कई ऑक्सीजन बेड तैयार, पश्चिमी दिल्ली के लोगों को कंस्ट्रेटर के लिए नहीं करनी होगी भाग दौड़

द्वारका सेक्टर-10 स्थित इंदिरा गांधी अतिविशिष्ट अस्पताल में भी 500 बेड का कोविड केयर सेंटर शुरू होने जा रहा है।

उम्मीद जताई जा रही है कि अस्पतालों का दबाव कम होगा और गंभीर मरीजों को प्राथमिकता मिलेगी। साथ ही होम आइसोलेशन में रहकर अपना इलाज कर रहे संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन स्तर कम होने पर ऑक्सीजन सिलेंडर व कंसेंट्रेटर की खोजबीन के लिए दौड़-भाग नहीं करनी पड़ेगी।

Prateek KumarFri, 07 May 2021 07:44 PM (IST)

नई दिल्ली [मनीषा गर्ग]। आगामी दिनों में दिल्ली को ऑक्सीजनयुक्त बेड की कमी महसूस नहीं होगी। क्षेत्रीय निगम पार्षदों, सांसद, संस्थाओं व आरडब्ल्यूए पदाधिकारियों के साथ मिलकर जिला प्रशासन ने क्षेत्र में जगह-जगह ऑक्सीजन युक्त बेड की व्यवस्था कर ली है। इन सब के बीच अच्छी खबर यह है कि जल्द ही द्वारका सेक्टर-10 स्थित इंदिरा गांधी अतिविशिष्ट अस्पताल में भी 500 बेड का कोविड केयर सेंटर शुरू होने जा रहा है।

उम्मीद जताई जा रही है कि अस्पतालों का दबाव कम होगा और गंभीर मरीजों को प्राथमिकता मिलेगी। साथ ही होम आइसोलेशन में रहकर अपना इलाज कर रहे संक्रमित मरीजों को ऑक्सीजन स्तर कम होने पर ऑक्सीजन सिलेंडर व कंसेंट्रेटर की खोजबीन के लिए दौड़-भाग नहीं करनी पड़ेगी। हालांकि, बेड और ऑक्सीजन की व्यवस्था करने में भले ही प्रशासन कामयाब हो गया है, लेकिन स्वास्थ्य कर्मचारियों की कमी अभी भी एक बड़ी बाधा बनी हुई है।

असल में सरकार ने दिल्ली में एक लाख ऑक्सीजन युक्त बेड तैयार करने का लक्ष्य रखा है। उस पर से संक्रमण की तीसरी लहर की दस्तक को लेकर शुरू हुई सुगबुगाहट ने इस लक्ष्य को प्राप्त करने की दौड़ को और तेज कर दिया है। क्षेत्रीय सांसद प्रवेश वर्मा व सेवा भारती संस्था आगे बढ़कर इस कार्य का नेतृत्व कर रहे हैं।

दक्षिण-पश्चिमी जिले की बात करें तो यहां द्वारका सेक्टर-9 स्थित डीडीए के सामुदायिक भवन में सिक्स सिग्मा संस्था के साथ मिलकर 40 बेड, द्वारका सेक्टर-3 स्थित दीन दयाल उपाध्याय अस्पताल में इस्कान मंदिर की मदद से 100 बेड, सागरपुर व ककरौला स्थित निगम विद्यालय में सेवा भारती संस्था की मदद से 20-20 बेड की व्यवस्था की गई है। बृहस्पतिवार को सांसद प्रवेश वर्मा ने जिला उपायुक्त कीर्ति गर्ग के साथ मिलकर पंजाबी स्थित एक स्कूल का मुआयना किया, जहां सेवा भारती संस्था की मदद से 15 ऑक्सीजन बेड की व्यवस्था की जाएगी। इस दौरान उन्होंने अशोक विहार स्थित राधा स्वामी सत्संग आराम का भी रुख किया, जहां जल्द ही ऑक्सीजन युक्त 100 बेड शुरू करने का कार्य शुरू कर दिया है। अधिकारियों के मुताबिक इस 100 बेड के कोविड केयर सेंटर में दीन दयाल उपाध्याय के स्वास्थ्य कर्मचारी अपनी स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करेंगे। जहां तक ऑक्सीजन की बात है, उसके प्रबंध की जिम्मेदारी सांसद प्रवेश वर्मा ने ली है। दवाओं व अन्य सुविधाओं का प्रबंध प्रशासन अपने स्तर पर करने में जुट चुका है।

मजबूत स्वास्थ्य सुविधाओं की जरूरत

अधिकांश स्वास्थ्य कर्मचारी कोरोना संक्रमण की जद में है। आलम यह है कि कोविड अस्पताल भी स्वास्थ्य कर्मचारियों व सुविधाओं की भारी कमी से जूझ रहे है। ऐसी स्थिति में प्रशासन इन केंद्रों को चलाना एक बड़ी चुनौती है। इन केंद्रों पर उपलब्ध सुविधा को मद्देनजर रखते हुए केवल उन्हीं संक्रमितों को भर्ती किया जा रहा है, जिनका ऑक्सीजन स्तर 92 से कम हो। कहीं न कहीं यहीं कारण है कि द्वारका सेक्टर-9 स्थित डीडीए के सामुदायिक भवन में जारी 40 बेड के कोविड केयर सेंटर में अभी तक के करीब चार ही संक्रमित मरीज भर्ती हुए है। कुछ यहीं हाल तिलक नगर स्थित निगम अस्पताल का भी है। बेड व पर्याप्त ऑक्सीजन होने के बाद भी यहां अधिकांश बेड खाली पड़े है। ऐसे लोग जिनका ऑक्सीजन स्तर 92 से कम है, डब्ल्यूएचओ के मुताबिक उनका इलाज घरों में संभव है और घर में रहकर ऐसे लोग संक्रमण को मात दे रहे है। कुल मिलाकर स्वास्थ्य सुविधाओं को मजबूत करते हुए गंभीर मरीजों के लिए व्यवस्थाएं करने की ज्यादा जरूरत मौजूदा स्थिति में महसूस की जा रही है।

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