फिर से संकट के दौर में गुरुद्वारा बंगला साहिब ने लोगों की मदद का उठाया बीड़ा, जानिए कैसे कर रहे हजारों की मदद

लोगों की सहायता के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी ने मदद का हाथ बढ़ाया है।

Delhi Coronavirus कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों को बेड नहीं उपलब्ध हो रहे हैं। लाखों लोग घरों में रहकर इलाज करा रहे हैं। कई परिवारों में सभी या अधिकांश सदस्य बीमार हैं। घर में भोजन बनाने वाला कोई नहीं है।

Vinay Kumar TiwariThu, 22 Apr 2021 03:09 PM (IST)

राज्य ब्यूरो, नई दिल्ली। कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। अस्पतालों में मरीजों को बेड नहीं उपलब्ध हो रहे हैं। लाखों लोग घरों में रहकर इलाज करा रहे हैं। कई परिवारों में सभी या अधिकांश सदस्य बीमार हैं। घर में भोजन बनाने वाला कोई नहीं है। इन जरूरमंद लोगों की सहायता के लिए दिल्ली सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (डीएसजीएमसी) ने मदद का हाथ बढ़ाया है। गुरुद्वारा बंगला साहिब में लंगर तैयार करके कोरोना संक्रमितों के घर तक दोनों वक्त भोजन पहुंचाया जा रहा है।

इसके साथ ही लाकडाउन की वजह से मेहनत मजदूरी करने में असमर्थ हो गए लोगों और यात्रियों को भी लंगर उपलब्ध कराया जा रहा है। पिछले वर्ष लाकडाउन लगने पर कई माह तक गुरुद्वारा बंगला साहिब व अन्य गुरुद्वारों से लाखों लोगों को भोजन कराया गया था। घर लौट रहे कामकागारों के लिए लंगर आन व्हील्स सुविधा भी शुरू की गई थी। अब एक बार फिर से संकट के दौर में गुरुद्वारा बंगला साहिब से लोगों को मदद मिल रही है।

कमेटी के पदाधिकारियों का कहना है कि डीएसजीएमसी की चिंता है कि दिल्ली में कोई भी व्यक्ति भूखा न सोए। इसके लिए हर जरूरी कदम उठाए जाएंगे। गुरुद्वारा बंगला साहिब में कुछ माह पहले ही अत्याधुनिक लंगर हाल तैयार किया गया है। इस लंगर हाल में स्वचालित मशीनें लगी हुई हैं। मशीनों से लंगर तैयार किया जाता है। कमेटी के महासचिव हरमीत सिंह कालका का कहना है कि कोरोना मरीजों के साथ ही अन्य जरूरतमंदों को भी लंगर उपलब्ध कराया जा रहा है। फिलहाल लगभग 20 हजार लोगों तक लंगर पहुंच रहा है। जरूरत पड़ने पर दो लाख से ज्यादा ज्यादा लोगों को लंगर देने की व्यवस्था की गई है।

जारी किए गए हैं हेल्पलाइन नंबर
कोई भी व्यक्ति जिसे भोजन की जरूरत है, वह डीएसजीएमसी द्वारा जारी किए गए 9811914050, 9810183038, 9953086923, 9312521855 और 9990033655 मोबाइल नंबरों पर संपर्क कर सकता है। उनके बताए स्थान पर लंगर पहुंचा दिया जाता है।

सेवादारों की सुरक्षा का भी खयाल
लंगर की सेवा में लगे सेवादारों की सुरक्षा का भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। जरूरत के अनुसार दो पहिया वाहन व लंगर वैन से लंगर पहुंचाया जा रहा है। लंगर पहुंचाने वाली टीम के लिए पीपीई किट की व्यवस्था की गई है।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

पांच राज्यों के विधानसभा चुनावों से जुड़ी प्रमुख जानकारियों और आंकड़ों के लिए क्लिक करें।

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.