जानिए किन वजहों से दिल्ली-नोएडा के रास्ते पर लगता है जाम, वाहन चालक होते हैं परेशान

दिल्ली से रोजाना नोएडा आने-जाने वालों की राह आसान करने के लिए बनाया गया दिल्ली नोएडा डायरेक्ट (डीएनडी) फ्लाई-वे पिछले कुछ समय से वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। जहां सड़क कई जगहों से टूटी हुई है और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं।

Vinay Kumar TiwariThu, 02 Dec 2021 01:29 PM (IST)
रखरखाव व यातायात सुचारू बनाने के लिए जिम्मेदार एजेंसियां एक-दूसरे पर डाल देती है जिम्मेदारी।

नई दिल्ली/नोएडा, जागरण संवाददाता। दिल्ली से रोजाना नोएडा आने-जाने वालों की राह आसान करने के लिए बनाया गया दिल्ली नोएडा डायरेक्ट (डीएनडी) फ्लाई-वे पिछले कुछ समय से वाहन चालकों के लिए परेशानी का सबब बन रहा है। जहां सड़क कई जगहों से टूटी हुई है और जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं, वहीं इस पर नोएडा की ओर बने पुराने टोल बूथ के पास 32 लेन में से 18 को बैरिकेड लगाकर बंद कर दिया गया है, जिसके कारण यहां बाटलनेक की स्थिति बन जाती है और वाहनों की रफ्तार धीमी होने से चालकों को लंबे जाम की स्थिति का सामना करना पड़ रहा है। गड्ढों और बैरिकेड के कारण दिल्ली से नोएडा आने-जाने में वाहन चालकों की रफ्तार को ब्रेक लग रहा है, जो सुबह व शाम भारी यातायात के समय उनकी परेशानी को और बढ़ा देता है।

डीएनडी पर कई स्थानों पर स्ट्रीट लाइट खराब होने के कारण भी हादसे की आशंका बनी रहती है। डीएनडी के रखरखाव और इस पर सुचारू यातायात के लिए जिम्मेदार दिल्ली व नोएडा की संबंधित एजेंसियां वाहन चालकों की परेशानी दूर करने की कोशिश करने के बजाय सिर्फ एक-दूसरे पर जिम्मेदारी डालकर पल्ला झाड़ती नजर आती हैं।

200 से अधिक गड्ढे

डीएनडी पर किलोकरी से लेकर टोल बूथ तक आने और जाने वाले दोनों मार्गों पर जगह-जगह गढ्ढे हो गए हैं। पूरे मार्ग पर छोटे-बड़े 200 से अधिक गढ्ढे हैं। क्षतिग्रस्त सड़क के कारण यातायात धीमी गति से चलता है। नोएडा से दिल्ली आने व जाने वाले हजारों वाहन चालकों को इस जाम से रोज जूझना पड़ता है। सड़क पर गड्ढों के कारण यातायात तो प्रभावित होता ही है, वाहनों के फिसलने और अनियंत्रित होने का खतरा भी बना रहता है।

पुराने टोल प्लाजा की आधे से अधिक लेन बंद

छह किलोमीटर की लंबाई वाला डीएनडी फ्लाई-वे आठ लेन का है। दोनों तरफ चार-चार लेन हैं, लेकिन नोएडा की ओर पुराने टोल प्लाजा के पास सड़क 32 लेन की हो जाती है। इनमें से मौजूदा समय में 18 लेन बंद हैं, जबकि मात्र 14 खुली हुई हैं। खुली हुई लेन में से तीन-तीन लेन आने और जाने के लिए खुली हैं, जबकि दो-दो लेन को यू टर्न के लिए खोला गया है। एक-एक लेन दोपहिया वाहनों के लिए खोली गई है और नोएडा से दिल्ली को जाने वाले मार्ग पर दो टोल बूथ पर एमसीडी की टोल वसूली होती है। लेन बंद होने को लेकर जब जिम्मेदारों से सवाल किया गया तो उन्होंने कहा कि भारी यातायात के कारण दुर्घटना की संभावना प्रबल होने के कारण दो साल पहले कई लेन बंद कर दी गई हैं।

यमुना पुल पर एमसीडी के बैरियर से लगता है जाम

डीएनडी पर स्थित यमुना पुल पर दिल्ली नगर निगम (एमसीडी) का बैरियर लगाया जाता है, जिससे महामाया फ्लाईओवर तक यातायात जाम की समस्या हो जाती है। नोएडा की ओर से चार लेन का ट्रैफिक जाता है, लेकिन वहां पहुंचते ही यह दो लेन में तब्दील हो जाता है। ऐसे में वहां यातायात जाम की समस्या होने लगती है। नोएडा के यातायात निरीक्षक आशुतोष सिंह का कहना है कि एमसीडी के बैरियर के कारण लगने वाले यातायात जाम को लेकर एमसीडी और अन्य जिम्मेदार एजेंसियों को पत्र लिखा गया है। उन्हें दिल्ली जाने वाले वाहनों को दो और लेन देने के बारे में कहा गया है।

