डीडीए फ्लैटों में तीन साल पहले बनाया गया था मोहल्ला क्लीनिक, बन गया गोदाम, पढ़िए ताजा हालात

स्थानीय लोगों का कहना है कि वह क्लीनिक को शुरू कराने के लिए मंत्री विधायक और अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। बावजूद इसके हजारों की आबादी अब भी उपचार से महरूम हैं लोगों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।

Vinay Kumar TiwariFri, 18 Jun 2021 03:29 PM (IST)
माता सुंदरी रोड पर तीन साल पहले बना था क्लीनिक का ढांचा-

नई दिल्ली, [राहुल सिंह ]।माता सुंदरी रोड स्थित डीडीए कालोनी में एक मोहल्ला क्लीनिक ऐसा है, जिसका तीन साल से केवल ढांचा खड़ा है। स्थानीय लोग अब उसे गोदाम के रूप में प्रयोग कर रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वह क्लीनिक को शुरू कराने के लिए मंत्री, विधायक और अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं। बावजूद इसके हजारों की आबादी अब भी उपचार से महरूम हैं, लोगों को इलाज के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है।

डीडीए फ्लैट इलाके के रहने वाले लोगों का कहना है कि कोरोना महामारी के बीच लोगों ने मोहल्ला क्लीनिक नहीं बनने का अफसोस जताया था, लेकिन लोग बेबस रहे और मजबूरी में जांच के लिए और उपचार के लिए लोकनायक और जीबी पंत अस्पताल तक गए। जहां उन्हें संक्रमण का खतरा अधिक रहा।

ऐसे में अगर कालोनी का ही मोहल्ला क्लीनिक शुरू हो चुका होता तो आज लोग अपने क्षेत्र में रहकर ही उपचार व कोरोना की जांच करा सकते थे। सरकार अगर अब भी ढांचे को क्लीनिक के रूप में बनाकर तैयार कर दें तो इसमें टीकाकरण केंद्र भी बनाया जा सकता है। इस संबंध में विधायक शोएब इकबाल से फोन पर बातचीत की कोशिश की गई। संदेश भी डाला गया, पर जवाब नहीं आया।

इन कालोनियों के लोगों को मिलेगी मदद

डीडीए फ्लैट, सगुर की डंडी, एलएनजेपी कालोनी, तकिया काले खान, मीर तक रोड, 64 खंभा रोड

पहले था शराबियों का अड्डा अब बना हुआ है गोदाम

लोगों का कहना है कि मोहल्ला क्लीनिक के नाम पर तैयार खड़े ढांचे में कुछ दिनों पहले तक शराबियों और जुआरियों का अड्डा बना हुआ था। कालोनी के लोगों ने एकत्र होकर इसका विरोध किया तो वह खाली हुआ। इसके बाद अब उसमें सब्जी वालों का गोदाम बना हुआ है। वहीं, लकड़ी का काम करने वाले लोग भी इसमें अपना सामान रखकर इसका प्रयोग कर रहे हैं।

ये है स्थानीय लोगों का कहना

मोहल्ला क्लीनिक केवल एक ढांचा बनकर तैयार खड़ा है। अगर इसमें उपचार मिलने लगेगा तो करीब 20 हजार लोगों फायदा होगा। कई बार इसी विधायक और मंत्री से शिकायत भी की है।

अंसार अहमद, स्थानीय निवासी

अब इसमें सब्जी और लकड़ी वालों का गोदाम बना हुआ है। जबकि सरकार ने ढांचा बनाने में ही लाखों रुपये खर्च कर दिए थे।लालमन

घर की लाइट देकर क्लीनिक बनने का काम कराया था, लेकिन अब तीन साल बाद भी स्थिति ज्यों की त्यों बनी हुई है। इसको चालू कराना चाहिए।

करण

कोरोना महामारी के बीच इसका बेहतर प्रयोग किया जा सकता है। सरकार को इस ओर ध्यान देना चाहिए। इसमें कोरोना टीकाकरण केंद्र भी बनाया जा सकता है।

शेखर गोला

विधायक का पक्ष

कोरोना संक्रमण के चलते मोहल्ला क्लीनिक नहीं बन पाया था। संक्रमण के दौर में उसे लोगों के आश्रय स्थल के रूप में प्रयोग किया गया था। जल्द ही कालोनी के लोगों को मोहल्ला क्लीनिक की सौगात दी जाएगी। इसका काम शुरू कराया जाएगा।

शोएब इकबाल, विधायक आम आदमी पार्टी, मटिया महल

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