पदोन्नति के लिए धरना देने वाले डीयू प्रोफेसर को कॉलेज ने थमाया नोटिस, तीन दिन में जवाब देने को कहा

हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डा गोपाल लाल मीणा को नोटिस का जवाब देने के लिए तीन दिन की मोहलत दी गई है। तीन दिन में जवाब नहीं देने पर डीयू संविधान के तहत कार्रवाई होगी। बता दें कि डीयू में इन दिनों पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है।

Mangal YadavSat, 12 Jun 2021 08:17 PM (IST)
श्रद्धानंद कालेज में प्रदर्शन के दौरान डॉ गोपाल मीणा (दाएं) और दिल्ली टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष डॉ हंसराज सुमन।

नई दिल्ली [संजीव कुमार मिश्र]। स्वामी श्रद्धानंद कालेज प्रशासन ने असिस्टेंट प्रोफेसर डा गोपाल लाल मीणा को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। कालेज प्राचार्य डा प्रवीण गर्ग द्वारा जारी नोटिस में असिस्टेंट प्रोफेसर पर कई आरोप लगाए गए हैं। नोटिस में जिक्र है कि डा गोपाल मीणा नौ जून दोपहर एक बजे से दस जून रात एक बजे तक जबरन प्राचार्य कार्यालय में मौजूद रहे। उन्होने पूरी रात प्राचार्य कार्यालय में गुजारी। इस दौरान बाहरी लोगों की मदद से सीसीटीवी कैमरा क्षतिग्रस्त कर दिया। डीवीआर की पूरी रिकार्डिंग डिलीट कर दी। कार्यालय का एसी भी खराब कर दिया। कई महत्वपूर्ण फाइलें भी इधर उधर कर दी।

नोेटिस में कहा गया है कि सीसीटीवी कैमरा क्षतिग्रस्त करने, डीवीआर रिकार्डिंग डिलीट करने, फाइल हटानेे के लिए क्यों ना कार्रवाई की जाए। हिंदी विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डा गोपाल लाल मीणा को नोटिस का जवाब देने के लिए तीन दिन की मोहलत दी गई है। तीन दिन में जवाब नहीं देने पर डीयू संविधान के तहत कार्रवाई होगी।

पदोन्नति को लेकर रार

डीयू में इन दिनों पदोन्नति की प्रक्रिया चल रही है। इसी कड़ी में नौ जून को स्वामी श्रद्धानंद कालेज में हिंदी विभाग के शिक्षकों की पदोन्नति के लिए आनलाइन प्रक्रिया पूरी हुई। आरोप है कि जिन चार शिक्षकों का प्रमोशन हुआ। उनकी स्थाई नियुक्ति 2015 में ही हुई थी। जबकि डा गोपाल मीणा वर्ष 2005 से पढ़ा रहे हैं। उन्हे पदोन्नति प्रक्रिया से बाहर रखा गया। दिल्ली टीचर्स एसोसिएशन (डीटीए) ने सवाल उठाया कि क्यों डा गोपाल मीणा का प्रमोशन नहीं किया गया।

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