11वीं को 30 फीसद वेटेज देने से सहमत नहीं दिखे प्रधानाचार्य और छात्र, पढ़िए क्या कहते हैं प्रिंसिपल और स्टूडेंट

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा बनाई गई कमेटी ने 12वीं कक्षा का परिणाम जारी करने के लिए 30-30-40 का फार्मूला तय किया है। बोर्ड के इस फैसले से दिल्ली के स्कूलों के प्रधानाचार्य और छात्र थोड़े असंतुष्ट दिखे।

Vinay Kumar TiwariThu, 17 Jun 2021 07:07 PM (IST)
10वीं और 11वीं के छात्रों की मानसिकता और अध्ययन का स्तर बहुत अलग होता है।

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) द्वारा बनाई गई कमेटी ने 12वीं कक्षा का परिणाम जारी करने के लिए 30-30-40 का फार्मूला तय किया है। बोर्ड के इस फैसले से दिल्ली के स्कूलों के प्रधानाचार्य और छात्र थोड़े असंतुष्ट दिखे।

प्रधानाचार्यों ने कहा कि सीबीएसई ने 12वीं के परिणाम जारी करने के लिए कक्षा 10 और 11 के परिणामों को शामिल कर मूल्यांकन का बहुत व्यापक मानक देने की कोशिश की है। लेकिन 10वीं और 11वीं के छात्रों की मानसिकता और अध्ययन का स्तर बहुत अलग होता है। 11वीं में छात्र परीक्षाओं को लेकर उतनी मेहनत नहीं करते जितनी बोर्ड परीक्षा के लिए करते हैं। ऐसे में 11वीं को 30 प्रतिशत का वेटेज देना सही नहीं है। वहीं, छात्रों ने भी कहा कि परिणाम 12वीं कक्षा के लिए जारी होना है। ऐसे में 12वीं के वेटेज बढ़ाए जाने चाहिए।

प्रधानाचार्यों की राय-

- सीबीएसई का निर्णय काफी सोच समझकर छात्रों के हित में ही लिया गया है। लेकिन मुझे लगता है कि अगर इसमें 11वीं को केवल 20 फीसद वेटेज देते तो ज्यादा अच्छा होता। हालांकि, एक तरह से देखा जाए तो अब 70 फीसद अंक स्कूलों के ही हाथ में हैं।

वीना मिश्रा, प्रधानाचार्या, नेशनल विक्टर पब्लिक स्कूल

- मैं 30-30-40 फार्मूले बिल्कुल भी सहमत नहीं हूं। 11वीं में छात्रों उतनी मेहनत नहीं करते जितनी की 12वीं में। ऐसे में 11वीं को 30 फीसद वेटेज देना का फैसला बिल्कुल उचित नहीं है।

- प्रियंका गुलाटी, प्रधानाचार्या, एवरग्रीन पब्लिक स्कूल

- 12वीं का वेटेज थोड़ा और बढ़ाना चाहिए था। मुझे लगता है कि 12वीं को 50 फीसद का वेटेज देना सही रहता। इन 50 फीसदी वहीं 12वीं के छात्रों की एक आनलाइन परीक्षा तो जरूर आयोजित होनी चाहिए थी। छात्रों ने परीक्षा के लिए बहुत मेहनत की थी।

- नीता अरोड़ा, प्रधानाचार्या, श्री वेंकटेशवर इंटरनेशनल स्कूल

- 12वीं का परिणाम जारी करने के सीबीएसई ने 10वीं, 11वीं और 12वीं के अंकों को जोड़ा जाना बिल्कुल सही फैसला है। लेकिन इसमें 11वीं को 15-20 फीसद से ज्यादा वेटेज नहीं देना था। मेरे हिसाब से 30-20-50 वेटेज सही रहता।

- ज्योति अरोड़ा, प्रधानाचार्या, माउंट आबू स्कूल

छात्रों की राय-

- 11वीं की कक्षा तो विषयों को समझने में ही निकल गई। परिणाम भी अच्छा नहीं था। मुझे 12वीं के परिणाम को लेकर बहुत चिंता हो रही है। 11वीं को 30 फीसद वेटेज देना सही नहीं है।

सिया, छात्रा

- 10वीं के बाद एकदम से 11वीं में संकाय चुनने होते हैं। साल भर तो विषय समझ ही नहीं आते। मैंने 11वीं में इतनी मेहनत नहीं की थी जितनी की 12वीं में 11वीं को 15 से 20 फीसद वेटेज ही देना चाहिए था।

रिषभ ठाकुर, छात्र

- मुझे लगता है 10वीं और 12वीं के अंको को अधिक महत्व दिया जाना चाहिए। 11वीं में कई छात्र प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में जुट जाते हैं। ऐसे में 11वीं की वार्षिक परीक्षा में अच्छे अंक नहीं आते हैं। मुझे यह भी लगता है कि अतिरिक्त पाठ्यक्रम गतिविधियों और प्रोेजेक्ट कार्यों को भी परिणाम में जोड़ा जाना चाहिए।

- रिषभ कुमार, छात्र

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