अब विधायकों के कार्यालयों में भी तैनात किए जाएंगे मार्शल, लोगों को होगी सहूलियत

विधानसभा सत्र के दौरान विशेष उल्लेख (नियम संख्या 280) के तहत सत्ता पक्ष के विधायक सोमदत्त ने मुददा उठाया कि हर विधायक के कार्यालय में रोजाना सैंकड़ों लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं लेकिन वहां कोविड प्रोटोकाल का पालन नहीं हो पाता।

Prateek KumarFri, 30 Jul 2021 06:10 AM (IST)
जल्द ही विधायक कार्यालयों के लिए मार्शल तैनात किए जाएंगे।

नई दिल्ली, संजीव गुप्ता। दिल्ली के सभी विधायकों के कार्यालय में मार्शल तैनात किए जाएंगे। इनमें महिला एवं पुरुष दोनों शामिल होंगे। यह मार्शल वहां आने वाले लोगों में कोविड नियमों का पालन सुनिश्चित कराएंगे। दरअसल, विधानसभा सत्र के दौरान विशेष उल्लेख (नियम संख्या 280) के तहत सत्ता पक्ष के विधायक सोमदत्त ने मुददा उठाया कि हर विधायक के कार्यालय में रोजाना सैंकड़ों लोग अपनी समस्याएं लेकर आते हैं, लेकिन वहां कोविड प्रोटोकाल का पालन नहीं हो पाता। अगर मार्शल तैनात कर दिए जाएं तो स्थिति में सुधार हो सकता है। इस पर विधानसभा अध्यक्ष रामनिवास गोयल ने उन्हें आश्वस्त किया कि प्रक्रिया चल रही है। जल्द ही विधायक कार्यालयों के लिए मार्शल तैनात किए जाएंगे।

लंबे समय तक एक ही पद पर कर्मचारियों के बने रहने का मुद्​दा उठा

नियम संख्या 280 के तहत अन्य विधायकों ने भी अपने अपने क्षेत्र की समस्याएं उठाई। माडल टाउन से विधायक अखिलेश पति त्रिपाठी ने नगर निगम में एक ही पद पर लंबे समय तक कर्मचारियों के जमे रहने का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि कई कर्मचारी ऐसे हैं जो 40-40 साल से एक ही जगह पर जमे बैठें हैं। उन्होंने कर्मचारियों की तरफ से वसूली का मामला भी उठाया। इसके साथ ही उत्तरी दिल्ली नगर निगम में पांच साल से अधिक समय से एक ही पद पर बैठे लोगों की जानकारी देने की मांग की।

स्लाटर हाउस से जुड़ा मुद्​दा उठा

त्रिलोक पुरी के विधायक रोहित कुमार ने अपने क्षेत्र में सुअरों के स्लाटर हाउस से जुड़ा मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ये लोगों के स्वास्थ्य के साथ ही रोजगार से जुड़ा मुददा है। उन्होंने इलाके में स्लाटर हाउस की व्यवस्था कराने की मांग की। हरिनगर से विधायक रा कुमार ढिल्लो ने मायापुरी में झुग्गी-झोपड़ियों के बीच से गुजरने वाले नाले का मुददा सामने रखा। उन्होंने कहा कि वे इस मामले को संबंधित अधिकारियों और इंजीनियरों के समक्ष भी उठा चुके हैं। उन्होंने बरसात में इस नाले से वहां रहने वाले लोगों को हो रही परेशानी का जिक्र भी किया।

एनओसी नहीं मिलने के कारण नहीं हो पा रहे विकास कार्य

विधायक प्रमिला टोकस ने कहा कि उनके विधानसभा क्षेत्र में बहुत से विकास कार्य सिर्फ इस वजह से नहीं हो पा रहे, क्योंकि सीपीडब्ल्यूडी से एनओसी नहीं मिलती। भावना गौड़ ने डीडीए में भ्रष्टाचार का मुददा उठाया। उन्होंने कहा कि उनके क्षेत्र में कई साल पहले करोड़ों रुपये की लागत से एसटीपी पाइपलाइन डाली गई थी, इसमें घोटाला हुआ। लेकिन शिकायत पर आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई।

पेयजल की समस्या पर कराया ध्यान आकृष्ट

महरौली से विधायक नरेश कुमार ने कुसुमपुर पहाड़ी पर पेयजल संकट का मुददा उठाया। उन्होंने कहा कि वहां की जनता आज भी पानी के लिए टैंकरों और टयूबवैल पर निर्भर है। पाइपलाइन डली ही नहीं है। उन्होंने डयूसिब द्वारा बनाए गए शौचालयों की दुर्दशा का भी संज्ञान लेने का अनुरोध किया। विशेष रवि ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग के प्रमुख सचिव को साल भर नें 18 पत्र लिखे गए. लेकिन कोई काम नहीं हुआ।

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