार कर रही कोरोना की तीसरी लहर से निपटने की तैयारी

कोरोना की तीसरी लहर की आंशका के मद्देनजर अस्पतालों में आक्सीजन की आपूर्ति व आइसीयू बेड बढ़ाने के लिए तैयारी चल रही है। इसके तहत दिल्ली के बड़े सरकारी व निजी अस्पतालों में 160 आक्सीजन प्लांट लगाए जाने हैं। इनमें से अब तक 79 आक्सीजन प्लांट ही लग पाए हैं।

Vinay Kumar TiwariMon, 02 Aug 2021 02:57 PM (IST)
इस माह के अंत तक 78 अतिरिक्त प्लांट शुरू होने की उम्मीद

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। कोरोना की तीसरी लहर की आंशका के मद्देनजर अस्पतालों में आक्सीजन की आपूर्ति व आइसीयू बेड बढ़ाने के लिए तैयारी चल रही है। इसके तहत दिल्ली के बड़े सरकारी व निजी अस्पतालों में 160 आक्सीजन प्लांट लगाए जाने हैं। इनमें से अब तक 79 आक्सीजन प्लांट ही लग पाए हैं। इस तरह 49.37 फीसद काम पूरा हो पाया है। हालांकि, इस माह के अंत तक 78 अतिरिक्त आक्सीजन प्लांट लगाने का काम पूरा हो जाएगा। ऐसे में दिल्ली में तीसरी लहर आने पर यदि जरूरत पड़ी तो अस्पताल बैकअप के रूप में आक्सीजन की एक तिहाई जरूरतें खुद पूरी करने में सक्षम होंगे। वैसे दिल्ली लिक्विड मेडिकल आक्सीजन के लिए दूसरे राज्यों पर ही निर्भर है। अस्पतालों में 160 प्रेशर स्विंग ऐड्सा‌र्प्शन (पीएसए) प्लांट लगने पर आक्सीजन की कुल उत्पादन क्षमता 148.11 मीट्रिक टन होगी।

दूसरी लहर में आक्सीजन की मांग बढ़ने पर दो मई को स्वास्थ्य विभाग द्वारा जारी आदेश के तहत 19,357 आक्सीजन बेड व 5172 आइसीयू बेड के लिए कुल 512.15 मीट्रिक टन आक्सीजन के आवंटन का प्रविधान किया गया था। हालांकि, तब आक्सीजन की कुल जरूरत 598 मीट्रिक टन बताई गई थी। सुप्रीम कोर्ट द्वारा गठित सब कमेटी की अंतरिम रिपोर्ट के अनुसार दिल्ली में 300 से 400 मीट्रिक आक्सीजन की जरूरत बताई गई है। यदि तीसरी लहर में प्रतिदिन 400 मीट्रिक टन आक्सीजन की जरूरत पड़ी तो प्लांटों से 37 फीसद और यदि 500 मीट्रिक टन आक्सीजन की जरूरत पड़ी तब भी प्लांटों से 29.62 फीसद आक्सीजन की जरूरत पूरी हो सकेगी। शेष आक्सीजन के लिए दूसरे राज्यों पर निर्भरता बनी रहेगी।

अस्थायी अस्पताल में आइसीयू बेड तैयार

दूसरी लहर के दौरान मई के पहले सप्ताह में अस्पतालों में कोरोना के इलाज के लिए कुल 21,541 बेड थे। इनमें 5234 आइसीयू बेड शामिल थे। बाद में बेडों की संख्या बढ़कर 27 हजार से ज्यादा हो गई थी। तीसरी लहर के लिए 30 हजार बेड की व्यवस्था करने की बात कही गई है। इन सभी बेड पर आक्सीजन उपलब्ध कराने की तैयारी चल रही है।

अस्पतालों में बच्चों के इलाज के लिए की जा रही व्यवस्था

अस्पतालों में बच्चों के इलाज के लिए जनरल वार्ड में बेड व आइसीयू बेड की व्यवस्था की जा रही है। एम्स में बच्चों के लिए 40 आइसीयू बेड आरक्षित रहेगा। लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज के अस्पताल में बच्चों के इलाज के लिए करीब 450 बेड व चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में 250 बेड की व्यवस्था की गई है। चाचा नेहरू बाल चिकित्सालय में 100 आइसीयू बेड की व्यवस्था की गई है। लोकनायक अस्पताल में भी बच्चों के इलाज के लिए 150 बेड का आइसीयू तैयार किया जा रहा है। इसके अलावा रामलीला मैदान व पूर्वी दिल्ली में 500-500 आइसीयू बेड के दो अस्थायी अस्पताल तैयार रखे गए हैं। छतरपुर स्थित कोविड केयर सेंटर में अभी 500 बेड हैं, लेकिन इसमें जरूरत पड़ने पर 5000 बेड की व्यवस्था की जाएगी।

एक दिन में 40 हजार नए मामलों को ध्यान में रखकर तैयारी दिल्ली में तैयारियों के लिए गठित विशेषज्ञों की कमेटी के सदस्य डा. अरुण गुप्ता ने कहा कि दूसरी लहर में कोरोना के प्रतिदिन 26 हजार तक मामले आ रहे थे। अभी इस बात को ध्यान में रखकर तैयारी की जा रही है कि यदि 40 हजार भी मामले आए तो आक्सीजन की कमी नहीं होने दी जाएगी। राजीव गांधी सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल के निदेशक डा. बीएल शेरवाल ने कहा कि डाक्टरों को प्रशिक्षित करने का काम शुरू कर दिया गया है। दो बैच में अब तक 60 डाक्टरों को प्रशिक्षित किया जा चुका है। तीसरे बैच का प्रशिक्षण शुरू किया गया है। अगस्त में पूरे माह प्रशिक्षण कार्यक्रम चलेगा।

आक्सीजन प्लांटों की स्थिति

दिल्ली सरकार के अस्पतालों में लगने हैं आक्सीजन प्लांट:

66 पीएम केयर फंड से आक्सीजन प्लांट लगाने की योजना

- 17 दिल्ली सरकार के अस्पतालों में लगे आक्सीजन प्लांट

- 3631 अगस्त तक लगाए जाने वाले अतिरिक्त आक्सीजन प्लांट

- 27 तीन अन्य आक्सीजन प्लांट लगाने के लिए निर्धारित समय- 15 अक्टूबर

केंद्र सरकार के अस्पतालों में लगने हैं आक्सीजन प्लांट

- 10 केंद्र के अस्पतालों में अब तक लगे आक्सीजन प्लांट

- छह चार अन्य आक्सीजन प्लांट लगाने के लिए निर्धारित समय- 15 अगस्त

निजी अस्पतालों में लगने हैं आक्सीजन प्लांट

- 84 निजी अस्पतालों में अब तक लगे आक्सीजन प्लांट- 37

अभी आक्सीजन प्लांट लगाने का काम बाकी- 47

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