ऑक्सीजन की जमाखाेरी की याचिका पर कैबिनेट मंत्री इमरान हुसैन को नोटिस

न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने नोटिस जारी कर इमरान हुसैन को शनिवार को पेश होने का भी निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि वह देखना चाहते हैं कि इमरान हुसैन ने कहां से ऑक्सीजन प्राप्त किया।

Prateek KumarFri, 07 May 2021 07:33 PM (IST)
एक याचिका में इमरान हुसैन पर लगाया गया आक्सीजन की जमाखोरी करने का आरोप।

नई दिल्ली [विनीत त्रिपाठी]। राजनेताओं द्वारा ऑक्सीजन की जमाखाेरी करने का आरोप लगाते हुए दायर की गई याचिका पर दिल्ली हाई कोर्ट ने दिल्ली सरकार व कैबिनेट मंत्री इमरान हुसैन से जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति रेखा पल्ली की पीठ ने नोटिस जारी कर इमरान हुसैन को शनिवार को पेश होने का भी निर्देश दिया। पीठ ने कहा कि वह देखना चाहते हैं कि इमरान हुसैन ने कहां से ऑक्सीजन प्राप्त किया। पीठ ने यह भी कहा कि ऑक्सीजन को लेकर दिये गए अदालत के आदेश का उल्लंघन करने वाले खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी।

हाई काेर्ट ने मांगा जवाब, शनिवार को अदालत में पेश होने का दिया निर्देश

हालांकि, पीठ ने याचिकाकर्ता पर सवाल उठाते हुए यह भी कहा कि हो सकता है कि हो सकता है कि उन्हें फरीदाबाद से मिला हो और अपने सिलेंडर का प्रबंध किया हो। अगर उन्होंने आवंटित ऑक्सीजन से नहीं लिया है तो आपको कोई समस्या नहीं होनी चाहिए।

सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता के अधिवक्ता अमित तिवारी ने पीठ के समक्ष फेसबुक पर डाली गई पोस्ट को दिखाते हुए कहा कि इस पोस्ट को आम आदमी पार्टी के वेरिफाइड एकाउंट से पोस्ट किया गया। इस पोस्ट में दिल्ली सरकार के मंत्री इमरान हुसैन द्वारा ऑक्सीजन वितरण के संबंध में किया गया है। उन्होंने कहा कि राजनेताओं द्वारा ऑक्सीजन की जमाखोरी की जा रही है और इस मामले की जांच होनी चाहिए कि उन्हें ऑक्सीजन कहां से मिल रहा है।

हालांकि, पीठ ने कहा कि फोटो में जमाखाेरी नहीं दिखाई दे रही है और इसमें लोगों को उसी तरह से ऑक्सीजन वितरित किया जा रहा है, जैसे गुरुद्वारे के बाहर किया जा रहा है। सुनवाई के दौरान दिल्ली सरकार के स्टैंडिंग काउंसल राहुल मेहरा ने कहा कि इस तरह की जानकारी मिलने पर आम नागरिक को स्थानीय पुलिस के पास जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि एक बात साफ है कि ऑक्सीजन ही नहीं दवाओं व इंजेक्शन की जमाखोरी व कालाबाजारी करने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा, फिर वे कैबिनेट मंत्री इमरान हुसैन हो या फिर कोई भी पाटी का नेता। नाम से मतलब नहीं होगा सभी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

आदेशों के अनुपालन की सत्यता देखेगा हाई कोर्ट

ऑक्सीजन आपूर्ति, बेड की उपलब्धता, दवा व इंजेक्शन की कालाबाजारी से लेकर विभिन्न याचिकाओं पर दिए गए निर्देशों का अनुपालन की सत्यता भी अदालत देखेगी। न्यायमूर्ति विपिन सांघी व न्यायमूर्ति रेखा पल्ली ने कहा कि सोमवार से आदेशों पर क्या अनुपालन हुआ इसकी समीक्षा करेंगे। पीठ ने कहा कि हमने अब तक कई आदेश-निर्देश दिए, लेकिन जमीन पर ये कितने प्रभावी हैं यह देखना ज्यादा जरूरी है। पीठ ने दिल्ली सरकार से कहा कि विभिन्न आदेश व निर्देश के अनुपालन के संबंध में सोमवार को रिपोर्ट पेश करें।

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