परगट और मनीष सिसोदिया के बीच जारी वाकयुद्ध के बीच पढ़िये- दिल्ली में क्यों प्रकट हुए गुरु

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि दिल्ली के शिक्षा मंत्री पंजाब जाकर अपना स्कूल माडल दिखा रहे हैं लेकिन दिल्ली के शिक्षक तो सड़कों पर बैठे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बताएं कि अब तक उन्होंने कितने शिक्षकों को नौकरी दी है।

Jp YadavMon, 06 Dec 2021 09:11 AM (IST)
परगट और मनीष सिसोदिया के बीच जारी वाकयुद्ध के बीच पढ़िये- दिल्ली में क्यों प्रकट हुए 'गुरु'

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता। राजनीति में 'गुरु' के नाम से मशहूर पंजाब प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू अपनी बेबाक बयानी के साथ अतरंगी अंदाज के लिए भी जाने जाते हैं। रविवार को देश की राजधानी दिल्ली में मौजूद नवजोत सिंह सिद्धू ने कुछ ऐसा ही किया और फिर इंटरनेट मीडिया पर चर्चा में आए गए। दरअसल, बेहतर स्कूली शिक्षा को लेकर दिल्ली के उपमुख्यमंत्री व शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया तथा पंजाब के शिक्षा मंत्री परगट सिंह में चल रहे वाकयुद्ध के बीच पंजाब कांग्रेस पार्टी के अध्यक्ष नवजोत सिंह सिद्धू अतिथि शिक्षकों के धरना-प्रदर्शन में शामिल हुए और दिल्ली सरकार पर हमला बोला।

नवजोत सिंह सिद्धू ने कहा कि दिल्ली के शिक्षा मंत्री पंजाब जाकर अपना स्कूल माडल दिखा रहे हैं, लेकिन दिल्ली के शिक्षक तो सड़कों पर बैठे हैं। मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल बताएं कि अब तक उन्होंने कितने शिक्षकों को नौकरी दी है। अगर शिक्षकों को नियमित किया होता, तो ये ठंड में सड़कों पर नहीं आते। शिक्षक यहां हैं, वह कहां हैं। सरकार ने अतिथि शिक्षकों को दिहाड़ी मजदूर बना दिया है।

बता दें कि अतिथि शिक्षकों का विरोध-प्रदर्शन दिल्ली के मुख्यमंत्री आवास के नजदीक था। आल इंडिया गेस्ट टीचर्स एसोसिएशन (एआइजीटीए) के बैनर तले आयोजित धरना-प्रदर्शन में शिक्षक नियमित किए जाने व समान कार्य-समान वेतन की मांग कर रहे थे। एआइजीटीए के अध्यक्ष अरुण डेढ़ा ने कहा कि अरविंद केजरीवाल सरकार पंजाब में वादा कर रही है कि शिक्षकों को नियमित किया जाएगा, लेकिन दिल्ली में हमारी तरफ कोई नहीं देख रहा है। 

 वहीं, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अनिल चौधरी ने कहा कि लोकनायक अस्पताल में ओमिक्रोन का पहला मामला सामने आया है और ऐसे में किसी भी संकट की स्थिति से निपटने के लिए दिल्ली में मौजूद रहने के बजाय मुख्यमंत्री अर¨वद केजरीवाल पंजाब में राजनीतिक दौरे पर हैं। रविवार को प्रदेश कांग्रेस कार्यालय में चौधरी ने सोशल मीडिया विभाग की टीम के साथ बैठक में कहा कि केजरीवाल दिल्ली को कोई प्राथमिकता दे ही नहीं रहे हैं।

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

Tags
This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.