राहतः दिल्ली में घटी फंगस के मरीजों की संख्या, डाॅक्टर दे रहे सावधानी बरतने के निर्देश

मरीज़ों के लिए सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को 2780 एंफोटेरिसिन बी इंजेक्शन का आवंटन किया गया है। इन मरीजों में केंद्र सरकार के एम्स सफदरजंग राम मनोहर लोहिया और लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज जैसे अस्पतालों के आंकड़े शामिल नहीं है।

Prateek KumarSat, 12 Jun 2021 07:45 AM (IST)
दिल्ली सरकार के अस्पतालों और निजी अस्पतालों में अब फंगस के 688 मरीज

जागरण संवाददाता, नई दिल्ली: राजधानी में दिल्ली सरकार के अस्पतालों व निजी अस्पतालों में फंगस (म्यूकरमाइकोसिस) के मरीजों की संख्या अब घटकर कुल 688 रह गई है। ये सक्रिय मरीज दिल्ली के 56 विभिन्न अस्पतालों में भर्ती हैं। जहां इनका इलाज चल रहा है। इन मरीज़ों के लिए सरकार द्वारा बृहस्पतिवार को 2780 एंफोटेरिसिन बी इंजेक्शन का आवंटन किया गया है। इन मरीजों में केंद्र सरकार के एम्स, सफदरजंग, राम मनोहर लोहिया और लेडी हार्डिंग मेडिकल कालेज जैसे अस्पतालों के आंकड़े शामिल नहीं है।

तीन जून को स्वास्थ्य मंत्री जैन ने 1044 बताई थी मरीजों की संख्या

इससे पहले तीन जून को दिल्ली के स्वास्थ्य मंत्री सत्येंद्र जैन ने दिल्ली सरकार के अस्पतालों व निजी अस्पतालों में कुल मरीजों की संख्या 1044 बताई थी। वहीं, दिल्ली सरकार के अस्पतालों में सबसे अधिक 113 मरीज गुरू तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में भर्ती हैं। जबकि लोकनायक अस्पताल में फंगस से पीड़ित कुल 108 मरीजों का इलाज चल रहा है।

यह है निजी अस्पतालों में मरीजों की संख्या

इसके अलावा प्रमुख निजी अस्पतालों में साकेत स्थित मैक्स अस्पताल में 67, इंद्रप्रस्थ अपोलो में 36, मैक्स पटपड़गंज में 25, सेंट स्टीफन में 21 और सर गंगाराम अस्पताल में 63 मरीज भर्ती हैं। डाक्टरों के मुताबिक एक दिन में एक मरीज को 4 से 5 इंजेक्शन की जरूरत होती है। इसके साथ ही अब तक दिल्ली में फंगस से 89 मरीजों की मौत हो चुकी है और 92 स्वस्थ हुए हैं। हालांकि, सरकार की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है।

कोरोना पीड़ितों के लिए हुआ मेडिकल वेबिनार

वहीं, माता अमृतानंदमयी मठ के यूथ विंग अवेकेन यूथ यूनाइटेड फार धर्मा (आयुध) इंडिया व एमएसीएस डाक्टर्स फार चेंज फाउंडेशन की ओर से कोरोना पीड़ितों के लिए मेडिकल वेबिनार ‘आस्क योर डॉक्टर’ का आयोजन किया गया। वसंत कुंज स्थित मठ में स्वामी निजामृतानंद पुरी व मोक्षामृता चैतन्य ने दीप जलाकर इसका उद्घाटन किया। वेबिनार का विषय ‘कोरोना के बाद की समस्याएं और उसका समाधान’ था। इस दौरान एम्स नागपुर के डॉ. हर्षानंद ने कहा कि कोरोना से ठीक हो चुके लोग शराब व धूमपान न करें, पौष्टिक आहार लें, व्यायाम करें और खूब पानी पीयें। तीन माह बाद कोरोना रोधी टीका लगवाएं।

एमएसीएस डाक्टर्स फार चेंज फाउंडेशन की अध्यक्ष डा. प्रियंका यादव ने कहा कि कोरोना की तीसरी लहर की आशंका के चलते लोग अपने बच्चों के स्वास्थ्य को लेकर चिंतित हैं। वहीं, कोरोना से ठीक हो चुके लोग अब फंगस को लेकर आशंकित हैं। संस्था के डाक्टर पिछले साल से ही कोरोना के कम व हल्के लक्षण वाले मरीजों को सलाह दे रहे हैं। लोगों के लिए कोविड हेल्पलाइन भी चलाई जा रही है। वेबिनार में डा. ज्योति यादव, मीनाक्षी आदि शामिल हुए।

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