उत्तरी नगर निगम को संपत्ति कर से हुई आय तो दूर हुआ निगम कर्मचारियों का वेतन संकट, अब कुछ नहीं बकाया

इस सावन उत्तरी निगमकर्मियों पर भी राहत की बारिश हुई है। चार साल बाद पहला मौका आया है जब उत्तरी निगम के 57 हजार कर्मचारियों का एक भी माह का वेतन बकाया नहीं है। अन्यथा उनके साथ अधिकारियों का भी पांच माह तक का वेतन बकाया रहता था।

Vinay Kumar TiwariWed, 28 Jul 2021 01:14 PM (IST)
उत्तरी निगम के 57 हजार कर्मचारियों को मिला पूरा बकाया वेतन

नई दिल्ली, [निहाल सिंह]। इस सावन उत्तरी निगमकर्मियों पर भी राहत की बारिश हुई है। चार साल बाद पहला मौका आया है, जब उत्तरी निगम के 57 हजार कर्मचारियों का एक भी माह का वेतन बकाया नहीं है। अन्यथा उनके साथ अधिकारियों का भी पांच माह तक का वेतन बकाया रहता था। इसी तरह निगम ने मई माह तक की पेंशन भी जारी कर दी है। निगम के मुताबिक संपत्तिकर के रूप में इस वर्ष अब तक करीब 400 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ है, जो कि कोरोना की स्थिति को देखते हुए निगम की उपलब्धि है। निगम ने इस पूरी राशि को वेतन में दे दिया है।

वहीं, हाल ही में दिल्ली सरकार से भी 293 करोड़ रुपये का अनुदान मिला, जिससे भी वेतन चुकाने में मदद मिली। उल्लेखनीय है कि 2017 से निगम खराब आर्थिक स्थिति से गुजर रहे हैं। 2017 में वेतन भुगतान में देरी दो से तीन माह की थी, जो 2018, 2019 व 2020 में पांच माह तक बढ़ गई। निगम कर्मियों के वेतन का मामला दिल्ली हाई कोर्ट में भी चल रहा है। कोर्ट इसे लेकर निगम अधिकारियों को कई बार कड़ी फटकार लगाते हुए उन्हें निगम की संपत्तियां बेचकर वेतन देने की बात कह चुका है। दिल्ली सरकार को भी अनुदान जारी करने को लेकर समय-समय पर आदेश दिए हैं।

हड़ताल और गंदगी का करना पड़ा था सामना

निगम कर्मचारी वेतन बकाया को लेकर चार वर्ष से आंदोलनरत थे। कभी प्रदर्शन तो कभी काम बंद हड़ताल, तो कभी काली पट्टी बांधकर काम करते थे। कंफेडरेशन आफ एमसीडी एम्पलाइज यूनियन के संयोजक एपी खान ने बताया कि वेतन के मुद्दे पर तीन बार यूनियन हड़ताल कर चुकी है। वहीं, 100 से अधिक पत्र लिखे जा चुके हैं। वेतन को लेकर स्थिति अब बेहतर हुई है। हमारी मांग है कि समय से वेतन जारी करना बरकरार रहे। जनवरी माह में इसी वर्ष काम बंद हड़ताल हुई थी। इससे सड़कों पर कूड़े के ढेर लग गए थे।

हर माह 293 करोड़ जारी होता है वेतन

उत्तरी निगम में कर्मचारियों और अधिकारियों के वेतन पर 293 करोड़ रुपये हर माह खर्च होते हैं। निगम के 57 हजार अस्थायी और स्थायी कर्मचारियों को वेतन जारी होता है। सबसे पहले सफाई कर्मचारियों व ग्रुप डी के कर्मियों को वेतन दिया जाता है। इसके बाद ग्रुप सी, फिर बी और सबसे आखिर में ग्रुप ए यानि विभागाध्यक्षों और निगमायुक्त को वेतन जारी होता है।

स्थायी समिति के चेयरमैन का जवाब

हमने अपने राजस्व के स्त्रोतों को मजबूत किया है। संपत्ति कर विभाग ने अभी तक इस वर्ष करीब 400 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त किया। इसी तरह 2020-21 में भी सर्वाधिक 684 करोड़ रुपये का रिकार्ड संपत्ति कर एकत्रित किया था। कोरोना संकट होने के बाद भी बीते वर्ष की तुलना में निगम 90 करोड़ का अतिरिक्त कर एकत्रित कर चुका है। इन राशियों से बकाया वेतन चुकाने में मदद मिली। अब कर्मचारियों का वेतन बकाया नहीं है।

- जोगीराम जैन, चेयरमैन, स्थायी समिति, उत्तरी निगम

उत्तरी दिल्ली नगर निगम आयुक्त का जवाब

मैंने मार्च में संपत्ति कर से राजस्व को बढ़ाने पर जोर दिया था। पहली तिमाही में ही हमने बीते वर्षो से अधिक संपत्ति कर वसूल किया है। पुनर्विकास परियोजनाओं से इस वर्ष दिसंबर तक 750 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त करने की योजना है। हम अपने राजस्व के सभी स्त्रोतों को मजबूत कर रहे हैं।

-संजय गोयल, आयुक्त, उत्तरी दिल्ली नगर निगम

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