Inside Story: क्या शक ने ली पूर्व CM के बेटे की जान, अलग-अलग सोते थे रोहित-अपूर्वा

िनई दिल्ली [राकेश कुमार सिंह]। उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत नारायण दत्त तिवारी के बेटे रोहित शेखर की मौत में जांच आगे बढ़ने के साथ ही नई-नई बाते सामने आ रही हैं। मिली जानकारी के मुताबिक, रोहित शेखर तिवारी और अपूर्वा शुक्ला ने लंबे समय तक प्रेम संबंध में रहने बाद विवाह किया था। 

रोहित पत्नी अपूर्वा पर करता था शक

मिली जानकारी के मुताबिक, रोहित को शक था कि उसकी पत्नी अपूर्वा शुक्ला का उनके सौतोले बड़े भाई सिद्धार्थ से अफेयर है, जबकि अपूर्वा शक करती थी कि रोहित का एक महिला से अफेयर है। इस महिला को रोहित के करीबी रिश्तेदार की पत्नी है और रोहित के परिवार में अक्सर आना जाना था। इसी बात पर रोहित के परिवार में अक्सर झगड़ा भी होता रहता था।

बता दें कि पिछले साल मई महीने में रोहित और अपूर्वा की शादी हुई थी। अपूर्वा दिल्ली में ही सुप्रीम कोर्ट में वकील हैं। वह सोशल मीडिया पर भी बराबर सक्रिय रहती हैं। 

मां उज्ज्वला का खुलासा, शादी के पहले दिन से संबंध खराब थे

मां उज्जवला के मुताबिक, रोहित का शादी के अगले दिन से अपूर्वा से झगड़ा शुरू हो गया था। दोनों अलग-अलग सोते थे। उज्जवला का आज का संकेत यह था कि अपूर्वा ने ही उनके बेटे रोहित ही हत्या की है। बता दें कि सोमवार को उत्तराखंड से वोट डालकर रोहित के साथ उनकी मां उज्ज्वला और वह महिला भी डिफेंस कॉलोनी वाले घर पर रात 10 बजे अाई थी। इसी बात को परिवार वाले शुरू दिन से छिपा रहे हैं। इस महिला के बारे में नहीं बता रहे थे, लेकिन फुटेज दिखने पर बोल दिया।

रोहित के साथ सोमवार को अभिषेक नाम का ड्राइवर डिफेंस कॉलोनी आया था। उज्ज्वला का कहना है कि मेरे साथ रोहित ने खाना खाया फिर हमें गेट तक छोड़ा। उज्ज्वला तिलक लेन वाले घर पर रहती है।  उस रात घर पर रोहित के अलावा अभिषेक, नौकर गोलू जो रोहित को मसाज करता था और अपूर्वा ही थी। क्राइम ब्रांच को शक है कि अभिषेक या गोलू या फिर अपूर्वा में कोई एक हत्या में शामिल हो सकता है। हो सकता है दो लोग भी हों  और कुछ बाहर के भी हो सकते हैं।

नशे में धुत हो कर महिला मित्र के साथ घर लौटे थे रोहित
उत्तराखंड से सोमवार रात को रोहित जब घर आए थे तो वे नशे में धुत थे। उनके साथ कुमकुम भी नशे में धुत थी। नौकर भोलू ने दोनों के रिश्ते के बारे में शनिवार को पूछताछ के दौरान क्राइम ब्रांच को जानकारी दी।

एडिशनल सीपी रंजीव रंजन के मुताबिक, रोहित शेखर कोटद्वार से वोट डालकर सोमवार की रात करीब 11 बजे डिफेंस कॉलोनी स्थित अपने घर लौटे थे। खाना खाने के बाद वह 11:30 बजे अपने कमरे में साेने चले गए थे। मंगलवार की शाम 4 बजे जब नौकर जगाने उनके कमरे में गया तो देखा राेहित की नाक से खून बह रहा था। उस समय मां उज्ज्वला तिवारी अस्पताल गई थीं। पत्नी अपूर्वा और चचेरा भाई सिद्धार्थ घर पर थे। बताया जा रहा है कि उन्होंने नींद की दवाइयां ली थी, ऐसा वे पहले भी करते रहे थे।

संपत्ति विवाद एंगल भी है
जांच से जुड़े अधिकारियों के मुताबिक, रोहित और उनके भाई सिद्धार्थ के बीच संपत्ति विवाद सहित सभी दृष्टिकाेणाें से जांच की जा रही है। बताया जा रहा है कि तिवारी परिवार के पास उत्तराखंड के अलावा देश की राजधानी दिल्ली में भी करोड़ों रुपये की जमीन जायदाद है। इस बाबत पुलिस सिद्धार्थ सहित घर से जुड़े 10 लोगों से पुलिस पूछताछ कर चुकी है।


यहां पर बता दें कि नारायण  दत्त तिवारी लंबे समय तक रोहित को अपना बेटा मानने से इनकार करते रहे थे। 2014 में तिवारी ने अदालत के आदेश के बाद रोहित को अपना बेटा स्वीकार कर लिया था। एनडी तिवारी का 93 वर्ष की आयु में 18 अक्टूबर 2018 को निधन हो गया था। ऐसा कहा जाता है कि मौत से पहले रोहित के पिता एनडी तिवारी से मधुर संबंध थे।

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