सांसद मनोज तिवारी का आरोप, राजनीतिक द्वेष की वजह से दिल्ली सरकार ने सेंटर चालू नहीं होने दिए

कोविड सेंटर शुरू न होने पर भाजपा ने बोला हमला

मनोज तिवारी का कहना है कि हम लोगों ने सामाजिक संगठनों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर इन चारों सेंटर पर बेड की व्यवस्था की थी। लेकिन दिल्ली सरकार ने जानबूझकर इन्हें शुरू नहीं किया। अमित मालवीय ने ट्वीट कर हमला किया है।

Prateek KumarSun, 16 May 2021 08:45 AM (IST)

दिल्ली, जागरण संवाददाता। पिछले महीने कोरोना का संक्रमण तेजी से बढ़ रहा था। इसे देखते हुए उत्तर-पूर्वी जिले में बैंक्वेट हाल और स्कूल में कोरोना मरीजों के लिए आठ सौ बेड की व्यवस्था की गई थी। तीन स्कूलों और एक बैंक्वेट हाल में कोविड सेंटर बनाकर इन्हें राजीव गांधी सुपरस्पेशियलिटी और जीटीबी अस्पताल से जोड़ा गया था लेकिन यह शुरू नहीं हो पाया। अपने संसदीय क्षेत्र में कोविड सेंटर न बनने से नाराज भाजपा के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और सांसद मनोज तिवारी ने अब इसे लेकर दिल्ली सरकार पर हमला बोला है। उनका कहना है कि राजनीति द्वेष से यहां कोई सेंटर बनने नहीं दिया गया। भाजपा के राष्ट्रीय आइटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी ट्वीट कर इस पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल से जवाब मांगा है। हालांकि, यह मामला जिला प्रशासन से जुड़ा हुआ है।

दरअसल 18 अप्रैल को उत्तर-पूर्वी जिले की उपायुक्त गीतिका शर्मा ने जीटीबी अस्पताल और राजीव गांधी सुपरस्पेशियलिटी अस्पताल को पत्र लिखकर यमुना विहार के दो, शास्त्री पार्क के एक स्कूल के अलावा यमुना विहार स्थित बैंक्वेट हाल में 808 बेड की व्यवस्था कर इसे शुरू करने का प्रस्ताव दिया था। उन्होंने पत्र में कहा था कि उत्तर पूर्वी जिले में कोरोना मरीजों के लिए कोई सेंटर नहीं है। इसलिए तुरंत इस पर कार्यवाही की जाए। लेकिन यहां सेंटर शुरू नहीं हो पाए। इस बीच 22 अप्रैल को सांसद मनोज तिवारी कोरोना से संक्रमित हो गए। अब स्वस्थ होकर उन्होंने क्वारंटाइन अवधि पूरी कर ली और इसे लेकर सरकार पर हमला बोल दिया है।

मनोज तिवारी का कहना है कि हम लोगों ने सामाजिक संगठनों और जिला प्रशासन के साथ मिलकर इन चारों सेंटर पर बेड की व्यवस्था की थी, लेकिन दिल्ली सरकार ने जानबूझकर इन्हें शुरू नहीं किया। अमित मालवीय ने ट्वीट कर कहा है कि जब कोरोना की ताजा लहर तेजी से बढ़ रही थी, उस समय दिल्ली सरकार ने राजनीतिक द्वेष के कारण इन्हें चालू नहीं होने दिया।

जिले में कोई कोविड केयर सेंटर नहीं था। कोरोना के मामले बहुत बढ़ रहे थे, इसको ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने तीन सरकारी स्कूलों और एक बैंक्वेट हाल को कोविड केयर सेंटर के लिए चुना था। एक प्रस्ताव बनाकर दोनों अस्पतालों को भेजा गया था। ताकि इन्हें अस्पतालों से जोड़ा जा सके। लेकिन अस्पतालों में भी मरीजों की भीड़ थी। इस वजह से अस्पताल प्रबंधन ने सेंटर शुरू करने में असमर्थता जताई। इसलिए ये सेंटर शुरू नहीं हो पाए।

गीतिका शर्मा, जिलाधिकारी उत्तर पूर्वी

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