रेजिडेंट डाक्टरों की हड़ताल से ओपीडी व इमरजेंसी सेवाएं बंद, इलाज के लिए भटकते रहे मरीज

नीट पीजी की काउंसिलिंग कराने की मांग को लेकर सोमवार को सफदरजंग अस्पताल के रेजिडेंट डाक्टरों ने प्रदर्शन किया और ओपीडी व इमरजेंसी सेवा बंद कर दी। डाक्टरों ने कहा कि नीट पीजी की काउंसिलिंग न होने से अस्पतालों में नए डाक्टरों की भर्ती नहीं हो पा रही है।

Pradeep ChauhanPublish:Mon, 06 Dec 2021 09:57 PM (IST) Updated:Mon, 06 Dec 2021 10:52 PM (IST)
रेजिडेंट डाक्टरों की हड़ताल से ओपीडी व इमरजेंसी सेवाएं बंद, इलाज के लिए भटकते रहे मरीज
रेजिडेंट डाक्टरों की हड़ताल से ओपीडी व इमरजेंसी सेवाएं बंद, इलाज के लिए भटकते रहे मरीज

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। नीट पीजी की काउंसिलिंग कराने की मांग को लेकर सोमवार को सफदरजंग अस्पताल के रेजिडेंट डाक्टरों ने प्रदर्शन किया और ओपीडी व इमरजेंसी सेवा बंद कर दी। डाक्टरों ने कहा कि नीट पीजी की काउंसिलिंग न होने से अस्पतालों में नए डाक्टरों की भर्ती नहीं हो पा रही है। इससे रेजिडेंट डाक्टरों को काफी परेशानी हो रही है। सोमवार को सरकार की ओर से डायरेक्टर जनरल आफ हेल्थ सर्विसेज डा. सुनील कुमार ने रेजिडेंट डाक्टरों से बातचीत की।

अस्पताल के रेजिडेंट डाक्टर्स एसोसिएशन के उपाध्यक्ष डा. विनय व महासचिव डा. अनुज अग्रवाल व डा. मनीष ने कहा कि मांगें पूरी होने तक वे आंदोलन करेंगे। रेजिडेंट डाक्टरों की हड़ताल के अब इस यहां मरीजों का इलाज सिर्फ सीनियर डाक्टरों के भरोसे ही रह गया है। हड़ताल के कारण दिन भर मरीज परेशान होते रहे। हाथरस में चोट लगने के बाद दिल्ली रेफर किए गए आशीष की बहन ने कहा कि रविवार रात से ही वह अपने भाई को लेकर अस्पतालों के चक्कर लगा रही हैं।

सफदरजंग में उन्हें बताया गया है कि उनकी भाई की सर्जरी नहीं होगी। वहीं, दिल्ली के नजफगढ़ से आए दवनदीप ने बताया कि उनकी रीढ़ की हड्डी टूट गई है। वह इलाज कराने के आए थे लेकिन डाक्टरों ने इलाज करने से मना कर दिया। वहीं, बदरपुर से आए मनोज ने बताया कि उन्हें अपनी बहन का अल्ट्रासाउंड करवाना था लेकिन काउंटर पर पहुंचे तो यह कहकर वापस कर दिया गया कि हड़ताल है इसलिए कोई काम नहीं होगा।