पढ़िये दिल्ली में किस जगह पर की जा रही बीमारियों को खत्म करने वाले औषधीय पौधों की खेती

राजधानी दिल्ली का दिल कहे जाने वाले कनाट प्लेस स्थित गोल मार्केट इलाके में इन दिनों बीमारियों का खात्मा करने वाली औषधियों की खेती की जा रही है। ये अनोखी पहल स्थानीय आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों द्वारा की गई है।

Vinay Kumar TiwariMon, 25 Oct 2021 03:36 PM (IST)
गोल मार्केट आरडब्ल्यूए की ओर से की जा रही पहल, स्थानीय लोगों को मिल रहा लाभ

नई दिल्ली [राहुल सिंह]। राजधानी दिल्ली का दिल कहे जाने वाले कनाट प्लेस स्थित गोल मार्केट इलाके में इन दिनों बीमारियों का खात्मा करने वाली औषधियों की खेती की जा रही है। ये अनोखी पहल स्थानीय आरडब्ल्यूए के पदाधिकारियों द्वारा की गई है। यहां स्टीविया (मीठी तुलसी), लेमन ग्रास, सदाबहार समेत अन्य औषधीय पौधों को सोसायटी के पार्क में ही लगाया गया है। साथ ही सोसायटी में रहने वाले बच्चों को आयुर्वेदिक औषधियों के प्रति जागरूक किया जा रहा है, जिससे उन्हें पता चल सके कि उनके पार्क में बने हर्बल गार्डन में लगे ये पौधे किस बीमारी को खत्म करने में काम आते हैं।

आरडब्ल्यूए के संगठन राजधानी नागरिक कल्याण समिति के अध्यक्ष प्रीतम धारीवाल ने बताया कि हर्बल गार्डन में पार्क में बीमारियों को खत्म वाले 20 से अधिक प्रकार के औषधीय पौधों को लगाया गया है। इनसे इलाके के लोग लाभ ले रहे हैं। खासतौर से गोल मार्केट स्थित टाइप-3 सेक्टर तीन डीडीए फ्लैट सोसायटी में रहने वाले बुजुर्ग आकर औषधियों को अपनी बीमारियों को खत्म करने में इस्तेमाल कर रहे हैं। इसमें ब्लड प्रेशर, घुटने के दर्द और शुगर को नियंत्रण करने वाली औषधि का इस्तेमाल ज्यादा हो रहा है। पार्क में ये औषधि एनडीएमसी की नर्सरी से लाकर लगाई गई हैं।

महिलाओं को पसंद आ रहा एलोवेरा

हर्बल गार्डन का लाभ महिलाएं भी ले रही हैं। वह पार्क में आकर सौंदर्य को बढ़ाने वाली औषधियों का सेवन कर रही हैं। साथ ही एलोवेरा को तोड़कर घर ले जा रही हैं, जिसका इस्तेमाल वह रात में चेहरे को चमकाने के लिए करती है। इसके अलावा इसकी बर्फी भी बना रही हैं, जो बच्चों को पसंद आ रही हैं। साथ ही पार्क में लगी अश्वगंधा और गिलोये का लोग बुखार में प्रयोग कर रहे हैं।

जैविक खाद का ही किया जा रहा इस्तेमाल

पदाधिकारियों ने बताया कि हर्बल गार्डन में कोई रासायनिक खाद का प्रयोग नहीं किया जा रहा है। जैविक खाद का ही प्रयोग किया जा रहा है, जो पार्क में ही सूखी पत्तियों, कूड़े आदि से बनाई गई है। इससे पहले पार्क में मक्के और गेहूं की खेती भी की गई थी, जिसमें भी इसका प्रयोग किया गया था।

हर्बल गार्डन में लगे हैं ये पौधे

सदाबहार तुलसी अश्वगंधा लेमन ग्रास मरवा शतावरी ब्राह्मी स्टीविया गिलोय अजवाइन

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