दिल्ली विधानसभा मानसून सत्रः नए कृषि कानूनों को निरस्त करने की मांग, भाजपा ने किया विरोध

आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक जरनैल सिंह ने सदन में प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से ज्यादा समय से किसान इन कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। छह सौ से ज्यादा किसानों की जान चली गई है

Prateek KumarFri, 30 Jul 2021 08:21 PM (IST)
आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक जरनैल सिंह ने सदन में प्रस्ताव रखा।

नई दिल्ली, संतोष कुमार सिंह। दिल्ली विधानसभा में तीनों नए कृषि कानूनों को वापस लेने का प्रस्ताव पास किया गया। आम आदमी पार्टी (आप) के विधायक जरनैल सिंह ने सदन में प्रस्ताव रखा। उन्होंने कहा कि पिछले एक साल से ज्यादा समय से किसान इन कानूनों के विरोध में आंदोलन कर रहे हैं। छह सौ से ज्यादा किसानों की जान चली गई है, लेकिन केंद्र सरकार इसे वापस नहीं ले रही है।

निजी कंपनियों को होगा फायदा

मंत्री सत्येंद्र जैन ने कहा कि दो-तीन बड़ी कंपनियों को ध्यान में रखकर कानून बनाए गए हैं। कृषि उत्पाद की भंडारण क्षमता की सीमा हटाने से कंपनियों को फायदा है। कंपनियां कम कीमत पर दाल खरीदकर अब महंगे दाम पर बेच रही हैं। बिहार व उत्तर प्रदेश के किसानों को कभी न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) नहीं मिलता है। अब सरकार पूरे देश में इसे खत्म कर रही है जिससे पंजाब, हरियाणा व अन्य राज्यों के किसानों का हाल भी बिहार और उत्तर प्रदेश के किसानों की तरह हो जाएगा। वह दूसरे राज्यों में मजदूरी करने को मजबूर हो जाएंगे। कहीं भी उत्पाद बेचने की छूट से भी किसानों को फायदा नहीं। केंद्र सरकार तीनों कानून वापस ले। आप विधायक वीरेंद्र सिंह कादियान ने कहा इन कानूनों के विरोध में 31 किसानों ने आत्महत्या कर ली है।

मोदी सरकार के बनने के बाद से बढ़ी किसानों की आमदनी

विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष रामवीर सिंह बिधूड़ी ने कहा कि तीनों कृषि सुधार कानून को संसद ने पास किया है। अरविंद केजरीवाल सरकार ने दिल्ली में इसे मंजूरी दी है। इन कानूनों से किसानों की आय बढ़ेगी। मंडियों का विस्तार होगा। नरेंद्र मोदी की सरकार बनने के बाद से कृषि उत्पादन और किसानों की आमदनी बढ़ी है। हरियाणा और पंजाब में रिकॉर्ड खरीदारी हुई है। दिल्ली सरकार ने कहा था कि न्यूनतम मूल्य से 50 फीसद ज्यादा मूल्य देने का वादा। मुख्यमंत्री वादा पूरा करें। उन्होंने किसानों की भूमि अधिग्रहित करने पर उन्हें आवासीय भूखंड देने और मुआवजा बढ़ाने और गांवों की जमीन को जनहित में उपयोग करने की मांग की। उन्होंने किसानों के हित में केंद्र सरकार की योजनाओं को दिल्ली में लागू करने, मुफ्त बिजली देने और कृषि उपकरण पर सब्सिडी देने की मांग की। सत्येंद्र जैन ने भी ग्राम सभा की जमीन का उपयोग जनहित में करने की मांग का समर्थन किया।

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