दक्षिणी दिल्ली नगर निगम के महापौर मुकेश सुर्यान का कहना है कि वहां यातायात जाम की वजह दो लेन कम होना नहीं, बल्कि व्यावसायिक वाहनों का आरएफआइडी टैग से भुगतान न किया जाना है। कई व्यावसायिक वाहन चालक आरएफआइडी टैग नहीं ले रहे हैं। ऐसे में नकद भुगतान के कारण वहां यातायात जाम की स्थिति पैदा होती है। दिल्ली में ऐसे 800 वाहनों का परमिट रद करने के लिए परिवहन विभाग को पत्र लिखा गया है।

दिल्ली के क्षेत्र में डीएनडी पर खराब पड़ी हैं स्ट्रीट लाइटें

डीएनडी का जो हिस्सा दिल्ली के क्षेत्र में पड़ता है, वहां पूरे क्षेत्र में 80 प्रतिशत स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। रात के समय वाहनों की हेडलाइट से ही मार्ग पर रोशनी होती है। इस दौरान कई बार सुबह के समय साइकिल चालक वाहनों की चपेट में भी आ चुके हैं। अंधेरा होने की वजह से डीएनडी से बारापुला और सराय काले खां जाने वाले लूप पर भी लोग भ्रमित हो जाते हैं।

गश्त करने वालों का भी नहीं जाता ध्यान

डीएनडी पर दिल्ली की ओर के हिस्से पर दक्षिण पूर्वी जिले की सनलाइट कालोनी थाना पुलिस गश्त करती है। गश्त के दौरान कई बार क्षतिग्रस्त सड़क से गुजरने के बावजूद पुलिस टीम ने कभी भी जिम्मेदार संस्था को इस ओर ध्यान नहीं दिलाया, जिसके चलते पिछले काफी समय से लोगों को टूटी सड़क से गुजरना पड़ रहा है। पुलिस उपायुक्त (यातायात) डा. रामगोपाल नाइक का कहना है कि नोएडा पुलिस से कई बार अनुरोध किया गया है कि वह सभी लेन सुचारू रूप से संचालित करे, ताकि दिल्ली से आने वाले वाहन चालकों को जाम से निजात मिल सके।

अधिकारी का जवाब

डीएनडी पर स्ट्रीट लाइट की किसी भी प्रकार की समस्या को लेकर जिम्मेदार एजेंसी नोएडा टोल ब्रिज कंपनी लिमिटेड को पत्र लिखकर सूचित किया जाता है। डीएनडी प्रबंधन की ओर से स्ट्रीट लाइट की मरम्मत का काम देखा जाता है। सड़क की मरम्मत का काम भी इसी एजेंसी की ओर से देखा जाता है।

-निजामुद्दीन, वरिष्ठ प्रबंधक, विद्युत एवं यांत्रिकी विभाग, नोएडा प्राधिकरण

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सड़क को दुरुस्त करने का कम चल रहा है। यह हमारी लगातार चलने वाली प्रक्रिया है और हमेशा चलती रहती है। इस कार्य के दौरान यातायात बाधित न हो, इसके लिए सभी जरूरी साधन जुटाए जाते हैं। सुरक्षा के लिए गार्ड की तैनाती भी होती है, जिससे सुरक्षित तरीके से काम को पूरा किया जा सके।

-डीएनडी प्रबंधन

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निर्माण कार्य से गायब चेतावनी बोर्ड दे रहे हादसों को न्योता

मथुरा रोड और डीएनडी पर जाम की समस्या को दूर करने के लिए आश्रम फ्लाई-वे एक्सटेंशन का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कार्य के दौरान निर्माण स्थल पर चेतावनी बोर्ड व लाइट लगाने और अन्य जरूरी उपाय किए जाने के निर्देश हैं। इसके लिए सेफ्टी टीम काम करती है, लेकिन डीएनडी पर नोएडा से दिल्ली आने वाली लेन पर निर्माण स्थल के पास स्ट्रीट लाइट भी बंद पड़ी हैं और कोई चेतावनी बोर्ड या लाइट नहीं लगाई गई है। इसके कारण किसी भी समय हादसा होने की आशंका बनी रहती है।

वहीं, डीएनडी से बारापुला पर चढ़ने वाले लूप पर भी कहीं कोई संकेतक नहीं लगाया गया है, जिसके कारण रात में वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ता है। निर्माण स्थलों पर सुरक्षा के लिए पूरी सेफ्टी टीम की तैनाती की जाती है, जो निर्माण स्थल से कुछ दूरी पर लाइट, डायवर्जन चिह्न समेत सुरक्षा के कई अन्य उपाय करती है। जैसे-जैसे निर्माण कार्य आगे बढ़ता है। सुरक्षा उपकरण व चिह्न भी आगे बढ़ते जाते हैं। दिल्ली में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) द्वारा आश्रम फ्लाई-वे एक्सटेंशन निर्माण कार्य कराया जा रहा है।

पीडब्ल्यूडी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि निर्माण स्थल पर संकेतक लगाने का काम सेफ्टी टीम लगातार करती रहती है। वर्तमान में काम बंद होने के कारण संभवत: चूक के चलते ये नहीं लग पाए हैं। सूचना मिली है तो इसे तुरंत दुरस्त कराया जाएगा। स्ट्रीट लाइट के रखरखाव का काम डीएनडी अथारिटी का है, उन्हें भी सूचना दे दी जाएगी।

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