Delhi Tractor Rally: किसानों ने दिन में मचाया उत्पात, शाम को संगठन ने की परेड को बंद करने की घोषणा

दिल्ली पुलिस के जवान ही किसान नेताओं के वाहनों को रास्ता देते नजर आए।

Delhi Kisan Tractor Rally नोएडा मोड़ पर हिंसक किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर हालात को काबू में किया। इसी के साथ पुलिस ने किसानों को मयूर विहार फेस- स्टेशन से वापस कर दिया है। अब किसान वापस नोएडा में धरना स्थल की ओर लौट रहे हैं।

Publish Date:Tue, 26 Jan 2021 08:57 AM (IST) Author: JP Yadav

नई दिल्ली, जागरण न्यूज नेटवर्क। समूची दिल्ली में चल रहे किसानों के उग्र प्रदर्शन के चलते केंद्रीय गृह मंत्रालय (Ministry of Home Affairs) ने अस्थायी रूप से सिंघु, गाजीपुर, टीकरी बॉर्डर, मुबरका चौक और नांगलोई में मंगलवार रात 11 बजकर 59 मिनट तक इंटरनेट सर्विस स्थगित कर दी गई है। कई मेट्रो स्‍टेशन बंद हैं। सुरक्षा को लेकर समीक्षा हो रही है। उधर संयुक्त किसान मोर्चा के पदाधिकारियों की ओर से मंगलवार की शाम को घोषणा की गई कि तत्काल किसान गणतंत्र दिवस परेड को बंद किया जा रहा है। इसी के साथ सभी से अपील की गई कि सभी किसान अपने-अपने धरना स्थल पर वापस लौट जाएं। 

Kisan Tractor March:   

संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) ने किसान गणतंत्र दिवस परेड को तत्काल प्रभाव से बंद कर दिया है और सभी प्रतिभागियों से अपील की है कि वे तुरंत अपने संबंधित विरोध स्थलों पर लौट आएं।  दिल्ली पुलिस ने शाम को सूचना दी कि लाल किले पर मंगलवार की दोपहर लगभग 200 कलाकार फंस गए थे, दिल्ली पुलिस ने उन्हें शाम को मुक्त कराया और उनके घर पहुंचवाया।  डीएमआरसी ने बताया कि कश्मीरी गेट, आजादपुर मेट्रो स्टेशन, रोहिणी सेक्टर 18, विधानसभा, मॉडल टाउन और इंद्रलोक मेट्रो स्टेशन के एंट्री और एग्जिट गेट को बंद कर दिया गया है। वहीं, इंद्रप्रस्थ मेट्रो स्टेशन का एंट्री और एग्जिट गेट को पब्लिक के लिए खोल दिया गया। उत्तर नगर ईस्ट मेट्रो स्टेशन के एंट्री गेट को बंद कर दिया गया है।  दिल्ली में किसानों की हिंसा पर बोलते हुए केंद्रीय राज्यमंत्री कृष्णपाल गुर्जर  राष्ट्रीय पर्व पर किसानों द्वारा दिल्ली को हिंसा में झोंकना और अराजकता का माहौल पैदा करना बहुत दुर्भाग्यपूर्ण है। हम पहले ही दिन से कह रहे थे कि यह आंदोलन दिशाहीन है। ट्रैक्टर परेड का रूट तय करने वाले किसान संगठनों के नेता कहीं नजर नहीं आ रहे हैं। इस हिंसा के लिए किसान संगठन जिम्मेदारी लें और तत्काल प्रभाव से किसान दिल्ली बार्डर खाली करें। अपने घरों को लौट जाएं। सरकार को कठोर कदम उठाने के लिए मजबूर न करें। मोदी विरोधी और मोदी सरकार को अस्थिर करने वाले राजनीतिक दल किसानों को मोहरा बनाकर देश को आग में झोंकना चाहते हैं।  सूत्रों के अनुसार, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने दिल्ली हिंसा पर पुलिस अधिकारियों से कानून व्यवस्था का जायजा लिया। बताया जा रहा है कि गृह मंत्रालय में बैठक की जा रही है।  दिल्ली मेट्रो रेल कार्पोरेशन ने तीन और मेट्रो स्टेशन के एंट्री और एक्जिट गेट को बंद कर दिया है। दिलशाद गार्डन, झिलमिल और मानसरोवर पार्क मेट्रो स्टेशन को आम पब्लिक के लिए बंद कर दिया गया है।  संयुक्त किसान मोर्चा ने बयान जारी कर हिंसक प्रदर्शन की कड़ी निंदा की है। मोर्चा ने कहा कि प्रदर्शनकारियों से शांति की अपील की है। संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि सभी प्रयासों के बावजूद कुछ लोगों ने मार्ग का उल्लंघन किया और निंदनीय कृत्यों में लिप्त रहे। असामाजिक तत्वों ने शांतिपूर्ण आंदोलन में घुसपैठ की थी। हमने हमेशा माना है कि शांति हमारी सबसे बड़ी ताकत है और किसी भी उल्लंघन से आंदोलन को नुकसान होगा।  वहीं, लालकिला के लाहौरी गेट पर लगा दरवाजा उपद्रवी किसानों ने तोड़ दिया है। इसके बाद उपद्रवी मीना बाजार तक पहुंच गए हैं। मीना बाजार में क्या नुकसान किया है? अभी पता नही चल पा रहा है। बताया जा रहा है कि वहां कार्यरत कर्मचारियों ने अपने को कार्यालय में बंद कर लिया है। इस बीच खबर आ रही है कि प्रदर्शनकारियों ने फिर ध्वजारोहण स्थान पर कब्जा कर लिया है। हजारों की संख्या में लोग ध्वजारोहण स्थान पर पहुंच गए हैं।  मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, लालकिला पर पुलिस कर्मियों को घेर कर मारने की कोशिश की गई।  उपद्रवियों ने तलवार से पुलिस कर्मियों पर हमला किया। बताया जा रहा है कि यह हमला निहंगों ने किया। वहीं,  लाल किला खाली कराने में पुलिस कामयाब होती दिखाई दे रही है। पुलिस और प्रदर्शनकारियों में झड़प भी जारी है।  वहीं,हिंसक प्रदर्शन पर किसान नेता राकेश टिकैत ने बयान दिया है कि राजनीतिक दलों ने ये माहौल खराब किया है, किसानों ने नहीं। इस बीच दिल्ली में किसानों की ट्रैक्टर परेड जारी है, लेकिन हिंसक प्रदर्शनों के साथ। मिली जानकारी के मुताबिक, ट्रैक्टर परेड के दौरान आइटीओ समेत दिल्ली में कई जगहों पर किसान अराजक हो चुके हैं। गाड़ियों में तोड़फोड़ के साथ पुलिसकर्मियों को भी पीटने की खबरें आ रही हैं। उधर, नोएडा और गाजियाबाद में किसानों पर लाठीचार्ज भी किया गया है।  इस बीच संयुक्त किसान मोर्चा की ओर से आधिकारिक बयान जारी कर कहा गया है कि दिल्ली में घुसकर हिंसा, तोड़फोड़ और मारपीट करने वालों का उनके संगठन से कोई वास्ता नहीं है। इस बीच किसानों के हिंसक प्रदर्शन को देखते हुए दिल्ली मेट्रो के कई स्टेशनों के गेट बंद कर दिए गए हैं, इनमें आइटीओ मेट्रो स्टेशन भी शामिल है। दोपहर बाद हड़दंगी किसान लाल किला पर पहुंचे। यहां से कुछ नजदीक ही किसानों ने आइएसबीटी के पास ट्रैफिक पुलिसकर्मी को पीटा। आइटीओ पर पुलिस और किसानों के बीच झड़प शुरू हो गई है। इस बीच पुलिस ने किसानों पर काबू पाने के लिए लाठीचार्ज भी किया है। आईटीओ पर किसानों ने ट्रैक्टर दौड़ा कर पुलिस कर्मियों पर चढ़ाने की कोशिश की गई। गाजीपुर, आइटीओ और नांगलोई में किसानों ने पुलिस की मौजूदगी में ही बैरिकेड तोड़ डाले।

