Delhi Lockdown 2021 News: राजधानी दिल्ली में मुफ्त नहीं, सामान्य दरों पर ही मिलेगा राशन

Delhi Lockdown 2021 News: राजधानी दिल्ली में मुफ्त नहीं, सामान्य दरों पर ही मिलेगा राशन

Delhi Lockdown 2021 News मुख्यमंत्री की घोषणा से इतर खाद्य आपूर्ति विभाग ने कार्ड धारकों से राशन की तय कीमत वसूलने का आदेश जारी किया है। सीमापुरी सर्कल में राशन वितरण ई पोस मशीनों के जरिये जबकि अन्य सर्कलों में मैन्युअली होगा।

Jp YadavWed, 12 May 2021 10:18 AM (IST)

नई दिल्ली [संजीव गुप्ता]। देश की राजधानी दिल्ली में मई का राशन मुफ्त नहीं, बल्कि सामान्य दरों पर ही मिलेगा। मुख्यमंत्री की घोषणा से इतर खाद्य आपूर्ति विभाग ने कार्ड धारकों से राशन की तय कीमत वसूलने का आदेश जारी किया है। सीमापुरी सर्कल में राशन वितरण ई पोस मशीनों के जरिये, जबकि अन्य सर्कलों में मैन्युअली होगा। हालांकि, पूरा राशन न आने के कारण अभी इसके वितरण में भी उलझन बनी हुई है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 24 अप्रैल 2021 को प्रधानमंत्री गरीब कल्याण अन्न योजना (पीएमजीकेएवाई) के तहत दो माह के लिए सरकारी राशन की दुकानों से मुफ्त राशन वितरण की घोषणा की थी।

इसके बाद मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी चार मई को दिल्ली के 72 लाख लाभार्थियों को मई-जून का राशन मुफ्त दिए जाने की घोषणा कर दी, लेकिन विभाग द्वारा सोमवार शाम को जारी आदेश के अनुसार राशन कार्ड धारकों को राशन की कीमत देनी होगी।

खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सहायक आयुक्त (वितरण) देशराज सिंह द्वारा जारी आदेश में स्पष्ट कहा गया है कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (एनएफएसए)के तहत मई 2021 का राशन वितरित होगा। इसमें गेहूं दो रुपये प्रति किलो, चावल तीन रुपये प्रति किलो और चीनी 13.50 रुपये प्रति किलो की दर से दी जाएगी।

इसी तरह 11 नंबर बिंदु में बताया गया है कि आइटी ब्रांच द्वारा जल्द ही फूड सप्लाई अफसरों और इंस्पेक्टरों को राशन की उन दुकानों की सूची उपलब्ध करवाई जाएगी। जिन्हें वितरण की मंजूरी दी गई है। बॉक्स-1दुकानों पर नहीं पहुंचा पूरा राशन राजधानी की करीब 2000 सरकारी राशन की दुकानों में राशन आपूर्ति की जिम्मेदारी दिल्ली स्टेट सिविल सप्लाईज कारर्पोरेशन (डीएससीएससी) की है।

विभागीय आंकड़ों के अनुसार आठ मई तक छह गोदामों में सामान्य राशन की सिर्फ 68.30 फीसद जबकि पीएमजीकेएवाई के राशन की मात्र 8.56 फीसद आपूर्ति ही हो पाई है। बड़ी बात यह है कि ये राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2013 का उल्लंघन है, क्योंकि एक्ट के अनुसार हर माह की पहली तारीख से राशन वितरण प्रारंभ किया जाना चाहिए। आपूर्ति में देरी की वजह विभागीय अधिकारी आवंटन की लिस्ट का देरी से जारी किया जाना बता रहे हैं।

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