राजद राज्यसभा सदस्य अमरेंद्र धारी सिंह ने निचली अदालत के फैसले को दी चुनौती

अमरेंद्र सिंह ने अधिवक्ता त्रिशा मित्तल के माध्यम से याचिका दायर की है। सुनवाई के दौरान अमरेंद्र की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता माधव खुराना ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए कुछ जजमेंट पेश किए। वहीं इसके जवाब में ईडी ने वक्त मांगा है।

Prateek KumarWed, 09 Jun 2021 06:04 PM (IST)
खाद्य घोटाला के मनी लांड्रिंग मामले में ईडी ने दो जून को अमरेंद्र सिंह को किया था गिरफ्तार

नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। खाद्य घोटाले के मनी लांड्रिंग मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा गिरफ्तार किए गए राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के राज्यसभा सदस्य अमरेंद्र धारी सिंह ने दस दिन की ईडी रिमांड देने के निचली अदालत के फैसले को दिल्ली हाई कोर्ट में चुनौती दी। बुधवार को न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ के समक्ष मामला पेश हुआ और उन्होंने इसे 11 जून को सुनवाई के लिए सूचीबद्ध कर दिया।

11 जून को याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट में होगी सुनवाई

अमरेंद्र सिंह ने अधिवक्ता त्रिशा मित्तल के माध्यम से याचिका दायर की है। सुनवाई के दौरान अमरेंद्र की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता माधव खुराना ने निचली अदालत के आदेश को चुनौती देते हुए कुछ जजमेंट पेश किए। वहीं, इसके जवाब में ईडी की तरफ से पेश हुए अधिवक्ता अमित महाजन ने भी जिरह करने के लिए कुछ जजमेंट को पेश करने के लिए बृहस्पतिवार तक की अनुमति मांगी।

दो जून को इडी ने किया था गिरफ्तार

इस पर पीठ ने सुनवाई 11 जून के लिए स्थगित कर दी। राज्यसभा सदस्य व व्यवसायी सिंह को ईडी ने दो जून को गिरफ्तार किया था। रिमांड देने के निचली अदालत के आदेश को रद करने की मांग करते हुए याचिका में कहा गया है कि विशेष न्यायाधीश ने दिमाग का इस्तेमाल किए गए बगैर यह आदेश दिया है। उन्होंने मामले के अजीबोगरीब तथ्यों, रिकार्ड पर मौजूद सामग्री को देखे बगैर ही आदेश पारित कर दिया।

याचिका के अनुसार शिकायत अप्रैल 2013 की है और केंद्रीय जांच एजेंसी (सीबीआइ) ने धोखाधड़ी के कथित अपराधों व भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मामला मई 2021 में दर्ज किया है। उन्होंने कहा कि प्राथमिकी दर्ज होने के बाद 19 मई को उनके आवास और कार्यालय परिसर में छापेमारी की गई और उन्होंने व उनके कर्मचारियों ने इसमें जांच एजेंसी का पूरा सहयोग किया। इसके अगली दिन 20 मई को ईडी ने भी मामला दर्ज कर लिया। इतना ही नहीं 20 मई से दो जून के बीच जब उन्हें गिरफ्तार किया गया तो उन्हें जांच में शामिल होने के संबंध में एक भी समन नहीं भेजा गया। याचिका में दलील दी गई है कि ईडी ने दस्तावेजी रिकार्ड से उनका सामना कराने का आधार बताकर रिमांड आवेदन दाखिल किया, जबकि यह कार्यवाही गिरफ्तारी किये बगैर भी की जा सकती थी। उक्त दलील देते हुए उन्हाेंने रिलीज करने का जांच एजेंसी को निर्देश देने की हाई कोर्ट से मांग की।

यह मामला इफको और इंडिया पोटाश लिमिटेड (आइपीएल) से जुड़े एक कथित खाद्य घोटाले से संबंधित है। इस मामले में सीबीआइ ने पिछले महीने भ्रष्टाचार का मामला दर्ज किया था। अमरेंद्र सिंह इस मामले से जुड़ी फर्म ज्योति ट्रेडिंग कारपोरेशन के वरिष्ठ उपाध्यक्ष बताया जा रहा है।

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