दिल्ली में 24 सितंबर को सीएम केजरीवाल करेंगे बायो डी-कम्पोज़र बनाने की प्रक्रिया का शुभारंभः गोपाय राय

भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान पूसा के सहयोग से बायो डी-कम्पोज़र बनाने की प्रक्रिया 24 सितंबर से शुरू होगी। इसका शुभारंभ मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल करेंगे। इसकी जानकारी पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने सोमवार को दी। इस साल लगभग 4000 एकड़ जमीन पर इसका निःशुल्क छिड़काव किया जाएगा।

Mangal YadavMon, 20 Sep 2021 03:48 PM (IST)
दिल्ली में 24 सितंबर शुरू होगी बायो डी-कम्पोज़र बनाने की प्रक्रिया

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता।केजरीवाल सरकार ने पिछले साल की तरह इस बार भी इच्छुक किसानों के खेत में बायो डि-कंपोजर का नि:शुल्क छिड़काव करने के लिए घोल बनाने की तैयारी शुरू कर दी है। पर्यावरण मंत्री गोपाल राय ने बताया कि मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल 24 सितंबर को बायो डि-कंपोजर का घोल बनाने की प्रक्रिया की शुरुआत करेंगे। भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान, पूसा के सहयोग से खरखरी नाहर गांव में यह घोल तैयार किया जाएगा। पर्यावरण मंत्री ने कहा कि थर्ड पार्टी आडिट की रिपोर्ट से किसान बहुत उत्साहित हैं और गैर बासमती धान वाले खेतों में भी छिड़काव की मांग कर रहे हैं। इसलिए इस बार दो हजार एकड़ के बजाय चार हजार एकड़ खेत के लिए घोल तैयार किया जाएगा।

गोपाल राय ने सोमवार को पत्रकार वार्ता के दौरान कहा कि राजधानी में प्रदूषण की समस्या के समाधान के लिए दिल्ली सरकार लगातार अलग-अलग विभागों के साथ बैठक कर अपना ¨वटर एक्शन प्लान बनाने की तरफ बढ़ रही है। सभी विभाग अपने एक्शन प्लान बना रहे हैं, जिसे हम 30 सितंबर तक तैयार कर लेंगे। उसके बाद प्लान को मुख्यमंत्री के सामने प्रस्तुत करेंगे और विचार विमर्श के बाद उसे घोषित करेंगे।

एक सवाल के जवाब में उन्होंने यह भी बताया केंद्रीय पर्यावरण मंत्री से उन्हें अभी तक मुलाकात का समय नहीं मिला है। मुख्यमंत्री और वह स्वयं उनसे मिलने जाएंगे और बायो डिकंपोजर के इस्तेमाल को लेकर तैयार की गई रिपोर्ट उन्हें देंगे।

25 सदस्यीय समिति गांव-गांव जाकर किसानों से भरवा रही फार्म

गोपाल राय ने कहा कि हमने कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ 25 सदस्यीय तैयारी समिति (मेंबर प्रिपरेशन कमेटी) बनाई है। यह समिति दिल्ली के सभी गांव में जाकर किसानों से एक फार्म भरवा रही है। फार्म में किसान कितने एकड़ खेत में छिड़काव करवाना चाहते हैं और कब उनकी फसल कटेगी, यह दोनों रिकार्ड शामिल कर रहे हैं। किसान जितने एकड़ खेत में बायो डि-कंपोजर के छिड़काव की मांग और छिड़काव की तारीख फार्म में दर्ज कर रहे हैं, उसी हिसाब से हम उनके खेत में छिड़काव का इंतजाम कर रहे हैं।

4000 एकड़ खेत में छिड़काव पर आएंगे 50 लाख रुपए खर्च

पर्यावरण मंत्री ने कहा कि एक एकड़ खेत में छिड़काव के लिए 10 लीटर बायो डि-कंपोजर की जरूरत पड़ती है। 10 लीटर बायो डि-कंपोजर का घोल पानी में मिलाकर एक एकड़ खेत में छिड़काव किया जा सकता है। एक एकड़ खेत के लिए घोल बनाने के लिए पूसा इंस्टीट्यूट द्वारा तैयार किए गए चार कैप्सूल चाहिए होऐ हैं। इसके अलावा, 250 ग्राम गुड़ और 150 ग्राम बेसन मिलाते हैं और उसको फिर पकाते हैं।

इस पूरे घोल को पांच अक्टूबर तक तैयार कर लिया जाएगा। पिछली बार पूरे दिल्ली के अंदर बायो डि-कंपोजर के छिड़काव में लगभग 25 लाख रुपए का खर्च आया था। इस बार 4000 एकड़ खेत में छिड़काव का अनुमान है। इसलिए इस बार इसके छिड़काव में 25 लाख के बजाय 50 लाख रुपए तक का खर्च आएगा।

 

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.