Ramlila Stage Guideline: प्रशासन ने रुकवाया रामलीला का मंचन, दर्शक बोले हमारा क्या कसूर

पूर्वी दिल्ली में बंद करवाई गई रामलीला।
Publish Date:Wed, 21 Oct 2020 07:55 PM (IST) Author: JP Yadav

नई दिल्ली [शुजाउद्दीन]। दिल्ली सरकार ने सख्त दिशा निर्देशों के साथ कोरोनाकाल में रामलीला के मंचन की अनुमति दी है। इन निर्देशों का पालन करवाने में शाहदरा जिला प्रशासन फेल साबित हो रहा है। प्रशासन की नाक के नीचे जीटीबी एंक्लेव में डीडीए ग्राउंड में फूड स्टॉल और छोटे बच्चों के झुलों के साथ रामलीला का मंचन हो रहा था, जबकि सरकार ने इन्हीं दोनों चीजों को प्रतिबंधित किया हुआ है।

रामलीला में पहुंचे लोगों ने जब खान पान और झूलों के साथ अपनी फोटो सोशल मीडिया मसलन फेसबुक और वाट्सएप पर शेयर की, तो प्रशासन की नींद टूटी और रामलीला के चौथे दिन मौके पर पहुंचकर मंचन रुकवाया। मंगलवार रात प्रशासन व पुलिस की टीम मौके पर पहुंचीं और आनन फानन में मंचन को बीच में रुकवाकर सामान को सील कर दिया। अचानक हुई इस कार्रवाई से लोग हक्का बक्का रह गए। इससे पहले कलाकारों को मंच से उतारा गया। दर्शकों को पुलिस ने बाहर का रास्ता दिखाया। प्रशासन का कहना है कि बिना अनुमति के समिति रामलीला कर रही थी। ऐसे में सवाल यह भी उठता है कि एक तरफ तो प्रशासन दावा कर रहा है कोरोना के नियमों का सख्ती से पालन करवाने के लिए कई टीमों का गठन किया हुआ है, अगर प्रशासन गंभीर है तो उसे इतने बड़े कार्यक्रम में स्टॉल और झूले नहीं दिखे। वहीं, ज्यादातर दर्शकों का कहना है कि उन्हें रामलीला से जुड़ा गाइडलाइन के बारे में जानकारी ही नहीं है।

हरिश रावत (महासचिव, श्रीरामलीला समिति जीटीबी एंक्लेव) का कहना है कि पुलिस, प्रशासन सहित अन्य विभाग को अनुमति के लिए आवेदन सयम पर किया गया था। सरकारी निर्देशों का पालन करवाते हुए रामलीला की जा रही थी, लीला के चार दिन पूरी होने के बाद सरकारी विभागों का कहना है कि अनुमति नहीं ली। अगर अनुमति थी नहीं तो चार दिन कैसे रामलीला हो गई। झूले व स्टॉल के लिए समिति के पदाधिकारियों ने अधिकारियों से माफी भी मांगी थी। 

वहीं, पंकज भटनागर (एसडीएम, सीमापुरी) का कहना है कि समिति के पास रामलीला की अनुमति नहीं थी, इसलिए प्रशासन ने बंद करवा दी गई है। अनुमति के लिए आवेदन कब किया था यह देखा जा रहा है।  

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