जानिए किसके आदेश के बाद पुलिस बैरिकेड पर लटके लखबीर के शव को उतारने में हो पाई थी कामयाब, कितने घंटे करना पड़ा था इंतजार

हाथ-पैर काटकर पैर बांधकर रस्सी पर लटकाकर तड़पाना मौत हो जाने पर चौराहे पर लाकर पुलिस बैरिकेड पर लटकाना और इस नृशंस घटना की वीडियो बनाकर वायरल करना किसी आतंकी संगठन या तालिबानियों से अधिक क्रूरतम हरकत थी। इस घटना को अंजाम दिया था

Vinay Kumar TiwariMon, 18 Oct 2021 04:28 PM (IST)
कुंडली बार्डर स्थित घटना का इल्जाम निहंगों पर लगा था।

दिल्ली/सोनीपत, जागरण संवाददाता। देश की जघन्यतम वारदातों में शामिल लखबीर हत्याकांड में पुलिस की कार्रवाई निहंगों के रहमो-करम पर चल रही है। पुलिस आरोपितों से न तो अपराधियों की तरह व्यवहार कर सकी है और न ही प्रभावी कार्रवाई की हिम्मत जुटा पा रही है। नृशंस हत्या होने के बावजूद जिस प्रकार आरोपितों का महिमामंडन किया जा रहा है और पुलिस तमाशबीन बनी हुई है। उसका समाज में बड़ा गलत संदेश जा रहा है।

हाथ-पैर काटकर पैर बांधकर रस्सी पर लटकाकर तड़पाना, मौत हो जाने पर चौराहे पर लाकर पुलिस बैरिकेड पर लटकाना और इस नृशंस घटना की वीडियो बनाकर वायरल करना किसी आतंकी संगठन या तालिबानियों से अधिक क्रूरतम हरकत थी। इस घटना को अंजाम दिया था सेवा और दया के प्रतीक गुरु के निहंग सिंहों में छिपे कुछ शातिर अपराधियों ने। इस घटना के वीडियो जिसने देखे, वहीं हतप्रभ रह गया। यदि कोई शांत था, तो कानून व्यवस्था के लिए जिम्मेदार पुलिस अधिकारी। चौराहे पर शव लटका हुआ था और सौ मीटर की दूरी पर पुलिस तमाशबीन खड़ी थी। निहंगों ने स्पष्ट किया था कि हमारे गुरु का आदेश होगा, तभी शव को उतारने दिया जाएगा।

हुआ भी यही, पुलिस को दो घंटे इंतजार करने के बाद शव उतारने दिया। हत्या करने वाले वीडियो में नारेबाजी करते दिख रहे थे। फिर भी पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की। लोगों का मानना था कि अभी पुलिस बल की कमी होगी, वरिष्ठ अधिकारियों के आने का इंतजार होगा। एडीजीसी, डीसी और एसपी सभी पहुंचे। चार कंपनी अर्धसैनिक बल और भारी संख्या में पुलिस बल पहुंचा। उसके बाद शुरू हुआ पुलिस का कार्रवाई पर मंथन। निहंगों के टेंट में संदेश भेजा गया। हत्यारों को सम्मान सहित लाने व रखने का भरोसा दिया गया। निहंगों ने पुलिस प्रस्ताव पर मंथन करने के लिए समय मांगा। शाम को एक हत्यारोपित सरबजीत को सम्मानित करते हुए पुलिस को सौंपा गया। पहले उसे सम्मानित जनों को भेंट किया जाना वाला सिरोपा पहनाया गया। स्वागत यात्र निकाली गई और इसके बाद सरेंडर कराया गया।

शनिवार को अन्य दो हत्यारोपितों की भी सम्मान यात्र निकाली गई और सिरोपा पहने सरेंडर कराया गया। तीन दिन बाद भी हरियाणा पुलिस एक भी आरोपित को गिरफ्तार नहीं कर सकी है। सभी ने अपनी इच्छा से सरेंडर किया है। सरबजीत ने कहा कि वह आठ लोग थे, पुलिस ने मान लिया। अब दूसरे ने कहा कि वे तो चार थे। इस बर्बर हत्याकांड में पुलिस आरोपितों के निर्देशों का अनुशरण कर रही है।

कानून व्यवस्था व जांच अधिकारी का बयान

पुलिस हत्या के आरोपितों को गिरफ्तार करने के लिए जी-जान लगा रही है। बिना दबाव के कोई आरोपित सरेंडर नहीं करता। आरोपितों ने बर्बरतापूर्ण हत्या की है, उन्हें इसकी सजा जरूर मिलेगी। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। हत्या के दिन से ही कई टीमें इसमें दिन-रात लगी हैं।

- वीरेंद्र सिंह, डीएसपी कानून व्यवस्था व जांच अधिकारी

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