जितेंद्र उर्फ गोगी, सात लाख का इनामी गैंगस्टर, दिल्ली और हरियाणा पुलिस की नाक में कर रखा था दम

राजधानी दिल्ली के अलग-अलग इलाके में कई गैंगस्टर एक्टिव हैं इनमें से अब कुछ जेल की सलाखों के पीछे हैं और कुछ एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। दिल्ली पुलिस ने टाप टेन गैंगस्टरों की लिस्ट बना रखी है जिसमें जितेंद्र उर्फ गोगी टाप टेन में शामिल था।

Vinay Kumar TiwariFri, 24 Sep 2021 06:09 PM (IST)
दिल्ली पुलिस ने टाप टेन गैंगस्टरों की लिस्ट बना रखी है, जितेंद्र उर्फ गोगी टाप टेन में शामिल था।

नई दिल्ली, विनय तिवारी। राजधानी दिल्ली के अलग-अलग इलाके में कई गैंगस्टर एक्टिव हैं, इनमें से अब कुछ जेल की सलाखों के पीछे हैं और कुछ एनकाउंटर में मारे जा चुके हैं। दिल्ली पुलिस ने टाप टेन गैंगस्टरों की लिस्ट बना रखी है जिसमें जितेंद्र उर्फ गोगी टाप टेन में शामिल था। शुक्रवार को रोहिणी कोर्ट में दूसरे गिरोह के बदमाशों ने जितेंद्र उर्फ गोगी को गोली मार दी और वो पुलिस की गोलियों का शिकार हो गए।

जितेंद्र उर्फ गोगी दिल्ली के अलीपुर गांव का रहने वाला था। वो दिल्ली विश्वविद्यालय के अंतर्गत आने वाले स्वामी श्रद्धानंद कालेज में पढ़ाई करता था, इसी दौरान उसकी दुश्मनी टिल्लू से हो गई थी। उसके बाद दोनों ने अपने-अपने गैंग बना लिए और एक दूसरे से दुश्मनी रखने लगे। गैंगस्टर बनने से पहले जितेंद्र कालेज में सिर्फ धाक जमाने के लिए दोनों बदमाशी करते थे। उसके बाद ये अपराध की दुनिया में उतर गए, फिर इन्होंने पीछे मुड़कर नहीं देखा। जितेन्द्र उर्फ गोगी और टिल्लू ताजपुरी ने गैंग बना लिया और मौका मिलने पर एक- दूसरे की पिटाई करने लगे। इसके बाद गैंगवार का सिलसिला शुरू हो गया। जितेंद्र गोगी पर हत्या, लूटपाट, जमीन कब्जाने जैसे दर्जनों मामले दर्ज हैं। दिल्ली पुलिस ने वर्ष 2016 में गोगी को गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि, वह कस्टडी से फरार हो गया था। एक समय उस पर चार लाख का इनाम रखा गया था। हालांकि, दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने गिरफ्तार कर लिया।

गोगी की गिनती दिल्ली के टॉप-5 बदमाशों में होती थी। इसके बराबर के गैंगस्टर नीतू दाबोदिया को स्पेशल सेल दस साल पहले मुठभेड़ में मार चुकी है। इसी तरह से गैंगस्टर नीरज बावानिया और सुनील उर्फ टिल्लू ताजपुरिया जेल में है। पुलिस के अनुसार गोगी पिछले छह सालों से काफी सक्रिय था। अकेले गोगी पर दिल्ली पुलिस की तरफ से चार लाख व हरियाणा पुलिस की तरफ से ढाई लाख का इनाम था। इस गिरोह की पहचान यह है कि रंगदारी न देने व अन्य किसी कारण गोगी गिरोह जब किसी को निशाना बनाता था तो उसे दर्जनों गोलियां मार मौके पर मौत के घाट उतार देता था।

गोगी को गिरफ्तार करने के लिए सेल की टीम तीन महीने से उसके मूवमेंट पर तकनीकी सर्विलांस सहित अन्य माध्यम से नज़र रख रही थी तब जाकर 2 मार्च 2020 को सेल को सफलता मिली थी। गिरफ्तारी से पूर्व चार साल तक गोगी दिल्ली, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश में अलग-अलग जगहों पर छिपता फिर रहा था। दिल्ली के साथ ही हरियाणा की पुलिस को भी कई मामलों में गोगी की तलाश थी। गोगी पर दिल्ली में दो और हरियाणा में चार लाख रुपये का इनाम घोषित था।

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