खुशखबरीः दिल्ली में वाहन खरीदते ही डीलर करेगा गाड़ी का पंजीकरण, तुरंत मिलेगा नंबर

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। आमतौर पर वाहनों का पंजीकरण और नंबर प्लेट लगवाना लंबी चलने वाली प्रक्रिया मानी जाती है। लेकिन देशभर में कई राज्यों में पहले से ही डीलरशिप द्वारा वाहनों का पंजीकरण और हाईसिक्योरिटी नंबर प्लेट लगाने का काम किया जा रहा है। अब दिल्ली में भी कार, मोटर साइकिल आदि कोई भी वाहन खरीदते समय डीलर के यहां ही नंबर भी मिलेगा। शनिवार से यह व्यवस्था लागू हो गई है। इस प्रक्रिया में अब परिवहन विभाग का दखल नहीं रहेगा। इससे जहां परिवहन विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों में काम का दबाव कम होगा। वहीं वाहन खरीदने वालों को भी वाहन का पंजीकरण कराने के लिए अब परेशान नहीं होना पड़ेगा।

परिवहन विभाग के एक अधिकारी ने बताया कि परिवहन विभाग के राष्ट्रीय सॉफ्टवेयर में वाहन के पंजीकरण व नंबर प्लेट के आंकड़ों को एमएलओ से स्वीकृति दी जानी होती है। लेकिन सेल्फ लाइसेंसिग प्रणाली में डीलर को परिवहन विभाग से वाहन पंजीकरण का अधिकार लेना होगा और इसके बाद वाहन डीलर किसी एक अथॉरिटी में वाहनों के पंजीकरण के लिए बाध्य हो जाएगा।

नई व्यवस्था लागू शनिवार से लागू

परिवहन विभाग ने कुछ समय पहले सभी वाहन डीलरों को सेल्फ व्हीकल पंजीकरण का अधिकार लेने के लिए आदेश जारी किए थे। अभी तक दिल्ली के 236 वाहन डीलरों में से 153 वाहन डीलरों ने सेल्फ व्हीकल पंजीकरण का अधिकार नहीं लिया था। परिवहन विभाग ने इस योजना को इसलिए लागू किया है कि परिवहन विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों में वाहनों का पंजीकरण अब नहीं होगा।

नई व्यवस्था लागू होने के बाद परिवहन विभाग के सभी क्षेत्रीय कार्यालयों में केवल ई-रिक्शा का ही पंजीकरण होगा। इसके अलावा अन्य सभी वाहनों का पंजीकरण वाहन विक्रेता के द्वारा ही किया जाएगा। विभाग ने 15 नवंबर से इस व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया है।

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की मंजूरी 

परिवहन मंत्री कैलाश गहलोत की मंजूरी से विभाग द्वारा जारी किए गए आदेश में कहा गया है कि 15 नवंबर के बाद ई-रिक्शा को छोड़कर अन्य कोई भी वाहन परिवहन विभाग में पंजीकृत नहीं किया जाए। औपचारिकताएं पूरी करके वाहन विक्रेता ही वाहन का नंबर देगा और वाहन का पंजीकरण करेगा। लेकिन पंजीकरण प्रमाणपत्र (आरसी) जारी किए जाने से पूर्व नेशनल सॉफ्टवेयर में डाटा एप्रूव करने का काम संबंधित अथॉरिटी के एमएलओ करेंगे।

दिल्ली में प्रत्येक कार्य दिवस में 1400 के करीब वाहन पंजीकृत होते हैं। ये पंजीकरण दिल्ली के 236 वाहन विक्रेताओं के माध्यम से बेचे जाते हैं। इनमें बड़े डीलर वाहन का पंजीकरण खुद करते हैं। मगर अब इन सभी वाहनों का पंजीकरण इन वाहन डीलरों के लिए ही अनिवार्य हो गया है।

यह भी जानें 

-विभाग के क्षेत्रीय कार्यालयों का काम कम होगा

-83 डीलरों के पास है सेल्फ लाइसेंसिंग का अधिकार

-डीलरों ने पंजीकरण का नहीं लिया है अधिकार

-नवंबर से इस व्यवस्था को अनिवार्य कर दिया गया है

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