Delhi Coronavirus: मानव स्थली स्कूल के छात्रों ने जरूरतमंदों के लिए बढ़ाए मदद के हाथ

अब तक उनकी टीम 300 काल ले चुकी है।

इस मुश्किल दौर में हर शख्स एक दूसरे की मदद कर रहा है। बच्चे भी आगे आ रहे हैं। छात्र जरूरतमंदों को अस्पताल आक्सीजन प्लाज्मा डोनर भोजन एंबुलेंस सीटी स्कैन दवाइयां व डाक्टर से संबंधित जानकारी देते हैं। इसके लिए छात्रों ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए है।

Prateek KumarWed, 05 May 2021 03:26 PM (IST)

नई दिल्ली [रीतिका मिश्रा]। कोरोना महामारी से संक्रमित मरीज समय पर इलाज न मिलने और संसाधनों की कमी के चलते मर रहे हैं। इन मरीजों को बचाने के लिए आम जनता से लेकर कई बड़ी हस्तियां भी ट्विटर व फेसबुक के माध्यम से आगे आकर इनके इलाज का समय पर प्रबंध कर मरीजों की जान बचा रहे हैं। अब इसी कड़ी में स्कूली छात्र भी जुड़ गए हैं। न्यू राजेंद्र नगर स्थित मानव स्थली स्कूल की प्रधानाचार्या दीप्ती भटनागर ने अपने स्कूल के छात्रों को लोगों की मदद के लिए जागरूक किया। इसके बाद स्कूल के कक्षा सात से 12 तक के लगभग 100 छात्रों ने मानव सुरक्षा के नाम से एक अभियान शुरू किया।

इस अभियान के तहत सभी छात्र जरूरतमंदो को अस्पताल, आक्सीजन, प्लाज्मा डोनर, भोजन, एंबुलेंस, सीटी स्कैन, दवाइयां व डाक्टर से संबंधित जानकारी देते हैं। इसके लिए छात्रों ने हेल्पलाइन नंबर भी जारी किए है। इस अभियान की कोर टीम में कक्षा 12 के कुवम सेठी, अश्मित ढींगरा और कक्षा 11 के मोहित सलूजा और प्रेरणा सिंघानिया शामिल हैं। वहीं, स्कूल के अन्य छात्र इनके साथ जुड़कर कार्य कर रहे हैं।

कोर टीम के सदस्य और मोहित सलूजा ने बताया कि स्कूल के छात्र पहले अपने-अपने स्तर पर जरूरतमंदों की मदद कर रहे थे। फिर स्कूल की प्रधानाचार्य दीप्ती भटनागर ने सभी छात्रों को एक साथ जुड़कर काम करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने बताया कि टीम के कुल नौ छात्रों के फोन नंबर कोविड हेल्पलाइन के तौर पर सभी से साझा किए जा रहे हैं। हेल्पलाइन पर जरूरतमंदों को अस्पतालों में बेड की उपलब्धता है, आक्सीजन सिलेंडर, प्लाज्मा डोनर, टिफिन सर्विस, एंबुलेंस, सीटी स्कैन, दवाइयां व अन्य जानकारियां दी जाती है।

उन्होंने बताया कि आनलाइन मीडिया पर बहुुत सारे नंबर मिल जाएंगे कि यहां पर आक्सीजन मिल रही है या इस अस्पताल में बेड खाली है। लेकिन वास्तविक में इनमें से ज्यादातर नंबर फर्जी या बंद जाते हैं। ऐसे में इनकी टीम रोजाना कई सारे नंबर पर काल कर के उनकी सत्यता की जांच कर करती हैं। फिर उसका एक रिकार्ड बनाकर लोगों की मदद की जाती है। वहीं, टीम के दूसरे सदस्य अश्मित ढींगरा ने बताया कि छात्रों ने ये अभियान लगभग पांच दिन पहले ही शुरू किया है। शुरुआत में तो सिर्फ चार-पांच काॅल ही आती थी जिसमें लोग आक्सीजन सिलेंडर के बारे में पूछते थे। पर बीते दो दिन से सभी सदस्यों के पास 50 से ज्यादा काल आती है। उन्होंने बताया कि अब तक उनकी टीम 300 काॅल ले चुकी है।

जिसमें लोगों को उनकी जरूरत के आधार पर जानकारी देकर तत्काल मदद की गई। उन्होंने बताया कि उनके पास सिर्फ दिल्ली ही नहीं बल्कि मुंबई, अहमदाबाद, बैंगलोर, लखनऊ व अन्य शहरों से भी मदद के लिए काॅल आ रही हैं। वहीं, प्रियंका ढींगरा ने बताया कि उनकी एक टीम रोजाना दिल्ली के विभिन्न अस्पतालों और अन्य संगठनों से संपर्क में रहती हैं ताकि जरूरतमंदों को सभी छात्र समय पर सही जानकारी दे सकें। उन्होंने बताया कि सभी छात्र रोजाना स्कूल की शिक्षिका के साथ आनलाइन माध्यम से पुनरीक्षण बैठक करते हैं। जिसमें वो चर्चा करते हैं कि दिनभर कितने लोगों की मदद की गई और इस क्या वाकई जरूरतमंद को मदद मिल पाई या नहीं।

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