आनलाइन सीखें स्पोर्ट्स की बारीकियां, भारतीय कोच व खिलाड़ी भी आए आगे

दोस्‍तो टोक्‍यो ओलिंपिक की शुरुआत के साथ के साथ भारत सहित पूरी दुनिया इसका खुमार छाने लगा है। ओलिंपिक में अपने देश का प्रतिनिधित्व करना हर खिलाड़ी का सपना होता है। इसमें शामिल होकर वह अपनी पहचान बनाने के साथ देश का गौरव भी बढ़ाते हैं।

Sanjay PokhriyalSat, 24 Jul 2021 11:47 AM (IST)
आनलाइन भी आप विभिन्‍न लोकप्रिय खेलों की बारीकियों को सीख सकते हैं...

अमित निधि। ओलिंपिक जैसे बड़े खेल आयोजनों में जब किसी खिलाड़ी के गले में गोल्ड मेडल पहनाया जाता है और उस समय उसके देश के राष्ट्रगान की ध्वनि गूंजती है,तो वह एक ऐसा क्षण होता है, जब हर एक देशवासी का सीना गर्व से चौड़ा हो जाता है। यही वह क्षण होता है,जिसका सपना हर खिलाड़ी देखता है। अगर आपकी रुचि भी किसी खेल में हैं और इसके जरिए देश का मान बढ़ाना चाहते हैं,तो अभी से तैयारी शुरू कर दें। भले ही आपके पास फिजिकल कोच की सुविधा न हो, लेकिन इन दिनों वर्चुअल कोच तो हमेशा आपके साथ होते हैं। इसके माध्यम से आप अपने पसंदीदा खेल में निखार ला सकते हैं।

आनलाइन सीखें बैडमिंटन: अगर बैडमिंटन खेलना आपको पसंद है, तो आनलाइन भी बैडमिंटन की बारीकियां सीख सकते हैं। 'इंस्टीट्यूट आफ न्यूट्रिशन ऐंड फिटनेस साइंस' ने 'नाटेकर स्पोर्ट्स ऐंड फिटनेस' के सहयोग से आनलाइन बैडमिंटन कोचिंग कार्यक्रम शुरू किया है। आठ सप्ताह के इस कोर्स को पूर्व भारतीय अंतरराष्ट्रिय खिलाड़ी जोस जॉर्ज ने तैयार किया है। इन्होंने ही श्याम प्रसाद और शंकर प्रसाद सहित प्रमुख जूनियर भारतीय खिलाड़ियों को प्रशिक्षित किया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य 11 से 12 वर्ष के सभी बच्चों के लिए पेशेवर कोचिंग को आसान बनाना है।

कोर्स को आनलाइन डैशबोर्ड के माध्यम से एक्सेस किया जा सकता है,जिसमें वीडियो और टेक्स्ट कंटेंट भी शामिल हैं। इसमें खेल से जुड़ी हर तकनीक के बारे में जानकारी मिलेगी। वैसे, आप चाहें,तो बैडमिंटन सीखने के लिए यूट्यूब चैनल्स की मदद भी ले सकते हैं।' कोचिंग बैडमिंटन' भी एक ऐसा ही प्लेटफार्म है,जिसे 'ली जे-बोक' ने शुरू किया है। ली जे-बोक पूर्व कोरियाई एकल,युगल और मिश्रित युगल के नेशनल चैंपियन रह चुके हैं। वह बैडमिंटन खेलने और कोचिंग के 50 वर्षों का अनुभव रखते हैं। वह पहले 1980 और 1990 के दशक में कोरियाई, अंग्रेजी और ब्रिटिश ओलिंपिक के हेड कोच रह चुके हैं। इस चैनल पर बैडमिंटन से जुड़े 800 से अधिक वीडियो पोस्ट किए गए हैं। यह सभी लेवल के बैडमिंटन खिलाड़ियों के लिए है। इसमें बेसिक से लेकर एडवांस लेवल तक की जानकारी दी गई है। इसी तरह 'शटल लाइफ' भी बैडमिंटन से जुड़ा चैनल है। मैड्स और सोफी डेनमार्क के पेशेवर बैडमिंटन कोच हैं। इस चैनल के माध्यम से भी बैडमिंटन की बारीकियों को सीख सकते हैं।

