दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शेयरिंग कैब खोजने से पहले जान लें यह बात, नहीं तो हो सकता है आपके साथ धोखा

शेयरिंग कैब में सफर करने वालों के लिए जरूरी खबर है। अगर आप अनजान जगह पर हैं तो इस तरह की शेयरिंग कैब को हायर करने से पहले सचेत रहें।

By Prateek KumarEdited By: Publish:Tue, 18 Feb 2020 10:55 PM (IST) Updated:Tue, 18 Feb 2020 10:57 PM (IST)
दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शेयरिंग कैब खोजने से पहले जान लें यह बात, नहीं तो हो सकता है आपके साथ धोखा
दिल्ली रेलवे स्टेशन पर शेयरिंग कैब खोजने से पहले जान लें यह बात, नहीं तो हो सकता है आपके साथ धोखा

नई दिल्ली, जागरण संवाददाता।  अगर आप कहीं बाहर से दिल्‍ली आ रहे हैं। दिल्‍ली रेलवे स्‍टेशन पर उतर कर शेयरिंग कैब को खोज रहे हैं तो सचेत हो जाएं। कहीं कम पैसे के चक्‍कर में आपके साथ धोखा ना हो जाए। दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने शेयरिंग कैब में सफर करने वाले यात्रियों से लूटपाट करने वाले तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपित मोहम्मद दुलार उर्फ दिलावर, अमीर पासवान और सुनील पासवान ने दिल्ली-एनसीआर में लूटपाट की 100 से ज्यादा वारदात को अंजाम दिया है।

मोहम्मद दुलार मूल रूप से बिहार के सीतामढ़ी, जबकि अमीर पासवान और सुनील पासवान मुजफ्फरपुर के रहने वाले हैं। आरोपित दिल्ली के रेलवे स्टेशन व बस अड्डे पर लंबी दूरी से आने वाले यात्रियों को शेयरिंग कैब बैठाकर उनसे लूटपाट करते थे।

बदमाशों ने 10 फरवरी को मुंबई से दिल्ली आए रेलवे पुलिस फोर्स (आरपीएफ) के एक जवान के साथ भी वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपितों के पास से लोगों के लूटे गए छह मोबाइल फोन, एक लैपटाप व सोने की चेन सहित घटना में प्रयुक्त कार को बरामद किया है। क्राइम ब्रांच के डीसीपी डॉ. राम गोपाल नाइक ने बताया कि आरपीएफ के जवान रविंद्र सिंह मुंबई में तैनात हैं। वह 10 फरवरी को ट्रेन से मुंबई से हजरत निजामुद्दीन रेलवे स्टेशन पर आए थे। उन्हें मेरठ जाना था। वे स्टेशन के बाहर वाहन का इंतजार कर रहे थे।

तभी वहां एक सेंट्रो कार आकर रुकी। चालक ने अन्य यात्रियों के साथ मेरठ पहुंचाने का झांसा दिया। कार में पहले से यात्री के रूप में दो लोग मौजूद थे। जवान के कार में सवार होते ही बदमाशों ने चलती कार में उनके पास मौजूद नकदी व सामान लूट लिए। वहीं, उनके डेबिट कार्ड से गहने की खरीददारी के अलावा एटीएम से जवान रुपये भी निकाल लिए। बाद में बदमाश पीड़ित को बवाना इंडस्टियल इलाके में छोड़कर फरार हो गए। इस संबध में पटपड़गंज थाने में मुकदमा दर्ज किया गया।

वहीं, क्राइम ब्रांच के इंस्पेक्टर दिनेश कुमार की टीम भी मामले की जांच कर रही थी। छानबीन के दौरान पुलिस को पता चला कि दिलावर गिरोह ने घटना को अंजाम दिया है। तकनीकी सर्विलांस से यह भी जानकारी मिली कि गिरोह के बदमाश शालिमार बाग इलाके में मौजूद हैं। जिसके बाद तीनों आरोपितों को धर दबोचा गया।

पूछताछ में पता चला कि बदमाश शिकार की तलाश में दिल्ली के रेलवे स्टेशन और बस अड्डे पर सक्रिय रहते थे। वे यात्री को पीछे की सीट पर बीच में बिठाते थे। जबकि दिलावर कार चलाता था। बाद में यात्री से लूटपाट कर बदमाश उन्हें सुनसान स्थान पर छोड़ फरार हो जाते थे।

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