तीन राज्यों में 14 दिन चला पुलिस का आपरेशन, ठगी करने वाले चार आरोपित चढ़े पुलिस के हत्थे

उत्तरी जिला पुलिस ने एक ऐसे ही मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। लेकिन यह इतना आसान नहीं था। पुलिस की टीम ने लगातार 14 दिन तक आपरेशन चलाया। तीन राज्यों बिहार महाराष्ट्र और दिल्ली में छापेमारी कर चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है।

Pradeep ChauhanMon, 29 Nov 2021 06:55 PM (IST)
गिरफ्तार आरोपितों में कासिफ अख्तर उर्फ शाहरुख, गौरव कुमार, मूसा गौस शेख उर्फ सोनू और मोहम्मद अली हैं।

नई दिल्ली [धनंजय मिश्रा]। आपके मोबाइल फोन में लगा सिम यदि अचानक बंद हो जाए तो इसे हल्के में न लें। इस बारे में तुरंत पता करें, नहीं तो कहीं ऐसा ना हो कि आपके बैंक खाते से सारे पैसे एक झटके में गायब हो जाएं। उत्तरी जिला पुलिस ने एक ऐसे ही मामले में चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। लेकिन यह इतना आसान नहीं था। पुलिस की टीम ने लगातार 14 दिन तक आपरेशन चलाया। तीन राज्यों बिहार, महाराष्ट्र और दिल्ली में छापेमारी कर चार आरोपितों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपितों में कासिफ अख्तर उर्फ शाहरुख, गौरव कुमार, मूसा गौस शेख उर्फ सोनू और मोहम्मद अली हैं।

कासिफ दिल्ली के जाकिर नगर का रहने वाला है। जबकि गौरव पटना का रहने वाला है। इसके अलावा दो आरोपित मुंबई और पूर्वी ठाणे इलाके के रहने वाले हैं।उपायुक्त सागर सिंह कलसी ने बताया कि बुराड़ी थाना इलाके के रहने वाले हरीश चंद का पहले मोबाइल का सिम बंद हो गया और उसके बाद पता चला कि जिस बैंक खाते से उसका नंबर जुड़ा था, उसका नेट बैंकिंग पासवर्ड मेल पर जनरेट किया जा रहा है। जब वह बैंक पहुंचे तो पता चला कि उनके खाते से 10 लाख रुपये अलग-अलग तीन बैंक खातों में ट्रांसफर हो गए हैं। यह तीनों बैंक खाते बिहार और बंगाल के थे। मामले की जांच के लिए एसीपी स्वागत आर पाटिल की देखरेख में एसएचओ राजेंद्र प्रसाद,एसआइ सत्येंद्र सिह, साइबर सेल के इंचार्ज रोहित सारस्वत की टीम का गठन किया गया।

आगे पता करने पर जानकारी मिली कि उनका नंबर का सिम किसी दूसरे शख्स ने लक्ष्मी नगर इलाके से इशू करवा लिया है। जिस कंपनी का मोबाइल नंबर था वहां और बैंक से पुलिस ने डिटेल निकालना शुरू किया और आगे जांच करती हुई पुलिस टीम इस ठगों के तक पहुंचने में कामयाब रही। जांच में पता चला कि आरोपितों ने अपने बैंक खातों से एटीएम बूथ से पैसे निकाले हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने टेक्निकल सर्विलांस और सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच के बाद आरोपितों की पहचान की। उसके बाद बिहार, महाराष्ट्र और दिल्ली से चारों आरोपितों को गिरफ्तार कर लिया।

जांच में यह तथ्य आए : आरोपितों ने पीडि़त का फर्जी वोटर आइडी बनाकर उसी नंबर की दूसरी सिम निकलवाई-उसी सिम के आधार पर नेट बैंकिंग के जरिए ओटीपी से पैसे तीन अलग-अलग बैंक खातों में भेजा-दो आरोपित इसी तरह से 94 लाख की ठगी में पहले भी गिरफ्तार हो चुके हैं-आरोपितों को अक्रिका में रहने वाला सन्नी नामक युवक पीडि़तों के इंटरनेट बैंकिंग की आइडी मुहैया कराता था -करंट बैंक खाता वाले लोगों को यह गिरोह निशाना बनाता था।

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