Shuarya Gatha: सीने में गोली लगने के बाद भी लड़ते रहे थे लांस नायक सुखबीर

पाकिस्तानी सैनिक घात लगाकर हमले कर रहे थे। 13 जून को पाकिस्तानी सैनिकों ने फायरिंग कर दी थी। सुखबीर सिंह ने साथियों को बचाने के लिए तत्काल जवाबी फायरिंग शुरू की और पाक सैनिकों की तरफ दौड़ पड़े थे। उसी दौरान उनके सीने में गाली लगी और घायल हो गए।

Prateek KumarThu, 29 Jul 2021 04:37 PM (IST)
23 साल की उम्र में उन्होंने देश के लिए शहादत दी, कारगिल युद्ध के दौरान द्रास सेक्टर में तैनात थे

नई दिल्ली, गोहाना (सोनीपत)। कारगिल युद्ध में लांस नायक सुखबीर सिंह द्रास सेक्टर में तैनात थे। जून, 1999 में इस सेक्टर में भारतीय और पाकिस्तानी सैनिकों में भयंकर युद्ध हुआ था। पाकिस्तानी सैनिक घात लगाकर हमले कर रहे थे। 13 जून को पाकिस्तानी सैनिकों ने फायरिंग कर दी थी। सुखबीर सिंह ने साथियों को बचाने के लिए तत्काल जवाबी फायरिंग शुरू की और पाक सैनिकों की तरफ दौड़ पड़े थे। उसी दौरान उनके सीने में गाली लगी और घायल हो गए। घायल होने के वे बावजूद लड़ते रहे थे और पाकिस्तानी सैनिकों को पीठ दिखाकर भागने को मजबूर कर दिया था। उन्होंने मात्र 23 साल की उम्र में देश के लिए शहादत दी।

कारगिल युद्ध के वक्त द्रास में थी उनकी ड्यूटी

गोहाना में गांव रुखी के सुखबीर सिंह का जन्म एक अप्रैल, 1976 को हुआ था। वे करीब 18 साल की उम्र में 27 दिसंबर, 1994 को सेना में भर्ती हो गए थे। कारगिल युद्ध में उनकी ड्यूटी द्रास सेक्टर में थे। वे 13 जून, 1999 को शहीद हो गए थे लेकिन शहादत से पूर्व उन्होंने जवाबी कार्रवाई में पाकिस्तानी सैनिकों को पीठ दिखा कर भागने पर मजबूर कर दिया था।

साथियों को भी सेना में भर्ती होने को करते थे प्रेरित

सुखबीर सिंह में बचपन से ही देशभक्ति का जज्बा भरा था। करीब 18 साल की उम्र में सेना में भर्ती हो गए। वे जब भी छुट्टी आते थे तो साथियों को भी सेना में भर्ती होकर देश की सेवा करने के लिए प्रेरित करते थे। आज भी परिवार वाले और गांव के लोग सुखबीर सिंह की शहादत को याद करते हैं तो उनकी आंखें नम हो जाती हैं। पत्नी चंदा देवी कहती हैं कि उनके पति सुखबीर सिंह हमेशा कहा करते थे वे देश के लिए कुर्बानी देने से कभी पीछे नहीं हटेंगे और देश के दुश्मनों के छक्के छुड़ा देंगे।

21 साल की उम्र में छूट गया था पति का साथ

सुखबीर जब शहीद हुए तब उनकी पत्नी चंदा देवी की उम्र करीब 21 साल की थी। उस समय उनका एक बेटा आशीष था और दूसरा बेटा गर्भ में था। जन्म के बाद दूसरे बेटे का नाम गौरव रखा गया। आशीष पुलिस में एसआइ भर्ती होने के तैयारी कर रहे हैं। वहीं गौरव दिल्ली विश्वविद्यालय में स्नातक की पढ़ाई कर रहे हैं।

डाउनलोड करें हमारी नई एप और पायें अपने शहर से जुड़ी हर जरुरी खबर!

रोमांचक गेम्स खेलें और जीतें
एक लाख रुपए तक कैश अभी खेलें

This website uses cookie or similar technologies, to enhance your browsing experience and provide personalised recommendations. By continuing to use our website, you agree to our Privacy Policy and Cookie Policy.