नोएडा मोड़ पर हिंसक किसानों पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर हालात को काबू में किया। इसी के साथ पुलिस ने किसानों को मयूर विहार फेस- स्टेशन से वापस कर दिया है। अब किसान वापस नोएडा में धरना स्थल की ओर लौट रहे हैं। दिल्ली से सटे गाजियाबाद में यूपी पुलिस ने प्रदर्शनकारी किसानों पर लाठीचार्ज कर खदेड़ दिया। किसानों द्वारा उत्पात मचाने और तोड़फोड़ करने पर दिल्ली पुलिस ने ऐसे किसानों की पिटाई शुरू कर दी है। करनाल बाईपास पर प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में प्रवेश करने के लिए मंगलवार सुबह पुलिस बैरिकेडिंग को तोड़ दिया, उनका कहना है कि यहां से किसानों की ट्रैक्टर रैली जाएगी।

उग्र हुए आंदोलनकारी किसान

सिंघु बॉर्डर से मुकरबा चौक के पास पहुंचे ट्रैक्टरों पर सवार किसान उग्र हो गए हैं। किसान बाहरी रिंग रोड की तरफ जाने पर अड़ गए तो पुलिस ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो किसान बैरिकेड तोड़ने लगे। बसों के शीशे तोड़ दिए। पुलिस को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। किसानों व पुलिस के बीच झड़प भी हो रही है। यहां माहौल तनावपूर्ण हो गया है।

#WATCH Protestors at Karnal bypass break police barricading to enter Delhi as farmers tractor rally is underway in the national capital#FarmLaws pic.twitter.com/pzfJs6Ioef

— ANI (@ANI) January 26, 2021

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किसानों ने किया दिल्ली कूच, बेरिगेटिंग हटाई

यूपी गेट पर किसान दिल्ली के लिए कूच कर दिया है। ट्रैक्टरों के साथ ट्रॉली भी जोड़ी है, जिसमें खाने का सामान व सिलेंडर आदि भी रखे गए हैं। ट्रैक्टरों पर राष्ट्रीय ध्वज के साथ भारतीय किसान यूनियन व अन्य किसान संगठनों के झंडे एवं गन्ने भी लगाए गए हैं। ट्रैक्टर ट्रॉली के ऊपर झांकी भी लगी है। नारेबाजी के साथ किसान दिल्ली के लिए निकल गए हैं। पुलिस सड़क के एक और खड़ी है। एसएसबी के जवान भी खड़ा होकर किसानों को जाते हुए देख रहे हैं। किसान समिति के वॉलिंटियर्स व्यवस्था बनाने में जुटे हैं। वहीं, किसान संगठन के जिम्मेदार खासकर युवाओं से शांतिपूर्ण तरीके से ट्रैक्टर परेड निकालने की लगातार अपील कर रहे हैं। युवा ट्रैक्टरों को तेजी के साथ एक दूसरे से आगे निकलने की होड़ में लगे हैं। 

 

ट्रैक्टरों में लगे हैं सायरन

दिल्ली के लिए रवाना हुए किसानों के ट्रैक्टरों में सायरन भी लगे हैं। इसके अलावा ट्रैक्टर ट्राली में तेज आवाज डीजे भी बजाए जा रहे हैं। लेकिन इस बीच व्यवस्था बिगड़ने के कारण यूपी गेट गाजीपुर बार्डर पर जाम की स्थिति बनी है।

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टीकरी बॉर्डर से निकले ट्रैक्टर परेड को नजफगढ़ में देखने के लिए बड़ी संख्या स्थानीय लोग सड़क किनारे खड़े हैं।

इस बीच दिल्ली के तीन रूटों पर मंगलवार को किसान संगठन ने ट्रैक्टर परेड भी निकालना शुरू कर दिया है। टीकरी बॉर्डर के बाद यूपी गेट से भी किसान दिल्ली में घुस गए हैं। दोनों जगहों पर किसानों ने बैरिकेड तोड़ा है। पूर्वी दिल्ली स्थित यूपी गेट पर बैरिकेड तोड़कर किसान दिल्ली में घुस गए हैं। यहां तक कि गाज़ीपुर डेयरी फार्म तक पहुंच गए हैं। 

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