जल बोर्ड की इस स्कीम का 30 सितंबर तक उठा लें लाभ, नहीं तो जुर्माना लगकर घर पहुंचेगा बिल

इस आदेश के साथ ही जल बोर्ड ने अब तक भवनों में वर्षा जल संग्रहण की सुविधा विकसित नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को जुर्माने से राहत दे दी है। पिछले दो माह में जुर्माना लगाया गया है उनके जुर्माने की राशि भी पानी के बिल में समायोजित की जाएगी।

Vinay Kumar TiwariThu, 10 Jun 2021 03:52 PM (IST)
30 सितंबर तक जुर्माने से दी गई राहत, इस साल 30 मार्च तक का समय निर्धारित किया था।

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। जल बोर्ड ने वर्षा जल संग्रहण प्रणाली लगाने के लिए आखिरी तारीख 30 सितंबर तक बढ़ा दी है। इस निर्धारित समय तक 100 वर्ग मीटर से अधिक बड़े भूखंडों में बने भवनों में वर्षा जल संग्रहण प्रणाली नहीं लगाने पर जल बोर्ड जुर्माना लगाएगा। इस संबंध में जल बोर्ड ने मंगलवार को आदेश जारी किया है। इस आदेश के साथ ही जल बोर्ड ने अब तक भवनों में वर्षा जल संग्रहण की सुविधा विकसित नहीं करने वाले उपभोक्ताओं को जुर्माने से राहत दे दी है। पिछले दो माह में जितने उपभोक्ताओं पर जुर्माना लगाया गया है, उनके जुर्माने की राशि भी पानी के बिल में समायोजित की जाएगी।

दरअसल, जल बोर्ड ने पिछले साल आदेश जारी कर वर्षा जल संग्रहण की सुविधा विकसित करने के लिए इस साल 30 मार्च तक का समय निर्धारित किया था। इसके तहत 100 वर्ग मीटर से बड़े भूखंडों में बने भवनों में वर्षा जल संग्रहण तंत्र बनाना जरूरी है। जल बोर्ड ने यह प्रविधान भी किया था कि पानी का नया कनेक्शन भी वर्षा जल संग्रहण तंत्र के बगैर नहीं मिलेगा। फिलहाल इस आदेश पर भी रोक लगा दी गई है। इसके अलावा पानी के बिल से डेढ़ गुना जुर्माना करने का प्रविधान भी किया गया है।

30 मार्च के बाद जल बोर्ड ने सख्ती शुरू कर दी थी, लेकिन अब कार्रवाई रोक दी है। जल बोर्ड के आदेश में कहा गया है कि कोरोना की दूसरी लहर के मद्देनजर यह फैसला किया गया है, लेकिन अपने क्षेत्रीय राजस्व कार्यालयों के अधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे लोगों को वर्षा जल संग्रहण के लिए जागरूक करें। वर्षा जल संग्रहण करने पर जल बोर्ड पानी के बिल पर 10 फीसद छूट भी देता है। 30 सितंबर तक वर्षा जल संक्रमण की सुविधा विकसित नहीं करने पर कार्रवाई की जाएगी।

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