क्रिकेट की वर्चुअल ट्रेनिंग: यह एक ऐसा स्पोर्ट्स है,जिससे तकरीबन हर भारतीय प्यार करता है। आप भी क्रिकेट के दीवाने होंगे,लेकिन क्या आप भी एक ऐसे कोच की तलाश में हैं,जो आपके खेल को निखार सके,तो कहीं दूर जाने की जरूरत नहीं है। अब क्रिक्रेट का गुर सिखाने के लिए वीरेंद्र सहवाग और ब्रायन लारा जैसे स्पोर्ट्स पर्सन एक क्लिक पर उपलब्ध हैं। आपको बता दें कि वीरेंद्र सहवाग ने संजय बांगड़ के साथ मिलकर 'क्रिकुरु' (Cricuru) एप पेश किया है। इस एप का उद्देश्य देश के युवाओं को आनलाइन क्रिकेट कोचिंग देना है। देशभर में कहीं भी रहने वाले यहां तक कि टियर-2 और 3 शहरों में रहने वाले युवा भी इसकी मदद से क्रिकेट कोचिंग हासिल कर सकते हैं। स्मार्टफोन और इंटरनेट की पहुंच ने इसे और आसान बना दिया है। इसमें कोच के रूप में एबी डिविलियर्स, ब्रायन लारा, क्रिस गेल, ड्वेन ब्रावो, हरभजन सिंह, जोंटी रोड्स जैसे पूर्व दिग्गज क्रिकेटर शामिल हैं। अगर आपको क्रिकेट से जुड़ी बेसिक्स को इंप्रूव करना है, तो फिर भारत के पूर्व धुरंधर बल्लेबाज कृष्णामचारी श्रीकांत भी आनलाइन आपके लिए उपलब्ध हैं। इनसे भी क्रिकेट के टिप्स ले सकते हैं। कृष्णामचारी श्रीकांत के क्रिकेटस्ट्राक्स (cricketstrokes.com) साइट से क्रिकेट के बेसिक्स के साथ-साथ बालिंग, बैटिंग, किपिंग, कैचिंग, फिटनेस और ट्रेनिंग की जानकारी हासिल कर सकते हैं। बैटिंग कर रहे हैं, तो स्क्वायर कट, पुल शाट के अलावा बैटिंग ग्रिप, गार्ड और बैटिंग स्टेंस के बारे में भी जान सकते हैं। इस गेम से जुड़े तमाम वीडियो ट्यूटोरियल और आर्टिकल्स यहां मिल जाएंगे।

एप सिखाएगा फुटबाल: फुटबाल भी भारत में काफी लोकप्रिय है। आपमें से बहुत सारे बच्चे अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी मैसी,रोनाल्डो या भारत के मशहूर खिलाड़ी बाइचुंग भूटिया जैसा बनाना चाहते होंगे। अब आप चाहें,तो भारत के लीजेंड फुटबाल खिलाड़ी बाइचुंग भूटिया से भी खेल के गुर सीख सकते हैं। बाइचुंग भूटिया 'एनजोगो' एप पेश किया है, ताकि युवाओं को कोरोना के बीच ट्रेनिंग जारी रखने में मदद मिल सके। बीबीएफएस के इस फुटबाल ट्रेनिंग से देशभर के युवा फुटबालर रिमोटली ट्रेनिंग लेने के साथ अपने खेल में निखार ला सकते हैं। एनजोगो एप में वर्कआउट की एक लाइब्रेरी है,जिसमें आडियो निर्देशों के साथ ड्रिल के लिए इन-बिल्ट वीडियोज हैं, जो युवा फुटबालर की मदद करेंगे। वर्कआउट अलग-अलग उम्र और स्किल लेवल के लिए कस्टम किया गया है। इतना ही नहीं, खिलाड़ी अपने प्रदर्शन को भी ट्रैक कर सकते हैं। जो भी किशोर इस खेल को अपना करियर बनाना चाहते हैं, उन्हें यहां से काफी कुछ सीखने और प्रैक्टिस का मौका मिल सकता है। इसके अलावा, यूट्यूब चैनल 'द कोचिंग मैनुअल' भी फुटबाल सीखने का अच्छा प्लेटफार्म है। यहां पर यूके की टाप एकेडमी के साथ यह भी देख सकते हैं कि कैसे एक्सपर्ट कोच फुलबालर की स्किल को डेवलप करते हैं। वीडियो कोचिंग सेशन को इस तरह से डिजाइन किया गया है कि यदि आप फुटबाल के बारे में अधिक नहीं जानते हैं, तब भी इस खेल को सीख सकते हैं। यहां पर वन टु वन कोचिंग सेशन में तेजी,फुर्ती,बाल के ऊपर कंट्रोल आदि के बारे में सीख सकते हैं।

