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दर्दनाक: रेलवे लाइन पर दो बेटियों के साथ महिला ने की खुदकशी

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। मंडावली रेलवे लाइन पर बृहस्पतिवार तड़के एक महिला ने अपनी दो मासूम बेटियों और एक साल के बेटे के साथ ट्रेन के आगे छलांग लगा दी। इसमें महिला और उनकी दो बेटियों की मौत हो गई, लेकिन खुशकिस्मती से बेटा बच गया। दो पटरी के बीच में वह पड़ा रहा और ट्रेन उसके ऊपर से गुजर गई। बाद में आरपीएफ (रेलवे सुरक्षा बल) ने उसे जख्मी हालत में लाल बहादुर शास्त्री अस्पताल पहुंचाया, जहां उसका इलाज चल रहा है।

मृतकों की पहचान किरण, उनकी छह साल की बेटी अमृता और पांच साल की बेटी पूजा के रूप में हुई है। रेलवे पुलिस ने तीनों के शव को कब्जे में लेकर जीटीबी अस्पताल भेज दिया है। यहां कोरोना की जांच के बाद तीनों का पोस्टमार्टम किया जाएगा। रेलवे पुलिस उपायुक्त हरेंद्र कुमार सिंह के मुताबिक महिला के पति राकेश से पूछताछ की जा रही है। फिलहाल, खुदकशी की ही आशंका लग रही है।

जानकारी के मुताबिक बृहस्पतिवार आधी रात 2.40 बजे एक ट्रेन के चालक ने तिलक ब्रिज स्टेशन में तैनात आरपीएफ को सूचना दी थी कि मंडावली स्टेशन के पास रेलवे लाइन पर हादसा हुआ है। सूचना मिलते ही तुरंत आरपीएफ के जवान मौके पर पहुंच गए। यहां किरण, अमृता और पूजा के शव पड़े थे। इनके पास ही एक साल का मासूम राजन दो पटरियों के बीच में उल्टा पड़ा हुआ था। उसके हाथ में चोट थी।

मामले की सूचना आनंद विहार रेलवे पुलिस को दी गई। किरण के शव के पास एक मोबाइल पड़ा था। मोबाइल से ही उसके स्वजनों को सूचित किया गया। कुछ देर बाद किरण के पति राकेश मौके पर पहुंच गए। राकेश ने बताया कि वह मूलरूप से बिहार के रहने वाले हैं। यहां परिवार के साथ गली नंबर-3, रेलवे कॉलोनी, मंडावली में किराये पर कमरा लेकर रहते हैं। वह ई-रिक्शा चलाते हैं।

बुधवार दिन में वह ई-रिक्शा लेकर निकल गए थे। उनका किरण से किसी तरह का कोई झगड़ा नहीं हुआ। हालांकि, किरण छोटी-छोटी बातों पर नाराज हो जाती थी। राकेश के मुताबिक कोरोना की वजह से घर में आर्थिक तंगी भी चल रही थी, लेकिन घर का गुजारा चलाने भर कमा ले रहे थे।

आशंका है कि किसी तरह की नाराजगी की वजह से ही किरण ने बच्चों के साथ खुदकुशी करने की सोची। बच्चों को लेकर वह पास में ही रेलवे लाइन पर पहुंच गई। राकेश ने पूछताछ में बताया कि बुधवार रात वह 10 बजे घर पहुंचे थे तो कमरा खुला हुआ था, लेकिन पत्नी बच्चों के साथ गायब थी। वह लगातार फोन मिलाते रहे, लेकिन किरण ने फोन नहीं उठाया। उधर, आरपीएफ ने बताया कि उसी पटरी पर दूसरी ट्रेन भी आने वाली थी, लेकिन उससे पहले जवान पहुंच गए और उन्होंने बच्चे को सकुशल बचा लिया।

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