दिल्ली में स्पा खोलने की मिली अनुमति, करना होगा डीडीएमए के दिशानिर्देशों का पालन

स्पा केंद्रों को दोबारा खोलने की अनुमति पर मुहर लगाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने सभी स्पा केंद्र संचालकों को निर्देश दिया कि कोरोना महामारी को लेकर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा जारी किये दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए।

Mangal YadavMon, 26 Jul 2021 06:36 PM (IST)
दिल्ली सरकार ने स्पा केंद्रों को खोलने के संबंध में लिए गए आदेश से हाई कोर्ट को किया सूचित

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। स्पा केंद्रों को दोबारा खोलने की अनुमति पर मुहर लगाते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने सभी स्पा केंद्र संचालकों को निर्देश दिया कि कोरोना महामारी को लेकर दिल्ली आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (डीडीएमए) द्वारा जारी किये दिशानिर्देशों का सख्ती से पालन किया जाए। न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ को दिल्ली सरकार ने सूचित किया कि डीडीएमए द्वारा अनलाक के संबंध में जारी किए गए ताजा दिशानिर्देशों के तहत स्पा को खोलने की अनुमति दी गई है। हालांकि, इसके लिए सभी कर्मचारियों को टीका लगा हाेना अनिवार्य होगा या फिर उन्हें हर 15 दिन पर आरटीपीसीआर टेस्ट कराना होगा।

दिल्ली सरकार के अधिवक्ता नौशाद अहमद खान की सूचना को रिकार्ड पर लेते हुए दिशानिर्देशों का अनुपालन करने का निर्देश देकर याचिका का निपटारा कर दिया। अधिवक्ता एचडी तान्वी के माध्यम से दिल्ली वेलनेस स्पा एसोसिएशन ने याचिका दायर कर स्पा को दोबारा खोलने का निर्देश देने की मांग की है।

इससे पहले प्रीतम राज व मनीष उप्रेती ने याचिका दायर कर स्पा दोबारा खोलने के संबंध में दिशानिर्देेश तैयार करने में देरी करने का आरोप लगाया था। उन्होंने कहा था कि स्पा में कार्यरत गरीब लोगों की आजीविका का सवाल है और वे कठिन समय का सामना कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि स्पा सेंटरों को फिर से खोलने के लिए दिशा-निर्देश जारी करने में गैरकानूनी, अनुचित और अत्यधिक देरी की जा रही है।

ट्रांसजेंडर के लिए सार्वजनिक शौचालय की मांग, हाई कोर्ट ने मांगा जवाब

वहीं, यौन उत्पीड़न होने के आधार पर ट्रांसजेंडर के लिए अलग से सार्वजनिक शौचालय का निर्माण कराने की मांग को लेकर दायर जनहित याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने केंद्र व दिल्ली सरकार से जवाब मांगा है। मुख्य न्यायमूर्ति डीएन पटेल व न्यायमूर्ति ज्योति सिंह की पीठ ने आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय, दिल्ली सरकार, नई दिल्ली नगर पालिका के साथ पूर्वी दिल्ली नगर निगम (ईडीएमसी), दक्षिण दिल्ली नगर निगम (एसडीएमसी) व उत्तरी दिल्ली नगर निगम (एनडीएमसी) को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। सुनवाई के दौरान प्रतिवादियों की तरफ से पेश हुए अधिवक्ताओं ने इस बाबत अधिकारियों से निर्देश लेने के लिए समय देेन की मांग की। इस पर पीठ ने सुनवाई 13 सितंबर तक के लिए स्थगित कर दी।

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