ग्रैंडमास्टर्स से सीखें आनलाइन चेस: चेस (शतरंज) में हर चाल को समझने वाला ही ग्रैंडमास्टर बन पाता है। अगर आप चाहें, तो इसके लिए यूट्यूब चैनल्स की मदद से इसे सीख सकते हैं। 'पावरप्लेचेस' यूट्यूब चैनल इंग्लैंड के प्रसिद्ध ग्रैंडमास्टर और शतरंज कोच डेनियल किंग चलाते हैं। इस चैनल में चेस से जुड़े 1,000 से अधिक वीडियोज हैं। चैनल के माध्यम से डेनियल किंग खेल के प्रति अपने जुनून और विशेषज्ञता को लोगों के साथ साझा करते हैं। इस चैनल के जरिए चेस की बारीरियों को समझने में आपको मदद मिल सकती है। आप चाहें, तो 'चेस24' यूट्यूब चैनल की मदद भी सकते हैं। अगर चेस के प्रति गंभीर हैं, तो इस चैनल से काफी मदद मिल सकती है। यहां पर चेस से जुड़े 2,000 से अधिक वीडियोज हैं। चेस 24 चैनल पर हाल ही में खेले गए ग्रैंडमास्टर्स के बीच खेल का गहन विश्लेषण भी है, जिससे इस गेम को समझने में मदद मिलेगी। इसके अलावा, चेस लवर्स के बीच आइचेस डाट नेट (iChess.net) भी काफी लोकप्रिय है। इस प्लेटफार्म पर चेस से जुड़े वीडियो का बड़ा संग्रह मिलेगा। इस चैनल की खास बात यह है कि जीएम डेमियन लेमोस, आइएम वालेरी लिलोव और एफएम सेबेस्टियन फेल जैसे कोच नियमित रूप से फ्री टिप्स देते हैं। आइचेस चैनल पर लगभग 1,000 से अधिक वीडियोज हैं।

आपकी मदद करेंगे पुलेला गोपीचंद: खिलाड़ियों के लिए मानसिक तौर पर मजबूत होना भी बहुत जरूरी होता है। अब नेशनल बैडमिंटन कोच पुलेला गोपीचंद 'ध्यान एप' के जरिए एथलीट्स को मानसिक रूप मजबूत बनाने के लिए हाजिर हैं। ध्यान एप में प्री और पोस्ट वर्कआउट जैसे 10 सेशन हैं, जो खासतौर पर एथलीट्स के लिए तैयार किए गए हैं। इसमें मेडिटेशन के लिए एक खास तरह की स्मार्ट रिंग की मदद ली जा सकती है, जो दिल की धड़कन को भी मापता है। यह रिंग तीन तरह से काम करती है जिसमें ब्रीथिंग, फोकस और रिलैक्सेशन शामिल है। एथलीट्स में एक चैंपियन की मानसिकता विकसित करने को ध्यान में रखते हुए इसे तैयार किया गया है। इसे गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड कर सकते हैं।

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