घर गांव से निकलकर अब ऑनलाइन स्टेज पर चल रहा कहानियों का जादू

स्‍टोरी टेलर भी ऑनलाइन प्‍लेटफार्म का बेहतर तरीके से इस्‍तेमाल कर रहे हैं। फोटो- रितु राणा।
Publish Date:Sun, 27 Sep 2020 09:58 PM (IST) Author: Prateek Kumar

नई दिल्ली, रितु राणा। हम सभी किसी ना किसी कहानी का एक किस्सा हैं, कहीं न कहीं हर कहानी में खुद को ढूंढ़ते हैं और कहानी से खुद को जोड़ते हैं। कहानी से विचित्र होते हैं कहानी सुनाने वाले, जिन्हें आजकल स्टोरी टेलर के नाम से जाना जाता है। जो कहानी हम नानी व दादी से सुनते थे अब उसी कहानी की परंपरा को स्टोरी टेलर एक नया रूप में प्रस्तुत कर रहे हैं। ऐसे ही कुछ स्टोरी टेलर का उदाहरण देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम में कहानी कहने की कला को प्रचारित व प्रसारित करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि स्टेज पर कहानी सुनाने की इस ‌विधा को आगे बढ़ाना चाहिए।

द मॉर्डन पोएट्स के सह-संस्थापक अंशुल जोशी ने बताया कि उन्होंने चार वर्ष पहले स्टेज पर कहानी सुनाना शुरू किया था। उन्होंने लॉकडाउन के दौरान मंटो साहब के जन्मदिन पर 11 दिन की एक सीरीज भी चलाई थी, जिससे सैकड़ों लोग जुड़े और मंटो साहब के पोते जो अभी पाकिस्तान में हैं, उन्होंने भी इसे खूब सराहा था।

युवा कहानीकारों की प्रतिक्रिया

मैंने पहली बार 2017 में काॅॅलेज फेस्ट में स्टेज पर कहानी सुनाई। फिर एक ओपन माइक का फॉर्म भरा और वहां से कहानियां सुनने का सिलसिला शुरू हुआ। मेरी एक कहानी "सफर खूबसूरत है मंजिल से भी" लोगों को बहुत पसंद आई और इस कहानी से मुझे कहानियों की दुनिया में पहचान मिली। आज जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की "मन की बात " में स्टोरी टेलर्स का जिक्र सुना तो लगा कि स्टोरी टेलर्स को भी अब एक पहचान मिलेगी।

रूपम, जनकपुरी

मैं कई वर्षों से कहानी लिख व स्टेज पर सुना रही हूं। कहानी सुनना व सुनाना हमारे देश की परंपरा रही है। इससे मन व मस्तिष्क में ऊर्जा का संचार होता है। हम सभी के पास बचपन में नानी व दादी से सुनी कहानियों की धरोहर है और यह हमारी जिम्मेदारी है कि हम इस धरोहर को अगली पीढ़ी तक पहुंचाए। आज प्रधानमंत्री मोदी ने यह संदेश दिया कि कहानियां सुनाना हमारे समाज का अभिन्न अंग है इसे हम आगे बढ़ाएं।

पूजा पुरोहित भट्ट, द्वारका

प्रधानमंत्री ने मन की बात में स्टोरी टेलिंग का जिक्र किया। मैं पिछले चार वर्ष पहले द मॉडर्न पोएट्स चैनल शुरू किया जिसमें कथाकार नाम से कहानियां सुनाते हैं। इंटरनेट के समय में कहानी ही ऐसा जरिया है जिससे हम अपनी संस्कृति को बचा सकते हैं। लॉकडाउन में जब हम स्टेज प्रस्तुति नहीं कर पा रहे थे तब मैंने ऑडियो कहानियां विद मोहित नाम से एक सीरीज चलाई, जिसमें सात कहानियां हैं, जो समाज की सच्चाई पर आधारित हैं। जो मैं देखता हूं, उसे कहानी के माध्यम से सुनाता हूं।

मोहित मुदिता द्विवेदी, पंचशील पार्क

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मन की बात में कहानी सुनने व सुनाने की परंपरा को आगे बढ़ाने की बात कही। स्टेज पर ओपन माइक्स होते हैं जो स्टोरी टेलर्स को मौका देते हैं। 2017 में मैंने एफएनपी मीडिया चैनल पर कहानी सुनाना शुरू किया और अपने जीवन की सीख को कहानी के रूप में लोगों तक पहुंचाया। मेरे परीक्षा में अच्छे अंक नहीं आते थे मुझे लिखना नहीं आता था लेकिन आज मैं कहानियां व शॉर्ट फिल्म लिख रहा हूं। कहानी सुनाकर हम लोगों को तनाव से भी बाहर ला सकते हैं।

अहमद फराज, जसोला विहार

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