रेलवे स्टेशन पर फरिश्ता बनकर आया आरपीएफ का जवान, जान पर खेलकर यात्री को बचाया

एक कांस्टेबल ट्रेन व प्लेटफार्म के बीच फंसे यात्री के लिए फरिश्ता बनकर आया और उसे मौत के मुंह से निकाल लाया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते कांस्टेबल राजबीर की हिम्मत व हौसले की चर्चा इंटरनेट मीडिया पर होने लगी।

Mangal YadavSun, 25 Jul 2021 01:58 PM (IST)
फरिश्ता बनकर आया आरपीएफ का जवान, यात्री की बची जान

नई दिल्ली[भगवान झा]। जाको राखे साइयां मार सके न कोई... यह बात दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पर चरितार्थ हुई। आरपीएफ का एक कांस्टेबल ट्रेन व प्लेटफार्म के बीच फंसे यात्री के लिए फरिश्ता बनकर आया और उसे मौत के मुंह से निकाल लाया। यह पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई और देखते ही देखते कांस्टेबल राजबीर की हिम्मत व हौसले की चर्चा रेलवे अधिकारियों से लेकर इंटरनेट मीडिया पर होने लगी।

हुआ यूं कि 23 जुलाई की रात सरायरोहिल्ला से जयपुर जाने वाली 04739 नंबर की ट्रेन रात के दस बजकर 40 मिनट पर दिल्ली कैंट रेलवे स्टेशन पहुंची। यहां दो मिनट के स्टापेज के बाद ट्रेन धीरे-धीरे चलने लगी। इसी दौरान दो भारी बैग के साथ एक यात्री प्लेटफार्म पर ट्रेन की तरफ तेजी से दौड़ा। चलती ट्रेन में पहले उसने गेट पर अपना सामान रखने के बाद उसमें चढ़ने लगा। इसी दौरान उसका पैर फिसल गया और वह प्लेटफार्म व ट्रेन के बीच फंस गया।

इसी दौरान कांस्टेबल राजबीर की नजर उसपर पड़ी और वे भागते हुए यात्री के पास पहुंचे और निकालने की कोशिश करने लगे। पहले प्रयास में यात्री को निकालने के दौरान वे खुद असंतुलित होकर प्लेटफार्म पर गिर गए। इस दौरान यात्री ट्रेन के साथ घसीटता हुआ करीब पांच मीटर आगे चला गया। दोबारा से राजबीर यात्री के पास पहुंचे और उसे बाहर खींच लिया। इस दौरान किसी ने चेन पुलिंग कर ट्रेन रोक दी और बड़ा हादसा टल गया। अच्छी बात यह रही कि यात्री को चोटें नहीं आई।

कांस्टेबल राजबीर ने बताया कि यात्री को चलती ट्रेन में चढ़ने से मना किया, लेकिन वह नहीं माना। पहली बार जब निकालने का प्रयास कर रहा था उस दौरान यात्री ने ट्रेन के गेट पर लगे हैंडल को जोर से पकड़ रखा था। इस कारण वह बाहर नहीं आ पाया। दूसरी बार के प्रयास में सफलता मिली। उन्होंने कहा कि यात्रियों को चलती ट्रेन में चढ़ने से बराबर मना किया जाता है।

इस तरह की लापरवाही कभी भी भारी पड़ सकती है। यात्री को बाहर निकालने के दौरान राजबीर के हाथ में चोटे आईं और उनकी मोबाइल का स्क्रीन भी टूट गया। राजबीर ने बताया कि बाद में उसी ट्रेन से यात्री अपने गंतव्य की ओर चला गया।

एसएचओ, आरपीएफ दिल्ली कैंट, मुकेश कुमार ने बताया कि अपनी जान की परवाह किए बगैर कांस्टेबल राजबीर ने समय पर अपनी हिम्मत व हौसले का परिचय दिया। यह अन्य लोगों के लिए प्रेरित करने वाला वाकया है। मैं विभाग के उच्च अधिकारियों को पत्र लिखूंगा, जिससे कि राजबीर को पुरस्कृत किया जा सके।

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