ढाई करोड़ रुपये की ठगी में फर्म का मालिक गिरफ्तार, पुलिस ने तमिलनाडु जाकर किया अरेस्ट

द्वारका स्थित आवासीय परियोजना के नाम पर की थी ठगी

Delhi Crime पुलिस ने भगोड़े आरोपित को तमिलनाडु के जिला पुदुकोट्टई से दबोचा। उस पर पुलिस में ठगी के कुल छह मुकदमे दर्ज हैं। सशस्त्र बल से एच्छिक सैवानवृित के बाद के. पोनियाह ने ठगी शुरू कर दी थी।

Prateek KumarThu, 25 Feb 2021 05:23 PM (IST)

नई दिल्ली [संतोष शर्मा]। दिल्ली पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (ईओडब्ल्यू) ने ढाई करोड़ रुपये की ठगी में एक फर्म के मालिक के. पोनियाह को गिरफ्तार किया है। आरोपित ने द्वारका स्थित आवासीय परिजनों में फ्लैट देने के नाम पर लोगों से ठगी की थी। पुलिस ने भगोड़े आरोपित को तमिलनाडु के जिला पुदुकोट्टई से दबोचा। उस पर पुलिस में ठगी के कुल छह मुकदमे दर्ज हैं। सशस्त्र बल से एच्छिक सैवानवृित के बाद के. पोनियाह ने ठगी शुरू कर दी थी।

ईओडब्ल्यू के संयुक्त पुलिस आयुक्त डाॅ. ओ.पी. मिश्रा ने बताया कि लोगों ने पुलिस ने ठगी की शिकायत की थी। शिकायतकर्ताओं ने बताया कि के. पोनियाह ने डिफेंस पर्सनेल वेलफेयर हाउसिंग ऑर्गनाइजेशन (डपीडब्ल्यूएचओ) नाम के फर्म द्वारा द्वारका सेक्टर-23 में आवासीय परिजनों शुरू किए जाने का दावा किया था। इसके तहत 32 फ्लैट बनाए जाने थे।

आरोपित ने वर्ष 2014 में लोगों को राशि का भुगतान करने पर तय समय में फ्लैट देने का वादा किया था। लेकिन, वर्ष 2016 तक रुपये देने के बावजूद लोगों को फ्लैट पर कब्जा नहीं दिया गया। इसी बीच पता चला कि पीड़ितों के फ्लैट अन्य को बेच दिए गए हैं। स्थानीय थाने में मुकदमा दर्ज करने के बाद इसे ईओडब्ल्यू को स्थानांतरित कर दिया गया।

पुलिस ने छानबीन की तो पता चला कि आरोपित के फर्म ने आवासीय परियोजना के लिए कॉनकेम कंस्ट्रक्शन प्राइवेट लिमिटेड नाम की कंपनी साथ करार किया था। ठगी की पुष्टि के बाद पुलिस ने आरोपित को नोटिस जारी किया, लेकिन वह फरार हो गया था। जिसके बाद अदालत ने वर्ष 2018 में उसे भगोड़ा घोषित कर दिया था। पुलिस उसकी तलाश में लगी थी। जांच में पता चला कि के. पोनियाह तमिलनाडु स्थित अपने गांव में छुप कर रहा है। इसके बाद पुलिस की टीम को वहां भेजा गया और 23 फरवरी को तमिलनाडु के पुदुकोट्टई जिला से आरोपित को धर दबोचा। पुलिस अधिकारी ने बताया कि के. पोनियाह सशस्त्र बल में हवलदार था। वर्ष 2010 में एच्छिक सेवानिवृति के बाद उसने वर्ष 2012 में अपना फर्म बनाकर लोगों से ठगी शुरू की थी।

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