DMRC Chief Mangu Singh: जानिये- मेट्रो फेज-4 के लिए क्यों जरूरी है मंगू सिंह का CMD के पद पर रहना

Delhi Metro Phase 4 दिल्ली मेट्रो फेज-4 परियोजना को तेजी से पूरा कराने के लिए मंगू सिंह का अनुभव का काम आएगा इसी के मद्देनजर दिल्ली सरकार उनका कार्यकाल मार्च 2022 तक बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेज चुकी है जिसे मंजरी मिलने के 100 फीसद आसार हैं।

Jp YadavMon, 27 Sep 2021 05:47 PM (IST)
DMRC Chief Mangu Singh: जानिये- मेट्रो फेज-4 के लिए क्यों जरूरी है मंगू सिंह का CMD के पद पर रहना

नई दिल्ली, जागरण डिजिटल डेस्क। कोरोना वायरस संक्रमण में कमी आने के बाद पिछले 3 महीने से दिल्ली मेट्रो फेज-4 का तेज गति से जारी है। इस बीच दिल्ली मेट्रो फेज-4 के मद्देनजर राहत भरी खबर भी आ रही है। आगामी मार्च, 2022 तक मंगू सिंह दिल्ली मेट्रो रेल निगम के प्रबंध निदेशक पद पर बने रहेंगे। मिली ताजा जानकारी के मुताबिक, दिल्ली में सत्तासीन आम आदमी पार्टी सरकार ने मंगू सिंह का मार्च, 2022 तक यानी छह महीने का कार्यकाल बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय को भेज दिया है। माना जा रहा है कि केंद्र सरकार के मंगू सिंह का कार्यकाल बढ़ाने पर सहमति जता देगी। प्रबंध निदेशक के पद से मंगू सिंह के सेवानिवृत्त होने के बाद यह उनका चौथा सेवा विस्तार होगा। गौरतलब है कि मंगू सिंह का कार्यकाल इस सप्ताह 30 सितंबर को खत्म हो रहा है, जिसे दिल्ली सरकार ने फिर बढ़ाने का फैसला किया है।

यहां जानिये- क्यों जरूरी है मंगू सिंह का कार्यकाल बढ़ाना

गौरतलब है कि दिल्ली मेट्रो रेल निगम विस्तार के तहत मेट्रो फेज-4 का निर्माण कार्य कर रहा है। वैसे तो इसके पूरा होने की डेडलाइन 2022 रखी गई थी। दरअसल, फेज- 4 का काम 30 दिसंबर, 2019 से शुरू हुआ था। केंद्रीय मंत्री के मुताबिक, 104 किलोमीटर लंबे दिल्ली मेट्रो के फेज 4 नेटवर्क के पूरा होने के बाद दिल्ली-एनसीआर की लाइफलाइन मेट्रो में रोजाना 15 लाख लोग यात्रा कर सकेंगे। ऐसे में डीएमआरसी की इस परियोजना को तेजी से पूरा कराने के लिए मंगू सिंह का अनुभव का काम आएगा, इसी के मद्देनजर दिल्ली सरकार उनका कार्यकाल आगामी मार्च, 2022 तक बढ़ाने का प्रस्ताव केंद्र सरकार के पास भेज चुकी है, जिसे मंजरी मिलने के 100 फीसद आसार हैं। 

जानिये- अहम बातें

दिल्ली मेट्रो फेज-4 के तहत कुल 6 कारिडोर बनाए जाने हैं, जिसकी कुल लंबाई 103.93 किलोमीटर होगी।

इस पूरे प्रोजेक्ट 45,000 करोड़ रुपये का खर्च आने का अनुमान है।

ये हैं 6 कारिडोर

तुगलकाबाद से एरोसिटी (20.20 किलोमीटर) जनकपुरी से आरके आश्रम (28.92 किलोमीटर) मुकुंदपुर से मौजपुर (12.54 किलोमीटर) इन तीनों मेट्रो के कारिडोर की कुल लंबाई 61.679 किलोमीटर होगी।  तीनों कोरिडर में कुल 46 मेट्रो स्टेशन बनाए जाएंगे, इनमें 29 एलिवेटेड तो 17 अंडरग्राउंड होंगे। इस तरह एलिवेडट कारिडोर 39.320 किलोमीटर, जबकि अंडरग्राउंड कारिडोर 22.359 किलोमीटर होगा।

गौरतलब है कि मंगू सिंह ने 15 दिसंबर 2011 में ई-श्रीधरन के बाद मेट्रो प्रबंधक निदेशक का कार्यभार संभाला था। मंजूरी मिलने के बाद प्रबंध निदेशक के पद से सेवानिवृत्त होने के बाद यह उनका चौथा सेवा विस्तार होगा, जो मार्च, 2022 तक रहेगा। उत्तर प्रदेश के रहने वाले मंगू सिंह ने वर्ष 1981 में इंडियन रेलवे सर्विसेज आफ इंजीनियर्स की परीक्षा पास की। इसके बाद उन्होंने इंडियन रेलवे में कई पदों पर रहने के साथ कोलकाता मेट्रो रेलवे के साथ 1989-1996 तक काम किया। वर्ष 1997 में बतौर चीफ प्रोजेक्ट मैनेजर के रूप में ज्वाइन किया। वर्ष 2011 में ई. श्रीधरन के जाने के बाद मेट्रो के प्रबंध निदेशक बने। इस पद पर वह 10 साल से हैं। मंगू सिंह का नाम खुद ई.श्रीधरन ने प्रस्तावित किया था।

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