शिक्षक मिलकर बनाएंगे जामिया मिल्लिया में 50 बेड का अस्पताल, होगा कोरोना संक्रमित टीचरों का इलाज

जामिया शिक्षक संघ ने श्रद्धांजलि स्वरूप परिसर में अस्पताल निर्माण की मुहिम शुरू की है।

कोरोना संक्रमण के चलते जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कई शिक्षकों व कर्मचारियों की मौत हो गई। जामिया शिक्षक संघ (जेटीए) ने श्रद्धांजलि स्वरूप परिसर में अस्पताल निर्माण की मुहिम शुरू की है। 50 बेड के अस्पताल के लिए जामिया शिक्षक धनराशि एकत्रित करेंगे।

Vinay Kumar TiwariThu, 13 May 2021 11:08 AM (IST)

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण के चलते जामिया मिल्लिया इस्लामिया के कई शिक्षकों व कर्मचारियों की मौत हो गई। जामिया शिक्षक संघ (जेटीए) ने श्रद्धांजलि स्वरूप परिसर में अस्पताल निर्माण की मुहिम शुरू की है। 50 बेड के अस्पताल के लिए जामिया शिक्षक धनराशि एकत्रित करेंगे। जेटीए के सचिव डा. एम. इरफान कुरैशी ने बताया कि जामिया के कई शिक्षक और कर्मचारी अच्छे अस्पतालों में इलाज की चाह में यहां-वहां भटकते रहे। इलाज के अभाव में इनकी मौत हो गई।

यह सही समय है जब हम जामिया के मेडिकल कालेज के लिए प्रयास करते हुए, बेहतर चिकित्सा सुविधा के साथ भविष्य को सुरक्षित करें। बकौल इरफान कुरैशी जामिया में एक पूर्ण मेडिकल कालेज का होना 100 साल पुराना सपना रहा है। 50 बेड वाले अस्पताल की स्थापना से जामिया मेडिकल कालेज का मार्ग प्रशस्त होगा। जेटीए के अध्यक्ष प्रो. माजिद जमील ने कहा कि कोरोना ने कई शिक्षक छीन लिए। अस्पताल निर्माण के लिए धन जुटाने की अपील करने के अलावा और कोई विकल्प नहीं था। हमें पूरा विश्वास है कि जामिया के शिक्षक, पूर्व छात्र और नागरिक योगदान करेंगे। जेटीए सचिव डा एम इरफान कुरैशी ने 50 हजार रुपये की आर्थिक मदद की।

तदर्थ शिक्षकों के लिए फंड की मांग

दिल्ली विश्वविद्यालय कोरोना से जूझ रहा हैं। साढ़े छह सौ से अधिक शिक्षक संक्रमित हो चुके हैं, जबकि 30 से अधिक शिक्षकों का निधन हो चुका है। डीयू प्रशासन टीचर वेलफेयर फंड से स्थायी शिक्षकों के आश्रितों की मदद करेगा। शिक्षकों ने वेलफेयर फंड से तदर्थ शिक्षकों को एकमुश्त पांच लाख रुपये की आर्थिक मदद की मांग जरूर की थी, लेकिन फिलहाल इसके अमल पर संशय के बादल छाए हुए हैं। ऐसे में शिक्षकों ने मांग की है कि तदर्थ शिक्षकों की मदद के लिए अलग फंड बनाया जाए।

मिरांडा हाउस कालेज की प्रो. आभा देव हबीब ने शिक्षकों की तरफ से कार्यवाहक कुलपति प्रो. पीसी जोशी को पत्र लिखा है, जिसमें कहा गया है कि कोरोना संक्रमण के चलते कई तदर्थ शिक्षकों की मौत हो गई। कई शिक्षक तो अपने परिवार के एकमात्र कमाने वाले थे। कई शिक्षक अभी भी अस्पताल में भर्ती हैं। अस्पताल में भर्ती शिक्षकों, मृत शिक्षकों के आश्रितों की मदद के लिए इमरजेंसी फंड बनाया जाए। डीयू सभी शिक्षकों से अपील करें कि वे अपना एक दिन का वेतन फंड में दान करें, जिससे शिक्षकों के स्वजनों की मदद हो सके।

बीमा से इलाज में सहूलियत

रामानुजन कालेज ने स्नातक के कुल तीन हजार छात्रों का एक लाख रुपये का बीमा करवाया था। कोरोना काल में इससे छात्रों को काफी सहूलियत मिली है। प्राचार्य ने बताया कि प्रथम, द्वितीय व तृतीय वर्ष के सभी छात्रों का बीमा कराया गया था। बीमार होने पर छात्र बीमा पालिसी के जरिये एक लाख तक का इलाज करा रहे हैं। कोरोना से जूझते हुए दो छात्रों की मौत हो गई। बीमा कंपनी ने दोनों छात्रों के परिवारों को पांच-पांच लाख रुपये दिए।

हंसराज कालेज में टेस्ट सुविधा शुरू

हंसराज कालेज में आरटीपीसीआर टेस्ट की सुविधा शुरू हो गई है। बहुत जल्द यहां कोविड केयर सेंटर भी खुल सकता हैं। कालेज प्रशासन ने उपराज्यपाल, मुख्यमंत्री समेत स्वास्थ्य मंत्री को पत्र लिखकर छात्रावास में 100 बेड का कोविड केयर सेंटर खोलने की मांग की थी।

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