भीड़ खत्म करने के लिए अब यहां पर भी मिलेगा RFID tags, ई-मेल से भेज सकते हैं दस्तावेज

नई दिल्ली, जेएनएन। दिल्ली में व्यावसायिक वाहनों के प्रवेश के लिए आरएफआइडी टैग को अनिवार्य किए जाने के बाद पहले ही दिन व्यवस्था धाराशायी दिखाई दी। आलम यह था कि शुक्रवार की रात के 12 बजे से लागू हुई व्यवस्था के बारे में टोल नाकों पर कर्मचारियों तक को जानकारी नहीं थी। वहीं वाहन रात से ही बिना टैग और जुर्माने के वाहनों ने दिल्ली में प्रवेश किया।

हालांकि निगम के मुताबिक 22 हजार वाहनों ने शाम पांच बजे तक दिल्ली में प्रवेश किया। इसमें 5749 गाड़ियों पर टैग न होने की वजह से दोगुना टैक्स वसूला गया। लेकिन जब जागरण की टीम ने विभिन्न टोल नाकों का ताजा हाल जाना तो वाहन बिना टैग और जुर्माने के गुजरते हुए दिखाई दिए।

आरएफआइडी लागू होने के बाद हालांकि किसी झगड़े या मारपीट की घटना तो सामने नहीं आई है, लेकिन दोगुना टोल टैक्स वसूलने पर कई जगह पर टोल कर्मी और वाहन चालक के बीच नोंक-झोंक जरूर देखी गई। इसकी वजह से कई टोल नाकों पर यातायात जाम की स्थिति भी उत्पन्न हो गई।

टैग के लिए लंबी कतारें
टोल नाकों पर आरएफआइडी टैग लेने के लिए लंबी कतारें लग रही हैं। वाहन चालकों ने बताया कि एक व्यक्ति को टैग देने में 20 मिनट का समय लग रहा है, इसकी वजह से लोगों का जल्दी नंबर भी नहीं आ रहा है। लोग खाना भी साथ लेकर आए थे। सुबह से लाइन में लगने के बाद लोगों ने नाश्ता और दोपहर का खाना टैग लेने की लाइन में ही किया। वाहन चालक यह भी कह रहे थे कि स्टॉफ के लोग कुछ चुनिंदा लोगों को पहले टैग जारी कर रहे हैं। जिसकी वजह से लाइन में लगे लोगों का नंबर जल्दी नहीं आ रहा है। इतना ही नहीं कई लोग ऐसे थे जो दूसरी और तीसरी बार टैग लेने के लिए लाइन में लगे हैं। क्योंकि आठ से दस घंटे लाइन में लगने के बाद भी लोगों का नंबर नहीं आ रहा है।

कागज जमा कराने पर रसीद से जुर्माने से मिलेगी सात दिन की राहत
टोल नाकों पर टैग लेने के लिए वाहन चालकों की उमड़ी भीड़ से नगर निगम के हाथ पांव फूल रहे हैं। निगम से लोगों की भीड़ संभल नहीं रही है। इसलिए निगम ने अब टैग न लेने वाले वाहन चालकों को जुर्माने और परेशानी से बचाने के लिए बीच का रास्ता निकाला है। अब वाहन चालकों को कागज जमा कर प्री रजिस्ट्रेशन कराने पर दिल्ली में प्रवेश पर जुर्माना नहीं देना होगा।

निगम द्वारा एक जारी बयान में बताया गया है कि पर्यावरण प्रदूषण नियंत्रण प्राधिकरण (इपीसीए) के आदेश के बाद अब वाहन चालकों को टैग लेने के लिए तय दस्तावेजों की फोटो कॉपी और तय शुल्क 236 रुपये जमा कराना होगा। इससे जो रसीद मिलेगी उससे सात दिन तक दिल्ली में प्रवेश पर जुर्माने के तौर पर दोगुना टोल टैक्स नहीं देना होगा। सात दिन के बाद दस्तावेज जहां जमा कराए हैं वहा से टैग प्राप्त किया जा सकता है।

ई-मेल से भेज सकते हैं दस्तावेज, लेकिन जुर्माने से नहीं मिलेगी छूट
निगम ने प्री रजिस्ट्रेशन के लिए लोगों से ई-मेल के माध्यम से भी दस्तावेज भेजने की सुविधा दी है। व्यवसायिक वाहन चालक ई-मेल के जरिये दस्तावेज भेज सकते हैं, लेकिन उन्हें दिल्ली में प्रवेश के लिए लगने वाले जुर्माने से छूट नहीं दी जाएगी। ई-मेल से प्राप्त दस्तावेजों के बाद निगम वाहन चालकों को बतायेगा कि उन्हें टैग कहां से प्राप्त करना है। वहां पर फीस व कागजातों के वैरिफिकेशन के बाद टैग दे दिया जाएगा। निगम ने दो ईमेल जारी किए हैं। (mcdmitra@gmail.com) को सुझाव व शिकायत के लिए व (preregistertags@gmail.com) को आरएफआइडी टैग के रजिस्ट्रेशन के लिए जारी किया गया है।

अब एयरपोर्ट और रेलवे स्टेशन व बस स्टैंड पर मिलेंगे टैग
टैग लेने के लिए टोल नाकों पर लग रही भीड़ और वाहन चालकों की परेशानी को कम करने के लिए निगम ने 20 नए आरएफआइडी टैग वितरण केंद्र खोलने का फैसला लिया है। दस केंद्र इसमें से दिल्ली से बाहर खोले जाएंगे और दस केंद्र दिल्ली के अंदर खोले जाएंगे। यह केंद्र रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और एयरपोर्ट पर खोले जाएंगे। 

अभी तक 1.85 लाख वाहनों ने आरएफआइडी टैग ले लिया है। जबकि निगम के पास 6.50 लाख आरएफआइडी टैग का स्टॉक मौजूद है। फिलहाल निगम 13 टोल नाकों के साथ ही छह अन्य स्थानों पर टैग की बिक्री कर रहा था।

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